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Raebareli News: ऐशबाग माइनर के 11 कब्जेदारों पर 48.73 लाख जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:45 AM IST
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रायबरेली। शहर से निकली ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले 11 लाेगों के खिलाफ 48.73 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मुकदमों में सुनवाई पूरी करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने फैसला सुनाते हुए अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश दिया। 74 और मुकदमों में सुनवाई चल रही है। जल्द ही शेष मामलों में कब्जेदारों के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद है।
शहर से निकली ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अक्टूबर 2025 में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था। कब्जेदारों को नोटिस देकर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी को अपना पक्ष देने का मौका दिया। 11 और मुकदमों में सुनवाई पूरी होने के बाद बेदखली के आदेश के साथ ही जुर्माना लगाया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने अहमदपुर नजूल निवासी सुमन सिंह पर 271588 रुपये, रामनरेश पर 672606 रुपये, दिनेश कुमार पर 124520 रुपये, ज्योति पर 339528 रुपये, गंगाविष्णु पर 957180 रुपये, दयाराम पर 452704 रुपये, चांदबाबू पर 351659 रुपये, अभिषेक शर्मा पर 124100, सलीम पर 375864 रुपये, सोनिया नगर निवासी दिनेश कुमार पर 607934 रुपये और शिव वरदान पर 594948 रुपये का अर्थदंड लगाया है। सभी कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश भी दिया है।
सात कब्जेदारों पर पिछले माह लग चुका अर्थदंड
सिटी मजिस्ट्रेट पिछले मार्च माह में ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले सात लोगों पर 24. 60 लाख रुपये का अर्थदंड लगा चुके हैं। पिछले माह नयापुरवा निवासी कृष्णदेव पाल पर 514538 रुपये, निर्मला यादव पर 581428 रुपये, विवेकानंद कोचिंग पर 133389 रुपये, वकील अहमद पर 776580 रुपये, अकबरपुर कछवाह निवासी सुभाष कश्यप पर 270328 रुपये, हितेंद्र कश्यप पर 48980 रुपये और सोनिया नगर निवासी शिव कुमार के खिलाफ बेदखली के साथ ही 135744 रुपये का अर्थदंड के साथ बेदखली का आदेश दिया गया था।
माइनर पर मॉल, मकान, कोचिंग व हॉस्पिटल
वर्ष 1917 में यह माइनर अस्तित्व में आई थी। कभी इस माइनर से जिला जेल में खेती होती थी। माइनर की लंबाई करीब 3.300 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। 30 साल पहले माइनर धरातल से गायब हो गई। कहीं मॉल तो कहीं मकान बन गए। कई जगह नर्सिंग खुले हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अफसर माइनर पर हुए कब्जे को हटाने में नाकाम साबित हुआ। वर्ष 2017 में जांच के बाद कब्जेदारों को नोटिस दी गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पिछले अक्टूबर माह में माइनर पर कब्जा करके मकान, कांप्लेक्स व अन्य प्रतिष्ठान संचालित करने वाले 91 कब्जेदारों पर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
इनसेट
ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले 11 लोगों के खिलाफ बेदखली आदेश के साथ ही 48,73,631 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अन्य मुकदमों में भी जल्द ही कब्जेदारों के खिलाफ फैसला सुनाया जाएगा।
राम अवतार, सिटी मजिस्ट्रेट, रायबरेली
मनोज ओझा
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शहर से निकली ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अक्टूबर 2025 में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था। कब्जेदारों को नोटिस देकर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी को अपना पक्ष देने का मौका दिया। 11 और मुकदमों में सुनवाई पूरी होने के बाद बेदखली के आदेश के साथ ही जुर्माना लगाया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने अहमदपुर नजूल निवासी सुमन सिंह पर 271588 रुपये, रामनरेश पर 672606 रुपये, दिनेश कुमार पर 124520 रुपये, ज्योति पर 339528 रुपये, गंगाविष्णु पर 957180 रुपये, दयाराम पर 452704 रुपये, चांदबाबू पर 351659 रुपये, अभिषेक शर्मा पर 124100, सलीम पर 375864 रुपये, सोनिया नगर निवासी दिनेश कुमार पर 607934 रुपये और शिव वरदान पर 594948 रुपये का अर्थदंड लगाया है। सभी कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश भी दिया है।
सात कब्जेदारों पर पिछले माह लग चुका अर्थदंड
सिटी मजिस्ट्रेट पिछले मार्च माह में ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले सात लोगों पर 24. 60 लाख रुपये का अर्थदंड लगा चुके हैं। पिछले माह नयापुरवा निवासी कृष्णदेव पाल पर 514538 रुपये, निर्मला यादव पर 581428 रुपये, विवेकानंद कोचिंग पर 133389 रुपये, वकील अहमद पर 776580 रुपये, अकबरपुर कछवाह निवासी सुभाष कश्यप पर 270328 रुपये, हितेंद्र कश्यप पर 48980 रुपये और सोनिया नगर निवासी शिव कुमार के खिलाफ बेदखली के साथ ही 135744 रुपये का अर्थदंड के साथ बेदखली का आदेश दिया गया था।
माइनर पर मॉल, मकान, कोचिंग व हॉस्पिटल
वर्ष 1917 में यह माइनर अस्तित्व में आई थी। कभी इस माइनर से जिला जेल में खेती होती थी। माइनर की लंबाई करीब 3.300 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। 30 साल पहले माइनर धरातल से गायब हो गई। कहीं मॉल तो कहीं मकान बन गए। कई जगह नर्सिंग खुले हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अफसर माइनर पर हुए कब्जे को हटाने में नाकाम साबित हुआ। वर्ष 2017 में जांच के बाद कब्जेदारों को नोटिस दी गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। पिछले अक्टूबर माह में माइनर पर कब्जा करके मकान, कांप्लेक्स व अन्य प्रतिष्ठान संचालित करने वाले 91 कब्जेदारों पर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था।
इनसेट
ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले 11 लोगों के खिलाफ बेदखली आदेश के साथ ही 48,73,631 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अन्य मुकदमों में भी जल्द ही कब्जेदारों के खिलाफ फैसला सुनाया जाएगा।
राम अवतार, सिटी मजिस्ट्रेट, रायबरेली
मनोज ओझा