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Raebareli News: 500 गांवों में पानी को लेकर हाहाकार
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 18 May 2026 01:38 AM IST
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रायबरेली। पांच दिन पहले आई आंधी से बेपटरी बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। 500 गांवों की करीब आठ लाख आबादी हैंडपंपों के सहारे प्यास बुझाने को मजबूर है।
यही नहीं बिजली संकट से टंकियों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों की लापरवाही से आम जनता परेशान हैं। नगर पंचायत लालगंज में कई दिनों से बिजली नहीं आने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे टैंकर के जरिए लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
बीते बुधवार को आंधी से खीरों, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार, गदागंज, जगतपुर, उतरपारा, कठगर, सरेनी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह पेड़ गिरने से तार और दो हजार खंभे टूट गए। इनमें कई उपकेंद्रों से आंशिक रूप से बिजली बहाल हुई, जबकि उतरपारा, कठगर, गदागंज उपकेंद्र से जुड़े करीब 500 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है। लगातार बिजली गुल होने से बिजली उपकरण शोपीस बने हैं। भीषण गर्मी में लोगों को हैंडपंप पर लाइन लगाना पड़ रहा है।
इनसेट
200 पानी की टंकियाें से नहीं टपका पानी
500 गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत कहीं पर टंकी तो कहीं पर सीधे मोटर से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन बिजली के अभाव में पंप नहीं चलने से पानी की आपूर्ति ठप है। गांवों में लगी टोटियों से पानी नहीं टपका है। इससे लोगों को हैंडपंप या कुआं से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मवेशियों को पानी पिलाने में होती है।
इनसेट
कई दिनों से बिजली नहीं आने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। उपभोक्ता सरेनी के शिवचरन, गदागंज के रामसिंह यादव, घुरवारा के विपिन कुमार, कलसहा के नंदकिशोर साहू ने बताया कि घरों में लगे सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में हैंडपंपों के पानी से प्यास बुझाना मजबूरी है। इसके लिए बाल्टी लेकर लाइन लगानी पड़ रही है। यही नहीं दैनिक जीवन के अन्य कार्य भी प्रभावित हैं। घरों में रोशनी और अन्य बिजली उपकरण भी बंद पड़े हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं।
इनसेट
दिन रात चल रहा है मरम्मत का काम
आंधी में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूटे हैं। दिन रात नए खंभे लगाने का काम चल रहा है। जल्द बिजली बहाल कराने के प्रयास चल रहे हैं।
रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
यही नहीं बिजली संकट से टंकियों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों की लापरवाही से आम जनता परेशान हैं। नगर पंचायत लालगंज में कई दिनों से बिजली नहीं आने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे टैंकर के जरिए लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
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बीते बुधवार को आंधी से खीरों, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार, गदागंज, जगतपुर, उतरपारा, कठगर, सरेनी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह पेड़ गिरने से तार और दो हजार खंभे टूट गए। इनमें कई उपकेंद्रों से आंशिक रूप से बिजली बहाल हुई, जबकि उतरपारा, कठगर, गदागंज उपकेंद्र से जुड़े करीब 500 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है। लगातार बिजली गुल होने से बिजली उपकरण शोपीस बने हैं। भीषण गर्मी में लोगों को हैंडपंप पर लाइन लगाना पड़ रहा है।
इनसेट
200 पानी की टंकियाें से नहीं टपका पानी
500 गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत कहीं पर टंकी तो कहीं पर सीधे मोटर से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन बिजली के अभाव में पंप नहीं चलने से पानी की आपूर्ति ठप है। गांवों में लगी टोटियों से पानी नहीं टपका है। इससे लोगों को हैंडपंप या कुआं से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मवेशियों को पानी पिलाने में होती है।
इनसेट
कई दिनों से बिजली नहीं आने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। उपभोक्ता सरेनी के शिवचरन, गदागंज के रामसिंह यादव, घुरवारा के विपिन कुमार, कलसहा के नंदकिशोर साहू ने बताया कि घरों में लगे सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में हैंडपंपों के पानी से प्यास बुझाना मजबूरी है। इसके लिए बाल्टी लेकर लाइन लगानी पड़ रही है। यही नहीं दैनिक जीवन के अन्य कार्य भी प्रभावित हैं। घरों में रोशनी और अन्य बिजली उपकरण भी बंद पड़े हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं।
इनसेट
दिन रात चल रहा है मरम्मत का काम
आंधी में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूटे हैं। दिन रात नए खंभे लगाने का काम चल रहा है। जल्द बिजली बहाल कराने के प्रयास चल रहे हैं।
रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता पावर कॉर्पोरेशन