{"_id":"69c03a5684fca45f1e0d2c15","slug":"rain-and-strong-winds-caused-crop-damage-delaying-harvesting-raebareli-news-c-101-1-rai1002-153619-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: बारिश और तेज हवा से गिरी फसल, कटाई पिछड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: बारिश और तेज हवा से गिरी फसल, कटाई पिछड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:22 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज तहसील क्षेत्र के अलीपुर में तेज हवा व बारिश होने से गेहूं की गिरी फसल को देखता किसान।
विज्ञापन
रायबरेली। मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शुक्रवार रात को आंधी और बारिश से जिले के सतांव, हलोर, डलमऊ, गदागंज में फसल के गिरने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। गेहूं की अधपकी फसल हवा तेज चलने से गिर गई है। नुकसान बहुत अधिक नहीं है, लेकिन किसानों के सामने समस्या आ गई है। फसल को धूप की जरूरत है, यदि फिर से बारिश और तेज हवा चलती है तो फसल को नुकसान होने की आशंका है।
तेज हवा और बारिश से करीब 50 बीघा फसल खेतों में गिरी है। कृषि विभाग के अनुसार बारिश होने से गेहूं की कटाई में देर होगी। अब अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की कटाई शुरू हो सकती है। शुक्रवार रात को तेज हवा के बारिश हुई। इससे किसानों के माथे पर बल पड़ गए। रात में ही किसान खेतों में पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते रहे।
शनिवार सुबह तस्वीर खुलकर सामने आई। सतांव, हलोर, डलमऊ, गदागंज में करीब 30 किसानों की फसल हवा तेज चलने से खेतों में बिछी मिली। शनिवार को भी सुबह धूप निकली, लेकिन दोपहर में बदली छाई रही। बूंदाबांदी होने के साथ बदल छंट गए। बारिश होने से शहर के गल्ला मंडी, रतापुर चौराहा में जलभराव होने से लोग परेशान रहे। इसी तरह परशदेपुर, नसीराबाद, गदागंज, डलमऊ, सरेनी, लालगंज में भी जलभराव होने से लोग परेशान रहे। रविवार को सुबह से ही धूप निकली लेकिन हवा तेज चलने लोगों को सिहरन महसूस हुई।
औसत से छह डिग्री नीचे गिरा अधिकतम तापमान
हवा तेज चलने और बारिश होने से अधिकतम तापमान औसत से छह डिग्री नीचे लुढ़क गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि चक्रवाती असर के कारण बारिश और तेज हवा चली थी। अब आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा।
फसल के नुकसान की 14447 पर दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभांवित किसानों को फसल के नुकसान की जानकारी 14447 पर देनी होती है। इस पर जानकारी के बाद कृषि विभाग और बीमा टीम फसल का सर्वे कराती है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को तेज हवा और बारिश होने से फसल को नुकसान नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर फसल गिरने की जानकारी मिली है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। आगे मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से जो फसल गिर गई है, वह सही हो जाएगी।
Trending Videos
तेज हवा और बारिश से करीब 50 बीघा फसल खेतों में गिरी है। कृषि विभाग के अनुसार बारिश होने से गेहूं की कटाई में देर होगी। अब अप्रैल के पहले सप्ताह से गेहूं की कटाई शुरू हो सकती है। शुक्रवार रात को तेज हवा के बारिश हुई। इससे किसानों के माथे पर बल पड़ गए। रात में ही किसान खेतों में पहुंचे और नुकसान का जायजा लेते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार सुबह तस्वीर खुलकर सामने आई। सतांव, हलोर, डलमऊ, गदागंज में करीब 30 किसानों की फसल हवा तेज चलने से खेतों में बिछी मिली। शनिवार को भी सुबह धूप निकली, लेकिन दोपहर में बदली छाई रही। बूंदाबांदी होने के साथ बदल छंट गए। बारिश होने से शहर के गल्ला मंडी, रतापुर चौराहा में जलभराव होने से लोग परेशान रहे। इसी तरह परशदेपुर, नसीराबाद, गदागंज, डलमऊ, सरेनी, लालगंज में भी जलभराव होने से लोग परेशान रहे। रविवार को सुबह से ही धूप निकली लेकिन हवा तेज चलने लोगों को सिहरन महसूस हुई।
औसत से छह डिग्री नीचे गिरा अधिकतम तापमान
हवा तेज चलने और बारिश होने से अधिकतम तापमान औसत से छह डिग्री नीचे लुढ़क गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि चक्रवाती असर के कारण बारिश और तेज हवा चली थी। अब आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा।
फसल के नुकसान की 14447 पर दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभांवित किसानों को फसल के नुकसान की जानकारी 14447 पर देनी होती है। इस पर जानकारी के बाद कृषि विभाग और बीमा टीम फसल का सर्वे कराती है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को तेज हवा और बारिश होने से फसल को नुकसान नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर फसल गिरने की जानकारी मिली है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। आगे मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से जो फसल गिर गई है, वह सही हो जाएगी।