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Raebareli News: 10 करोड़ से दूर होगी सड़कों की बदहाली
Sun, 02 Aug 2026 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:07 AM IST
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ऊंचाहार क्षेत्र में बदहाल सड़क का जायजा लेते ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारी।
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रायबरेली। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान 10 सड़कें बदहाल हो गई हैं। इससे करीब एक लाख लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इन सड़कों की दुरुस्त कराने के लिए यूपीडा को 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सौंपा है। अभी यह बात तय नहीं हो पाई कि सड़कों को यूपीडा बनवाएगा या फिर बजट ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपेगा।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से चार साल पहले सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें कोई सड़क 10 साल, तो कोई 15 साल से बदहाल थी। सड़कें बनने के बाद लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिली। इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो गया। मिट्टी की ढुलाई में इन सड़कों पर डंपर दौड़ाए गए। लिहाजा सड़कें फिर जस की तस हो गईं। सड़कें बदहाल होने से ग्रामीणों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
सड़कों की मरम्मत के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और यूपीडा के बीच कई बार बैठक और पत्राचार किए गए, लेकिन अब तक सड़कों की दशा नहीं बदली। एक माह पहले यूपीडा को प्रस्ताव सौंपा गया, जिसे यूपीडा ने उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
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ये सड़कें हुईं खराब
लक्ष्मीगंज मिर्जापुर ऐहारी से रघुनाथपुर लबेदवा संपर्क मार्ग, पूरे मेहरबान सिंह संपर्क मार्ग, विश्वनाथगंज से पड़रियां मार्ग से बसुही संपर्क मार्ग, ऐहार वाया जोहवा संपर्क मार्ग, पड़रियन चौराहा से बरगधिया संपर्क मार्ग, दुर्गागंज से बिन्नवापुरी संपर्क मार्ग, ऊंचाहार-खरौली संपर्क मार्ग, कठगर-रायबरेली-लालगंज मार्ग से करकसा संपर्क मार्ग, रायबरेली-प्रयागराज मार्ग से कुचरियां, अलावलपुर संपर्क मार्ग व दरीबा से कठगर संपर्क मार्ग बदहाल है।
उच्चाधिकारियों को भेजा एस्टीमेट
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन सुजीत राय ने बताया कि विभाग की ओर से बनाई गई 10 सड़कों की दशा बेहद खराब है। इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए यूपीडा को 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सौंपा गया है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यूपीडा सड़कें बनवाएगा या फिर विभाग को बजट देगा। यूपीडा के एक्सईएन विजय कुमार ने बताया कि जो ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से मिले एस्टीमेट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। कार्यदायी एजेंसी बदहाल सड़कों को ठीक कराएंगी या फिर उसके भुगतान से कटौती करके संबंधित विभाग को बजट दिया जाएगा। इस बात पर मंथन चल रहा है। जल्द ही निर्णय सामने आएगा।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से चार साल पहले सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें कोई सड़क 10 साल, तो कोई 15 साल से बदहाल थी। सड़कें बनने के बाद लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिली। इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो गया। मिट्टी की ढुलाई में इन सड़कों पर डंपर दौड़ाए गए। लिहाजा सड़कें फिर जस की तस हो गईं। सड़कें बदहाल होने से ग्रामीणों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
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सड़कों की मरम्मत के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और यूपीडा के बीच कई बार बैठक और पत्राचार किए गए, लेकिन अब तक सड़कों की दशा नहीं बदली। एक माह पहले यूपीडा को प्रस्ताव सौंपा गया, जिसे यूपीडा ने उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
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ये सड़कें हुईं खराब
लक्ष्मीगंज मिर्जापुर ऐहारी से रघुनाथपुर लबेदवा संपर्क मार्ग, पूरे मेहरबान सिंह संपर्क मार्ग, विश्वनाथगंज से पड़रियां मार्ग से बसुही संपर्क मार्ग, ऐहार वाया जोहवा संपर्क मार्ग, पड़रियन चौराहा से बरगधिया संपर्क मार्ग, दुर्गागंज से बिन्नवापुरी संपर्क मार्ग, ऊंचाहार-खरौली संपर्क मार्ग, कठगर-रायबरेली-लालगंज मार्ग से करकसा संपर्क मार्ग, रायबरेली-प्रयागराज मार्ग से कुचरियां, अलावलपुर संपर्क मार्ग व दरीबा से कठगर संपर्क मार्ग बदहाल है।
उच्चाधिकारियों को भेजा एस्टीमेट
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन सुजीत राय ने बताया कि विभाग की ओर से बनाई गई 10 सड़कों की दशा बेहद खराब है। इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए यूपीडा को 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सौंपा गया है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यूपीडा सड़कें बनवाएगा या फिर विभाग को बजट देगा। यूपीडा के एक्सईएन विजय कुमार ने बताया कि जो ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से मिले एस्टीमेट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। कार्यदायी एजेंसी बदहाल सड़कों को ठीक कराएंगी या फिर उसके भुगतान से कटौती करके संबंधित विभाग को बजट दिया जाएगा। इस बात पर मंथन चल रहा है। जल्द ही निर्णय सामने आएगा।