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Pratapgarh News: खारे पानी से मिलेगी राहत, बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
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चिलबिला में यहां पर बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
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सबकुछ ठीक रहा तो शहर में खारे की पानी की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। घर-घर शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके लिए चिलबिला में जल्द ही 37 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) की स्थापना होगी। इसके लिए चिलबिला में एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली गई है। नगरपालिका के अफसर डीपीआर तैयार कर रहे हैं।
नगर पालिका का विस्तारीकरण हुए सात साल हो चुके हैं। पूरे ईश्वर नाथ, पूरे केशवराव, शुकुलपुर, बराछा सहित एक दर्जन गांव शहर में शामिल हुए थे। इससे शहर की आबादी एक लाख से बढ़कर 1.25 लाख हो गई।
धीरे-धीरे इन विस्तारित मोहल्लों में लोग बस रहे हैं। बस्तियां आबाद हो रही हैं, लेकिन यहां खारे पानी की समस्या अभी भी है। शहर में घर-घर लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने को लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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उत्तर प्रदेश जल निगम प्रयागराज नगरीय टीम ने नगरपालिका की टीम के साथ दो महीने पहले शहर का सर्वे किया था। इस दौरान चिलबिला में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इस प्लांट की क्षमता 37 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की होगी। शृंग्वेरपुर से पाइपलाइन के जरिये प्लांट में पानी की व्यवस्था होगी। इस बड़े प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
वर्जन
डब्ल्यूटीपी के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। डब्ल्यूटीपी बनने से खारे पानी की समस्या से निजात मिलेगी। - राकेश कुमार, ईओ
आंकड़े एक नजर में
एक एमएलडी में होता है 10 लाख लीटर पानी
30 साल आगे की तैयारी में नगरपालिका
2019 में शहर का हुआ था विस्तार
शहर में शामिल हुए थे 12 गांव
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नगर पालिका का विस्तारीकरण हुए सात साल हो चुके हैं। पूरे ईश्वर नाथ, पूरे केशवराव, शुकुलपुर, बराछा सहित एक दर्जन गांव शहर में शामिल हुए थे। इससे शहर की आबादी एक लाख से बढ़कर 1.25 लाख हो गई।
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धीरे-धीरे इन विस्तारित मोहल्लों में लोग बस रहे हैं। बस्तियां आबाद हो रही हैं, लेकिन यहां खारे पानी की समस्या अभी भी है। शहर में घर-घर लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने को लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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उत्तर प्रदेश जल निगम प्रयागराज नगरीय टीम ने नगरपालिका की टीम के साथ दो महीने पहले शहर का सर्वे किया था। इस दौरान चिलबिला में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इस प्लांट की क्षमता 37 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) की होगी। शृंग्वेरपुर से पाइपलाइन के जरिये प्लांट में पानी की व्यवस्था होगी। इस बड़े प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
वर्जन
डब्ल्यूटीपी के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। डब्ल्यूटीपी बनने से खारे पानी की समस्या से निजात मिलेगी। - राकेश कुमार, ईओ
आंकड़े एक नजर में
एक एमएलडी में होता है 10 लाख लीटर पानी
30 साल आगे की तैयारी में नगरपालिका
2019 में शहर का हुआ था विस्तार
शहर में शामिल हुए थे 12 गांव