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Raebareli News: समायोजन मुद्दे पर भड़के अध्यापक, किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 18 May 2026 01:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन का मुद्दा अहम बनता जा रहा है। इस मुद्दे पर भड़के शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या के निस्तारण की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि समायोजन में मनमानी हो रही है। कनिष्ठ शिक्षकों को समायोजित करना कतई उचित नहीं है। समायोजन प्रक्रिया में ढेरों विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर किया जाना बहुत जरूरी है।
कलेक्ट्रेट में चल रहे प्रदर्शन के दौरान आंदोलित कनिष्ठ शिक्षकों की तरफ से अनुराग मिश्र ने बताया कि इस जिले में मनमाने ढंग से कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, जो कतई उचित नहीं है। जारी की गई सूची में कनिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस दिखाया गया है, जिससे शिक्षकों में बहुत ज्यादा निराशा एवं आक्रोश है। कनिष्ठ शिक्षकों का पक्ष रखते हुए वरुणेंद्र ने बताया कि बीते अगस्त 2025 में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया गया था, अब फिर कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। ऐसे में 10 महीने पहले समायोजित हुए कई शिक्षक फिर से समायोजन की सूची में आ गए हैं।
कनिष्ठ शिक्षक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में समायोजन प्रक्रिया गतिमान है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, लेकिन इस जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। दुर्गेश मिश्र एवं अखिलेश सिंह ने कहा कि समायोजन में प्रधानाध्यापक को भी सहायक अध्यापक के रूप में गिना जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। विद्यालय की जॉइनिंग देखी जा रही है, जबकि वरिष्ठता सूची का निर्धारण जिले में नियुक्ति तिथि से किया जाना चाहिए। इस मौके पर जेपी रावत, गोवर्धन प्रसाद, आलोक यादव, राजेंद्र यादव, बलराम यादव, संजय, रमेश, धर्मराज, नसीम, बृजेश आदि उपस्थित रहे।
रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन का मुद्दा अहम बनता जा रहा है। इस मुद्दे पर भड़के शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या के निस्तारण की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि समायोजन में मनमानी हो रही है। कनिष्ठ शिक्षकों को समायोजित करना कतई उचित नहीं है। समायोजन प्रक्रिया में ढेरों विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर किया जाना बहुत जरूरी है।
कलेक्ट्रेट में चल रहे प्रदर्शन के दौरान आंदोलित कनिष्ठ शिक्षकों की तरफ से अनुराग मिश्र ने बताया कि इस जिले में मनमाने ढंग से कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, जो कतई उचित नहीं है। जारी की गई सूची में कनिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस दिखाया गया है, जिससे शिक्षकों में बहुत ज्यादा निराशा एवं आक्रोश है। कनिष्ठ शिक्षकों का पक्ष रखते हुए वरुणेंद्र ने बताया कि बीते अगस्त 2025 में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया गया था, अब फिर कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। ऐसे में 10 महीने पहले समायोजित हुए कई शिक्षक फिर से समायोजन की सूची में आ गए हैं।
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कनिष्ठ शिक्षक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में समायोजन प्रक्रिया गतिमान है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है, लेकिन इस जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। दुर्गेश मिश्र एवं अखिलेश सिंह ने कहा कि समायोजन में प्रधानाध्यापक को भी सहायक अध्यापक के रूप में गिना जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। विद्यालय की जॉइनिंग देखी जा रही है, जबकि वरिष्ठता सूची का निर्धारण जिले में नियुक्ति तिथि से किया जाना चाहिए। इस मौके पर जेपी रावत, गोवर्धन प्रसाद, आलोक यादव, राजेंद्र यादव, बलराम यादव, संजय, रमेश, धर्मराज, नसीम, बृजेश आदि उपस्थित रहे।