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Raebareli News: घर में लगी आग, जिंदा जली वृद्धा

संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 25 Jun 2026 01:07 AM IST
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Elderly woman burned alive in house fire
फिरोजाबाद मजरे खीरों गांव में वृद्धा की मौत के बाद परिजन से घटना की जानकारी लेती पुलिस।
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खीरों (रायबरेली)। फिरोजाबाद मजरे खीरों गांव में रह रही रामावती (75) की मंगलवार रात आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि महज उनकी पिंडी ही बची। लोहे की चारपाई जल गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की।


फिरोजाबाद गांव निवासी रामनरेश पासी के मकान में रामावती अकेली रहती थी। ग्रामीणों के मुताबिक रात में रामावती बरामदे में लोहे की चारपाई पर सो रही थी। रात करीब 3:30 बजे आग की लपटें और धुआं दिखा तो हम लोग मौके पर पहुंचे। आग में जलकर रामावती की मौत हो चुकी थी। शरीर पूरी तरह से जल गया था।
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छोटी बेटी गोदावरी ने बताया कि मूलरूप से वे लोग उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र के पठई गांव के रहने वाले हैं। पिता के निधन के बाद मां रामावती खीरों क्षेत्र में रहती थीं। वर्ष 2011 में पति की मृत्यु तथा बाद पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने अपना मकान बेच दिया था। करीब तीन वर्ष पूर्व वह फिरोजाबाद गांव में आकर रहने लगी थीं। गोदावरी के अनुसार उनकी मां लंबे समय से पेट की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। उनका विभिन्न स्थानों पर उपचार भी कराया गया था। इसके बाद भी उनके हालत में सुधार नहीं हो रहा था।
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मृतका रामावती के परिवार में दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। घटना की सूचना पर छोटी बेटी गोदावरी पहुंची। अन्य बेटी व बेटे मौके पर नहीं आए। सवाल इस बात का है कि रामावती आग की चपेट में कैसे आई। कुछ लोगों का कहना है कि बीमारी से तंंग होकर रामावती ने खुदकुशी की है। महिला की मौत से बेटी के आंसू नहीं थम रहे हैं। खीरों थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि आग की चपेट में आने से वृद्धा की मौत हो गई है। घटना के हर बिंदु की जांच कराई जा रही है।


डीएनए टेस्ट कराने को लेकर उलझी रही पुलिस
मौके पर पुलिस पहुंची तो रामावती का शव पूरी तरह से जल चुका था। पिंडी शेष बची थी। पिंडी रामावती की थी कि नहीं, इसको लेकर पुलिस उलझन में फंस गई। पुलिस डीएनए टेस्ट कराने की बात कहने लगी। बाद में मकान मालिक और आसपास के लोगों ने बताया कि आग की चपेट में आने वाली रामावती ही हैं। इस पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया।


तेरहवीं में खीर, पूड़ी जरूर बनवाना
दो बेटे और तीन बेटियां होने के बाद भी मृतक रामावती अकेले जीवन बिता रही थी। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। करीब तीन साल पहले रामावती ने खीरों स्थित अपना मकान 28 लाख रुपये में बेचा था। इसका कुछ ही रुपये अब खाते में था। बताते हैं कि बेटियों के बुलाने पर भी रामावती उनके पास नहीं रहती थीं। मंगलवार को रामावती ने फिरोजाबाद गांव के रहने वाले नीरज को आंटा व चावल दिया था। कहा था कि उनकी तेरहवीं में खीर, पूड़ी जरूर बनवाना। ऐसे में कहा जा रहा है कि रामावती को पहले से ही अपनी मौत होने का अंदेशा था।
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