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Raebareli News: बेटियों की जन्म दर में कमी, 1967 का अंतर
Sun, 02 Aug 2026 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:16 AM IST
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जिला महिला चिकित्सालय।
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रायबरेली। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और उन्हें सम्मान दिलाने के प्रयास के बाद भी जन्म का अनुपात गड़बड़ है। बेटी बचाओ मुहिम के बावजूद जिले में जन्म के आंकड़ों में बेटियां पीछे हैं। महज चार माह में जिले में 23,931 बच्चों का जन्म हुआ। इसमें 12,949 लड़के और 10,982 बेटियां हैं। दोनों में 1967 का अंतर है। यह अंतर शहर में कम है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार नहीं हो रहा है।
जिले में जिला महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में संस्थागत प्रसव की सुविधा है। उपकेंद्रों पर भी प्रसव कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों से हर माह जन्म और मृत्यु की रिपोर्ट तैयार करता है। सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, नियमित जांच और प्रसव पूर्व देखभाल कराई जाती है।
बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की कई योजनाएं भी संचालित हैं। इसके बाद भी जन्म के आंकड़ों में अंतर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में यह अंतर 11.61 प्रतिशत है, लेकिन गांवों में 18.16 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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चार माह में जन्में बच्चे
तहसील बेटे बेटियां
डलमऊ 1013 891
लालगंज 1882 1514
महराजगंज 1505 1352
रायबरेली 5351 4545
सलोन 1971 1624
ऊंचाहार 1227 1056
शासन की मंशा पर मातृ-शिशु मृत्युदर में बेहद कमी लायी गई है। संस्थागत प्रसव बढे़ हैं। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा मुहैया होने के कारण सरकार की मंशा साकार हो रही है। जन्म के आंकड़ों में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कम है। लगातार जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ
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जिले में जिला महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में संस्थागत प्रसव की सुविधा है। उपकेंद्रों पर भी प्रसव कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों से हर माह जन्म और मृत्यु की रिपोर्ट तैयार करता है। सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, नियमित जांच और प्रसव पूर्व देखभाल कराई जाती है।
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बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की कई योजनाएं भी संचालित हैं। इसके बाद भी जन्म के आंकड़ों में अंतर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में यह अंतर 11.61 प्रतिशत है, लेकिन गांवों में 18.16 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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चार माह में जन्में बच्चे
तहसील बेटे बेटियां
डलमऊ 1013 891
लालगंज 1882 1514
महराजगंज 1505 1352
रायबरेली 5351 4545
सलोन 1971 1624
ऊंचाहार 1227 1056
शासन की मंशा पर मातृ-शिशु मृत्युदर में बेहद कमी लायी गई है। संस्थागत प्रसव बढे़ हैं। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा मुहैया होने के कारण सरकार की मंशा साकार हो रही है। जन्म के आंकड़ों में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कम है। लगातार जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ