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Pilibhit News: वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के संचालन को मिली रफ्तार, रेंजर समेत 14 पदों के लिए मंजूरी
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पीलीभीत। पीटीआर और आसपास के क्षेत्रों में घायल, बीमार या भटके हुए वन्यजीवों के उपचार व पुनर्वास की व्यवस्था अब जिले में ही उपलब्ध होने जा रही है। शासन ने निर्माणाधीन वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के संचालन के लिए रेंजर समेत 14 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही रेस्क्यू सेंटर को जल्द शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि चार अगस्त को प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक में संचालन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पूरनपुर रेंज स्थित गोपालपुर जंगल में करीब 14.33 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इस केंद्र के शुरू होने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में घायल होने वाले या आबादी में भटककर पहुंचने वाले बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को उपचार और देखभाल के लिए लखनऊ या कानपुर के चिड़ियाघरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेस्क्यू सेंटर का निर्माण चार चरणों में कराया जा रहा है।
वर्ष 2022-23 में शुरू हुए पहले तीन चरणों में रेस्क्यू पुनर्वास केंद्र, अस्पताल, खाद्य भंडार, पोस्टमार्टम कक्ष, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, बाउंड्रीवाल, सीवर लाइन और सब स्टेशन समेत अन्य आवश्यक निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। चौथे और अंतिम चरण के लिए इसी वर्ष जनवरी में शासन ने 90.43 लाख रुपये की धनराशि जारी की थी। वर्तमान में अंतिम चरण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। कुछ माह पहले प्रमुख सचिव (वन) वी. हेकाली झिमोमी ने निर्माणाधीन रेस्क्यू सेंटर का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। शासन स्तर से भी परियोजना की लगातार समीक्षा की जा रही है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार रेस्क्यू सेंटर में विभागीय तैनाती के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। स्वीकृत पदों में रेंजर, वन दरोगा और वन रक्षक के एक-एक पद पर विभागीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा 11 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे। इनमें एक वेटेनरी फार्मासिस्ट, एक हेड कीपर, छह कीपर तथा तीन स्वीपर/सफाई नायक/बाड़ा सहायक शामिल हैं। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी वन्यजीवों के उपचार, देखभाल, भोजन व्यवस्था और रेस्क्यू सेंटर के रखरखाव की होगी। संवाद
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पूरनपुर रेंज स्थित गोपालपुर जंगल में करीब 14.33 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इस केंद्र के शुरू होने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में घायल होने वाले या आबादी में भटककर पहुंचने वाले बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को उपचार और देखभाल के लिए लखनऊ या कानपुर के चिड़ियाघरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेस्क्यू सेंटर का निर्माण चार चरणों में कराया जा रहा है।
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वर्ष 2022-23 में शुरू हुए पहले तीन चरणों में रेस्क्यू पुनर्वास केंद्र, अस्पताल, खाद्य भंडार, पोस्टमार्टम कक्ष, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, बाउंड्रीवाल, सीवर लाइन और सब स्टेशन समेत अन्य आवश्यक निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। चौथे और अंतिम चरण के लिए इसी वर्ष जनवरी में शासन ने 90.43 लाख रुपये की धनराशि जारी की थी। वर्तमान में अंतिम चरण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। कुछ माह पहले प्रमुख सचिव (वन) वी. हेकाली झिमोमी ने निर्माणाधीन रेस्क्यू सेंटर का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। शासन स्तर से भी परियोजना की लगातार समीक्षा की जा रही है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार रेस्क्यू सेंटर में विभागीय तैनाती के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। स्वीकृत पदों में रेंजर, वन दरोगा और वन रक्षक के एक-एक पद पर विभागीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा 11 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे। इनमें एक वेटेनरी फार्मासिस्ट, एक हेड कीपर, छह कीपर तथा तीन स्वीपर/सफाई नायक/बाड़ा सहायक शामिल हैं। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी वन्यजीवों के उपचार, देखभाल, भोजन व्यवस्था और रेस्क्यू सेंटर के रखरखाव की होगी। संवाद