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Pilibhit News: स्वरोजगार योजनाओं से महिलाएं हुईं सशक्त, नौ साल में 4215 को मिला लाभ
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विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सबसे आगे, प्रशिक्षण से लेकर ऋण तक में मिली मदद
पीलीभीत। जिले में संचालित स्वरोजगार योजनाओं से महिलाएं सशक्त हुई हैं। नौ साल में 4215 महिलाओं की तस्वीर बदल गई। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग व व्यवसाय कर नई इबारत ही नहीं लिख रही हैं बल्कि समाज को भी नई दिशा दे रही हैं। ये आंकड़े सरकार द्वारा संचालित योजनाएं बता रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मार्जिन मनी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग योजनाओं के माध्यम से 4215 महिलाओं को लाभांवित किया गया। इनमें सबसे अधिक लाभार्थी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की रहीं। आंकड़ों के अनुसार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत नौ वर्षों में 3085 महिलाओं को प्रशिक्षण, टूलकिट और स्वरोजगार से जोड़ने का अवसर मिला। इसके अलावा ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना से 565, अनुसूचित जाति/जनजाति योजना से 285, अन्य पिछड़ा वर्ग योजना से 124, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से 117 और ओडीओपी मार्जिन मनी योजना से 39 महिलाओं को लाभ मिला।
इस तरह बढ़ गई महिलाओं की संख्या
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017-18 में जहां विश्वकर्मा योजना से केवल 45 महिलाओं को लाभ मिला था। वहीं, 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 660 और 2025-26 में 666 तक पहुंच गई। योजना के प्रति महिलाओं की रुचि और विभागीय प्रयास लगातार बढ़े हैं। ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत भी हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं को विभिन्न पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर छोटे उद्योग और व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया गया।
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अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। संवाद
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महिलाओं को सशक्त बनाए जाने के लिए प्रशिक्षण देकर उनके द्वारा उद्योग स्थापित कराए जा रहे हैं। हर वर्ष यह आंकड़ा बढ़ रहा है। चार हजार से अधिक महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभांवित किया जा चुका है।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग।
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पीलीभीत। जिले में संचालित स्वरोजगार योजनाओं से महिलाएं सशक्त हुई हैं। नौ साल में 4215 महिलाओं की तस्वीर बदल गई। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग व व्यवसाय कर नई इबारत ही नहीं लिख रही हैं बल्कि समाज को भी नई दिशा दे रही हैं। ये आंकड़े सरकार द्वारा संचालित योजनाएं बता रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मार्जिन मनी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग योजनाओं के माध्यम से 4215 महिलाओं को लाभांवित किया गया। इनमें सबसे अधिक लाभार्थी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की रहीं। आंकड़ों के अनुसार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत नौ वर्षों में 3085 महिलाओं को प्रशिक्षण, टूलकिट और स्वरोजगार से जोड़ने का अवसर मिला। इसके अलावा ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना से 565, अनुसूचित जाति/जनजाति योजना से 285, अन्य पिछड़ा वर्ग योजना से 124, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से 117 और ओडीओपी मार्जिन मनी योजना से 39 महिलाओं को लाभ मिला।
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इस तरह बढ़ गई महिलाओं की संख्या
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017-18 में जहां विश्वकर्मा योजना से केवल 45 महिलाओं को लाभ मिला था। वहीं, 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 660 और 2025-26 में 666 तक पहुंच गई। योजना के प्रति महिलाओं की रुचि और विभागीय प्रयास लगातार बढ़े हैं। ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत भी हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं को विभिन्न पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर छोटे उद्योग और व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया गया।
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अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। संवाद
महिलाओं को सशक्त बनाए जाने के लिए प्रशिक्षण देकर उनके द्वारा उद्योग स्थापित कराए जा रहे हैं। हर वर्ष यह आंकड़ा बढ़ रहा है। चार हजार से अधिक महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभांवित किया जा चुका है।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग।