{"_id":"69c2dfd5a832c2a6180716d4","slug":"claims-of-water-supply-to-54-villages-fail-raebareli-news-c-101-1-slko1032-153728-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: 54 गांवों में पानी आपूर्ति का दावा विफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: 54 गांवों में पानी आपूर्ति का दावा विफल
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
ऊंचाहार में निर्माणाधीन पानी की टंकी।
विज्ञापन
ऊंचाहार। ब्लॉक क्षेत्र के 54 ग्राम पंचायतों के हर घर जल आपूर्ति करने का दावा फेल होता नजर आ रहा है। कहीं पानी की टंकी अधूरी है, तो कहीं पानी की आपूर्ति शुरू होने से पहले ही पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। इससे ग्रामीणों को हैंडपंप या घरों में लगे सबमर्सिबल का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। जल निगम और कार्यदायी एजेंसी कागजों पर लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने का दावा कर रहे हैं।
सरांय परसू गांव में अधूरी पानी की टंकी लोगों का मुह चिढ़ा रही है। सांवापुर नेवादा गांव में पाइप लाइन चोक होने से घरों के सामने लगी टोटियां शोपीस बनी है। सवैया धनी गांव में पानी की टंकी निर्माण अधर में है। सवैया धनी ग्राम पंचायत के आधे गांवों में पानी पहुंच रहा है।
पाइप लाइन लीकेज होने से सवैया पुरवार, सवैया भैसासुर गांव में आज तक पानी नहीं पहुंचा है। यही हाल अरखा गांव का है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां अभी तक अधूरी पड़ी हैं। कुछ जगहों पर आपूर्ति शुरू होने से पहले ही पाइप लाइन टूट गई हैं।
इससे ग्रामीणों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप या घरों के सबमर्सिबल का सहारा लेना पड़ रहा है। इन स्रोतों से मिलने वाला पानी अक्सर दूषित होता है। यह स्थिति ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
उधर, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सफीकुर्रहमान ने बताया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति हो रही है। बजट के अभाव में टंकियों का निर्माण सुस्त गति से चल रहा है। बजट मिलने पर काम में तेजी आएगी।
परियोजना की विफलता
इस परियोजना का लक्ष्य हर घर तक पेयजल पहुंचाना था। अधिकारियों की लापरवाही और एजेंसी की मनमानी से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। पानी की टंकियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। बिछाई गई पाइप लाइनें भी गुणवत्ताहीन निकली हैं। यही वजह है कि जलापूर्ति से पहले ही लीकेज हो गई।
ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों को आज भी साफ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्हें मजबूरन दूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। ग्रामीण रामकिशोर, शिवकरन, माताबदल, आशीष तिवारी, विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि दूषित पानी पीने से जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Trending Videos
सरांय परसू गांव में अधूरी पानी की टंकी लोगों का मुह चिढ़ा रही है। सांवापुर नेवादा गांव में पाइप लाइन चोक होने से घरों के सामने लगी टोटियां शोपीस बनी है। सवैया धनी गांव में पानी की टंकी निर्माण अधर में है। सवैया धनी ग्राम पंचायत के आधे गांवों में पानी पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाइप लाइन लीकेज होने से सवैया पुरवार, सवैया भैसासुर गांव में आज तक पानी नहीं पहुंचा है। यही हाल अरखा गांव का है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां अभी तक अधूरी पड़ी हैं। कुछ जगहों पर आपूर्ति शुरू होने से पहले ही पाइप लाइन टूट गई हैं।
इससे ग्रामीणों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप या घरों के सबमर्सिबल का सहारा लेना पड़ रहा है। इन स्रोतों से मिलने वाला पानी अक्सर दूषित होता है। यह स्थिति ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
उधर, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सफीकुर्रहमान ने बताया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति हो रही है। बजट के अभाव में टंकियों का निर्माण सुस्त गति से चल रहा है। बजट मिलने पर काम में तेजी आएगी।
परियोजना की विफलता
इस परियोजना का लक्ष्य हर घर तक पेयजल पहुंचाना था। अधिकारियों की लापरवाही और एजेंसी की मनमानी से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। पानी की टंकियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। बिछाई गई पाइप लाइनें भी गुणवत्ताहीन निकली हैं। यही वजह है कि जलापूर्ति से पहले ही लीकेज हो गई।
ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों को आज भी साफ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्हें मजबूरन दूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। ग्रामीण रामकिशोर, शिवकरन, माताबदल, आशीष तिवारी, विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि दूषित पानी पीने से जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।