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Pilibhit News: दो पुलों का निर्माण लटका, तीन पुलिया खोद कर छोड़ दीं, परेशानी से जूझ रहे लोग
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बंद पड़ा कलीनगर पुल। संवाद
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पीलीभीत। खटीमा और पीलीभीत मुख्यालय को जोड़ने वाले डगा और कलीनगर पुलों के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद एक माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य लटकने से करीब दो लाख की आबादी डेढ़ साल से परेशान है। मुख्यालय से जोड़ने वाले माधोटांडा मार्ग पर पुलियों के निर्माण में देरी ने भी राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
एक तो पहले से बंद पड़े पुलों के कारण लंबा फेरे लगाना लोगों की मजबूरी है। वहीं, मुख्यालय से जोड़ने वाले माधोटांडा मार्ग पर दो पुलियों के निर्माण ने हालात और खराब कर दिए हैं। पुलिया खोदकर छोड़ दी हैं। इससे राहगीरों के साथ पीटीआर के पर्यटन स्थल आने वाले सैलानी भी परेशान हैं। जिले की बड़ी आबादी को मुख्यालय और उत्तराखंड से जोड़ने वाला डगा और कलीनगर पुल करीब डेढ़ साल पूर्व दरारें पड़ने के बाद बंद कर दिया गया था।
ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए इन दोनों पुलों की मियाद भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से मियाद पूरी होने से पूर्व पुलों की मरम्मत और निर्माण को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। नतीजतन दरारें पड़ने के बाद पुलों के बंद होने से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हो गई। खटीमा का संपर्क भी मुश्किल हो गया। पीलीभीत मुख्यालय आने के लिए भी लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। कार सवार राहगीर इन पुलों से करीब तीन किलोमीटर का अधिक फेर लगाकर चित्तरपुर पुल से होकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई।
इधर, लंबे समय से बनी समस्या के बाद क्षेत्रीय लोगों की मांग पर जनप्रतिनिधियों ने पैरवी शुरू की। विधायक बाबूराम पासवान और केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास के बाद पिछले माह शासन ने डगा और कलीनगर पुल के निर्माण के लिए 50 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द पुलों पर निर्माण की दिशा में प्रयास शुरू किए जाएंगे, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है। संवाद
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माधोटांडा मार्ग पर चार पुलियों के निर्माण की गति धीमी
जिला मुख्यालय को पीटीआर से जोड़ने वाला माधोटांडा मार्ग की स्थिति को वैसे ठीक है, लेकिन पुल-पुलियों की खस्ता हालत के चलते राहगीरों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से पूर्व में इस मार्ग पर बाढ़ के दौरान कटी दो पुलियों का निर्माण शुरू कराया गया। जमुनिया के पास वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी पुलिया का कार्य सिर्फ खोदाई तक सीमित है। पिछले दिनों इस मार्ग पर गांव कल्यानपुर नौगवां के समीप पुलिया का निर्माण शुरू कराया। थोड़ा आगे बढ़ने पर एक अन्य पुलिया का निर्माण भी शुरू कराया है। यहां पर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी सही नहीं कराया है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। संवाद
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डगा और कलीनगर पुल को स्वीकृत मिल गई है। निर्माण की प्रक्रिया सेतु निगम के अधीन है। माधोटांडा मार्ग पर एक पुलिया का निर्माण पूरा हो गया। अन्य का भी बरसात से पूर्व ही निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। -राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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एक तो पहले से बंद पड़े पुलों के कारण लंबा फेरे लगाना लोगों की मजबूरी है। वहीं, मुख्यालय से जोड़ने वाले माधोटांडा मार्ग पर दो पुलियों के निर्माण ने हालात और खराब कर दिए हैं। पुलिया खोदकर छोड़ दी हैं। इससे राहगीरों के साथ पीटीआर के पर्यटन स्थल आने वाले सैलानी भी परेशान हैं। जिले की बड़ी आबादी को मुख्यालय और उत्तराखंड से जोड़ने वाला डगा और कलीनगर पुल करीब डेढ़ साल पूर्व दरारें पड़ने के बाद बंद कर दिया गया था।
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ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए इन दोनों पुलों की मियाद भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से मियाद पूरी होने से पूर्व पुलों की मरम्मत और निर्माण को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। नतीजतन दरारें पड़ने के बाद पुलों के बंद होने से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हो गई। खटीमा का संपर्क भी मुश्किल हो गया। पीलीभीत मुख्यालय आने के लिए भी लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। कार सवार राहगीर इन पुलों से करीब तीन किलोमीटर का अधिक फेर लगाकर चित्तरपुर पुल से होकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई।
इधर, लंबे समय से बनी समस्या के बाद क्षेत्रीय लोगों की मांग पर जनप्रतिनिधियों ने पैरवी शुरू की। विधायक बाबूराम पासवान और केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास के बाद पिछले माह शासन ने डगा और कलीनगर पुल के निर्माण के लिए 50 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द पुलों पर निर्माण की दिशा में प्रयास शुरू किए जाएंगे, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है। संवाद
माधोटांडा मार्ग पर चार पुलियों के निर्माण की गति धीमी
जिला मुख्यालय को पीटीआर से जोड़ने वाला माधोटांडा मार्ग की स्थिति को वैसे ठीक है, लेकिन पुल-पुलियों की खस्ता हालत के चलते राहगीरों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से पूर्व में इस मार्ग पर बाढ़ के दौरान कटी दो पुलियों का निर्माण शुरू कराया गया। जमुनिया के पास वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी पुलिया का कार्य सिर्फ खोदाई तक सीमित है। पिछले दिनों इस मार्ग पर गांव कल्यानपुर नौगवां के समीप पुलिया का निर्माण शुरू कराया। थोड़ा आगे बढ़ने पर एक अन्य पुलिया का निर्माण भी शुरू कराया है। यहां पर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी सही नहीं कराया है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। संवाद
डगा और कलीनगर पुल को स्वीकृत मिल गई है। निर्माण की प्रक्रिया सेतु निगम के अधीन है। माधोटांडा मार्ग पर एक पुलिया का निर्माण पूरा हो गया। अन्य का भी बरसात से पूर्व ही निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। -राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

बंद पड़ा कलीनगर पुल। संवाद

बंद पड़ा कलीनगर पुल। संवाद

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