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Raebareli News: एक माह में 101 लोगाें को सांप ने डसा
Mon, 06 Jul 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:13 AM IST
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रायबरेली। बारिश के साथ ही सांप के डसने की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले एक माह में 101 से अधिक लोगों को सांप ने डसा। चिकित्सकों का कहना है कि सांप के डसने के बाद झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े। मरीजों को तत्काल नजदीक के अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराएं। तुरंत अस्पताल पहुंचने से मरीज की जान को बचाया जा सकता है।
थोड़ी सी चूक मरीज की जान का खतरा बन सकती है। रिकार्ड की बात की जाए तो जिले में पिछले छह माह में 248 से अधिक लोग सांप काटने के शिकार हो चुके हैं। जून माह में रिकॉर्ड 101 लोग चपेट में आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने सांप के डसने की घटनाओं से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में 1200 वायल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराई गई है।
सरकारी अस्पतालों में रोजाना दो से तीन लोग सांप के डसने से इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। शहर की तुलना में गांवों में घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी में भी सांप काटने के मरीजों की संख्या में इजाफा आया है।
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रोगी को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि सांप काटने के बाद बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल में एक घंटे के अंदर पहुंचाकर एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगवाएं। झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े।
ऐसा करने से इलाज में देरी की वजह से मरीज की मौत हो सकती है। समय से एएसवी लगने से मरीज को आसानी से बचाया जा सकता है। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास सफाई रखें। बरसात का समय सर्पदंश के लिहाज से संवेदनशील होता है। जिले में जनवरी में सात लोगों को सांप ने डसा। फरवरी में 17, मार्च में 33, अप्रैल में 51, मई में 39, जून में 101 लोगाें को सांप ने डसा है।
सांप के काटने के बाद जरूरी
सांप के काटने के बाद घबराएं नहीं, मरीज को अस्पताल पहुंचाएं।
घाव वाले स्थान को हल्के साबुन और पानी से धो लें, ब्लेड से चीरा न लगाएं।
जिस अंग पर सांप ने काटा उस स्थान को सीधा और स्थिर रखें।
जिले में एआरवी और एएसवी की कमी नहीं है। सभी सीएचसी में कम से कम 40-40 वायल एएसवी रखवाई गई हैं। बारिश में सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. नवीनंचद्रा, सीएमओ
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थोड़ी सी चूक मरीज की जान का खतरा बन सकती है। रिकार्ड की बात की जाए तो जिले में पिछले छह माह में 248 से अधिक लोग सांप काटने के शिकार हो चुके हैं। जून माह में रिकॉर्ड 101 लोग चपेट में आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने सांप के डसने की घटनाओं से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी में 1200 वायल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराई गई है।
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सरकारी अस्पतालों में रोजाना दो से तीन लोग सांप के डसने से इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। शहर की तुलना में गांवों में घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी में भी सांप काटने के मरीजों की संख्या में इजाफा आया है।
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रोगी को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि सांप काटने के बाद बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल में एक घंटे के अंदर पहुंचाकर एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगवाएं। झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े।
ऐसा करने से इलाज में देरी की वजह से मरीज की मौत हो सकती है। समय से एएसवी लगने से मरीज को आसानी से बचाया जा सकता है। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास सफाई रखें। बरसात का समय सर्पदंश के लिहाज से संवेदनशील होता है। जिले में जनवरी में सात लोगों को सांप ने डसा। फरवरी में 17, मार्च में 33, अप्रैल में 51, मई में 39, जून में 101 लोगाें को सांप ने डसा है।
सांप के काटने के बाद जरूरी
सांप के काटने के बाद घबराएं नहीं, मरीज को अस्पताल पहुंचाएं।
घाव वाले स्थान को हल्के साबुन और पानी से धो लें, ब्लेड से चीरा न लगाएं।
जिस अंग पर सांप ने काटा उस स्थान को सीधा और स्थिर रखें।
जिले में एआरवी और एएसवी की कमी नहीं है। सभी सीएचसी में कम से कम 40-40 वायल एएसवी रखवाई गई हैं। बारिश में सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. नवीनंचद्रा, सीएमओ