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Raebareli News: अब किसानों को मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:03 AM IST
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रायबरेली। जिले के करीब छह लाख किसानों को अब मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे फसल बेहतर होगी और उनकी माली हालत में सुधार आएगा। इसके लिए जिले के 11 ब्लॉकों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 923 ग्राम पंचायतों में ऑटोमैटिक रेन गेज लगाए जाएंगे। रेन गेज लगाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया है।
दरअसल, धान, गेहूं सहित अन्य फसलों की बोआई के समय मौसम की सटीक जानकारी न मिलने के कारण किसानों को हर साल नुकसान उठाना पड़ता है। अब सरकार की ओर से 11 ब्लॉक परिसरों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और गांवों में ऑटोमैटिक रेन गेज लगाने का निर्णय लिया गया है।
इनके लगने से किसानों को ग्राम पंचायत स्तर पर वर्षा, तापमान, आर्द्रता और हवा की गति का स्थानीय डेटा मिलेगा। साथ ही किसान फसलों की बोआई, सिंचाई, खाद और कीटनाशक छिड़काव का सही समय चुन सकेंगे। वर्षा के आंकड़ों के आधार पर तालाब, चेकडैम, जल संचयन और भूजल रिचार्ज की बेहतर योजना भी बनाई जा सकेगी।
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ये भी होगा फायदा
फसल नुकसान कम होगा
ओलावृष्टि, भारी वर्षा, लू या तेज हवा की अग्रिम चेतावनी मिलने से फसल बचाने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे।
फसल बीमा में पारदर्शिता
वास्तविक वर्षा और मौसम का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे दावा निपटान अधिक सटीक और विवाद रहित होगा।
ग्राम पंचायत और प्रशासन को लाभ
किस पंचायत में कितनी बारिश हुई, इसका स्वतः रिकॉर्ड बनेगा। इससे सूखा या अतिवृष्टि की पहचान आसान होगी।
आपदा प्रबंधन में मदद
बाढ़, जलभराव या सूखे की स्थिति का शीघ्र आकलन किया जा सकेगा और राहत कार्य समय पर शुरू किए जा सकेंगे।
जिले के 11 ब्लॉकों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन व 923 गांवों में ऑटोमैटिक रेन गेज लगाए जाएंगे। सात ग्राम पंचायतों में रेन गेज लगाए जा चुके हैं। इनके लगने से किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिलने के साथ ही फसलों की बोआई में भी आसानी होगी। इस साल ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
दरअसल, धान, गेहूं सहित अन्य फसलों की बोआई के समय मौसम की सटीक जानकारी न मिलने के कारण किसानों को हर साल नुकसान उठाना पड़ता है। अब सरकार की ओर से 11 ब्लॉक परिसरों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और गांवों में ऑटोमैटिक रेन गेज लगाने का निर्णय लिया गया है।
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इनके लगने से किसानों को ग्राम पंचायत स्तर पर वर्षा, तापमान, आर्द्रता और हवा की गति का स्थानीय डेटा मिलेगा। साथ ही किसान फसलों की बोआई, सिंचाई, खाद और कीटनाशक छिड़काव का सही समय चुन सकेंगे। वर्षा के आंकड़ों के आधार पर तालाब, चेकडैम, जल संचयन और भूजल रिचार्ज की बेहतर योजना भी बनाई जा सकेगी।
ये भी होगा फायदा
फसल नुकसान कम होगा
ओलावृष्टि, भारी वर्षा, लू या तेज हवा की अग्रिम चेतावनी मिलने से फसल बचाने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे।
फसल बीमा में पारदर्शिता
वास्तविक वर्षा और मौसम का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे दावा निपटान अधिक सटीक और विवाद रहित होगा।
ग्राम पंचायत और प्रशासन को लाभ
किस पंचायत में कितनी बारिश हुई, इसका स्वतः रिकॉर्ड बनेगा। इससे सूखा या अतिवृष्टि की पहचान आसान होगी।
आपदा प्रबंधन में मदद
बाढ़, जलभराव या सूखे की स्थिति का शीघ्र आकलन किया जा सकेगा और राहत कार्य समय पर शुरू किए जा सकेंगे।
जिले के 11 ब्लॉकों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन व 923 गांवों में ऑटोमैटिक रेन गेज लगाए जाएंगे। सात ग्राम पंचायतों में रेन गेज लगाए जा चुके हैं। इनके लगने से किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिलने के साथ ही फसलों की बोआई में भी आसानी होगी। इस साल ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।