{"_id":"69a491357bf24bbf620f4498","slug":"khameneis-death-sparked-outrage-among-the-shia-community-raebareli-news-c-101-1-slko1034-152269-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: खामनेई की मौत से शिया समुदाय में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: खामनेई की मौत से शिया समुदाय में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
ऊंचाहार कस्बा में नमाज पढ़ने के बाद शिया मस्जिद के बाहर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी कर
विज्ञापन
रायबरेली। ईरान के सुप्रीम लीडर रहे खामनेई की अमेरिका और इस्राइल के हमले में हुई मौत के बाद जिलेभर के शिया समुदाय में गम और गुस्सा है। जिले में शिया की आबादी कम है, फिर भी कुछ इलाके शिया बहुल माने जाते हैं। इन इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। रमजान की वजह से शिया समुदाय के लोग नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद पहुंचे।
नमाज के बाद शिया समुदाय ने सुप्रीम लीडर की मौत को शहादत बताया और अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। अमेरिका और इस्राइल को खरी-खोटी सुनाई। ऊंचाहार में तो अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सुबह से ही प्रशासन सतर्क रहा। हर गतिविधि पर अफसरों की निगाहें लगी रहीं।
कजियाना, गुलाब रोड, किला बाजार समेत कई इलाकों में सन्नाटा नजर आया। रविवार को दोपहर में नमाज पढ़ने के लिए गुलाब रोड स्थित मस्जिद में शिया धर्मगुरु समेत समुदाय के लोग जुटे। नमाज के बाद बाहर निकले तो गुस्से का इजहार किया। शिया धर्मगुरु मौलाना शहवार काजमी ने कहा कि खामनेई ने सच्चाई का साथ दिया और अपने सिद्धांतों पर डटे रहे। उन्हें सिर झुकाने के बजाय सिर कटाना मुनासिब समझा और अपने देश के लिए शहादत दी।
शिया धर्मगुरु मौलाना कंबर अली रिजवी ने कहा कि जब से शहादत की खबर आई है, तब से शिया समुदाय गमगीन है। सुप्रीम लीडर ने यह साबित कर दिया कि हमारा रास्ता शहादत का रास्ता रहा है। इस अवसर पर मुजाहिद हुसैन, सिकंदर जैदी, फैयाजुल हसन, जायर हुसैन, आबिद हुसैन, हाशिम अली, दिलशाद हुसैन, मोहम्मद आलम, शमीम रिजवी, शब्बीर हसन, सरवर अली, मेराज काजमी आदि मौजूद रहे।
इमाम हुसैन की कौम शहादत से नहीं डरती
ऊंचाहार। नगर के शिया मुसलमान गमजदा हैं। खामनेई की मौत की खबर मिलते ही रविवार को सुबह से शिया समुदाय के घरों से रोने की आवाजें आने लगीं। कस्बे की शिया मस्जिद के पास जुटे शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौलाना अली रजा रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन की ये कौम शहादत से नहीं डरती है। जैसे-जैसे शहीदों का खून बहेगा, वैसे-वैसे गुलशन में और निखार आएगा। दुश्मन यह कतई न समझें कि किसी एक को मार देने से मिशन खत्म नहीं होता, बल्कि जंग हमेशा जारी रहेगी।
इंसाफ के पक्ष में खड़ा होना चाहिए
नसीराबाद। नगर पंचायत नसीराबाद क्षेत्र में शिया समुदाय ने शोक जताया। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले पर आक्रोश भी व्यक्त किया। धर्मगुरु मौलाना हसन जाफरी ने कहा कि खामनेई की मौत केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गम की बात है। खामनेई ने हमेशा हक और इंसाफ का साथ दिया। भारत सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। मौलाना ने कहा कि हमेशा सच और हक की बात करें। जुल्म के खिलाफ खड़े रहें। समाज में शांति व भाईचारा बनाए रखें।
Trending Videos
नमाज के बाद शिया समुदाय ने सुप्रीम लीडर की मौत को शहादत बताया और अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। अमेरिका और इस्राइल को खरी-खोटी सुनाई। ऊंचाहार में तो अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सुबह से ही प्रशासन सतर्क रहा। हर गतिविधि पर अफसरों की निगाहें लगी रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कजियाना, गुलाब रोड, किला बाजार समेत कई इलाकों में सन्नाटा नजर आया। रविवार को दोपहर में नमाज पढ़ने के लिए गुलाब रोड स्थित मस्जिद में शिया धर्मगुरु समेत समुदाय के लोग जुटे। नमाज के बाद बाहर निकले तो गुस्से का इजहार किया। शिया धर्मगुरु मौलाना शहवार काजमी ने कहा कि खामनेई ने सच्चाई का साथ दिया और अपने सिद्धांतों पर डटे रहे। उन्हें सिर झुकाने के बजाय सिर कटाना मुनासिब समझा और अपने देश के लिए शहादत दी।
शिया धर्मगुरु मौलाना कंबर अली रिजवी ने कहा कि जब से शहादत की खबर आई है, तब से शिया समुदाय गमगीन है। सुप्रीम लीडर ने यह साबित कर दिया कि हमारा रास्ता शहादत का रास्ता रहा है। इस अवसर पर मुजाहिद हुसैन, सिकंदर जैदी, फैयाजुल हसन, जायर हुसैन, आबिद हुसैन, हाशिम अली, दिलशाद हुसैन, मोहम्मद आलम, शमीम रिजवी, शब्बीर हसन, सरवर अली, मेराज काजमी आदि मौजूद रहे।
इमाम हुसैन की कौम शहादत से नहीं डरती
ऊंचाहार। नगर के शिया मुसलमान गमजदा हैं। खामनेई की मौत की खबर मिलते ही रविवार को सुबह से शिया समुदाय के घरों से रोने की आवाजें आने लगीं। कस्बे की शिया मस्जिद के पास जुटे शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौलाना अली रजा रिजवी ने कहा कि इमाम हुसैन की ये कौम शहादत से नहीं डरती है। जैसे-जैसे शहीदों का खून बहेगा, वैसे-वैसे गुलशन में और निखार आएगा। दुश्मन यह कतई न समझें कि किसी एक को मार देने से मिशन खत्म नहीं होता, बल्कि जंग हमेशा जारी रहेगी।
इंसाफ के पक्ष में खड़ा होना चाहिए
नसीराबाद। नगर पंचायत नसीराबाद क्षेत्र में शिया समुदाय ने शोक जताया। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले पर आक्रोश भी व्यक्त किया। धर्मगुरु मौलाना हसन जाफरी ने कहा कि खामनेई की मौत केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गम की बात है। खामनेई ने हमेशा हक और इंसाफ का साथ दिया। भारत सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। मौलाना ने कहा कि हमेशा सच और हक की बात करें। जुल्म के खिलाफ खड़े रहें। समाज में शांति व भाईचारा बनाए रखें।
