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Raebareli News: कांशीराम कॉलोनी के 1800 आवास जर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:55 AM IST
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कांशीराम कॉलोनी की जर्जर इमारत।
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रायबरेली। कांशीराम कॉलोनी के 1800 आवास जर्जर हैं। इन आवासों में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा लोगों की जिंदगानी खतरे में है। नगर पालिका ने सभी को नोटिस जारी किया है। जल्द आवासों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश में आवासों के ढहने का खतरा बढ़ जाएगा।
साल 2010 में मायावती सरकार में शहर के महराजगंज रोड पर कांशीराम कॉलोनी-1 और कांशीराम काॅलोनी-2 बनवाई गई थी। दोनों कॉलोनियों में 1800 आवास हैं। साल 2021 में आवासों को गरीबों के नाम आवंटन किया गया है। दोनों जगहों पर 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।
हालात ये हैं कि दोनों कॉलोनियों में बने आवास पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। सीढि़यां, छज्जे व छतें जर्जर हैं। प्लास्टर गिर रहा है। कई आवास तो ढहने के कगार पर हैं। ऐसे में कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों पर मौत का खतरा मंडरा रहा है।
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फिर रहने कहां जाएं...
कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले नागरिकों को मकान खाली करने का नोटिस दिया गया है। इसके बाद से नागरिक परेशान हैं। विनोद कुमार, महरुननिशा कहती हैं कि हम लोगों के पास कहीं और रहने के लिए ठिकाना नहीं है।
नोटिस के जवाब में हम लोगों ने लिखकर दे दिया है कि यदि कोई घटना होती है तो उसके लिए हम ही जिम्मेदार होंगे। आमिर, मो. शफीक, अरविंद कहते हैं कि करीब 15 साल में ही कॉलोनियां जर्जर हो गईं। कॉलोनी के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ। अफसरों से मांग की है कि जल्द आवासों का मरम्मत कार्य कराई जाए।
आवासों की होगी मरम्मत
नगर पालिका परिषद रायबरेली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह का कहना है कि कांशीराम कॉलोनी में बने आवास जर्जर हो गए हैं। आवासों में रहने वाले नागरिकों को नोटिस जारी किया गया है। एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जल्द आवासों की मरम्मत होगी।
साल 2010 में मायावती सरकार में शहर के महराजगंज रोड पर कांशीराम कॉलोनी-1 और कांशीराम काॅलोनी-2 बनवाई गई थी। दोनों कॉलोनियों में 1800 आवास हैं। साल 2021 में आवासों को गरीबों के नाम आवंटन किया गया है। दोनों जगहों पर 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।
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हालात ये हैं कि दोनों कॉलोनियों में बने आवास पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। सीढि़यां, छज्जे व छतें जर्जर हैं। प्लास्टर गिर रहा है। कई आवास तो ढहने के कगार पर हैं। ऐसे में कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों पर मौत का खतरा मंडरा रहा है।
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कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले नागरिकों को मकान खाली करने का नोटिस दिया गया है। इसके बाद से नागरिक परेशान हैं। विनोद कुमार, महरुननिशा कहती हैं कि हम लोगों के पास कहीं और रहने के लिए ठिकाना नहीं है।
नोटिस के जवाब में हम लोगों ने लिखकर दे दिया है कि यदि कोई घटना होती है तो उसके लिए हम ही जिम्मेदार होंगे। आमिर, मो. शफीक, अरविंद कहते हैं कि करीब 15 साल में ही कॉलोनियां जर्जर हो गईं। कॉलोनी के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ। अफसरों से मांग की है कि जल्द आवासों का मरम्मत कार्य कराई जाए।
आवासों की होगी मरम्मत
नगर पालिका परिषद रायबरेली के अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह का कहना है कि कांशीराम कॉलोनी में बने आवास जर्जर हो गए हैं। आवासों में रहने वाले नागरिकों को नोटिस जारी किया गया है। एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जल्द आवासों की मरम्मत होगी।