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धर्मयुद्ध के शंखनाद की है यह यात्रा : अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:16 AM IST
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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।
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रायबरेली-लालगंज। शहर के गांधी नगर मोहल्ले में रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लालगंज के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह यात्रा धर्मयुद्ध के शंखनाद की है। सीएम योगी को दिया गया समय पूरा हो चुका है और 11 मार्च से अब धर्मयुद्ध शुरू होगा।
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para_count-1 गाय के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश की बहुसंख्यक जनता चाहती है कि गाय को माता का दर्जा दिया जाए और उसकी हत्या को अपराध घोषित किया जाए। लेकिन वोट लेने वाली सरकारें इस पर काम नहीं करना चाहतीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भी जनता से वोट लिए, लेकिन इनके शासन में भी गोमाता की स्थिति खराब है। मीट का निर्यात लगातार जारी है और सबसे अधिक मीट का निर्यात भी इसी शासनकाल में हो रहा है। para_count-1
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para_count-2 दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लालगंज पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया। बृजेंद्र नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गोमाता को मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता। जो ऐसा करता है, वह हिंदू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि गाय के मांस से आय करने वालों को सनातन समाज कभी माफ नहीं करेगा। para_count-2
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para_count-3 उन्होंने प्रयागराज में बटुकों की चोटी खींचने की घटना पर कहा कि बटूकों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई विधर्मी करता तो समझ में आता, लेकिन जो हिंदुओं के वोट से सत्ता में आते हैं, उन्हीं के शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है। para_count-3
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para_count-4 शंकराचार्य ने कहा कि चोटी सनातन धर्म की ध्वजा के समान है और चोटी खींचना सनातन धर्म की ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि गो प्रतिष्ठा को लेकर धर्मयुद्ध का शंखनाद हो चुका है। आगामी 11 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेसी नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान, नीरज सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। para_count-4
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para_count-5 उन्नाव से लखनऊ जाएंगे शंकराचार्य para_count-5
para_count-5 लालगंज के बाद शंकराचार्य का काफिला उन्नाव की ओर रवाना हुआ। करीब तीन बजे वह उन्नाव पहुंचे। इस दौरान शाम छह बजे तक उनका स्वागत होता रहा। इसके बाद वह दही चौकी स्थित गेस्टहाउस में रात्रि विश्राम के रुक गए हैं। सूत्र बताते हैं कि रात में वह आगे की रणनीति फाइनल करेंगे। सोमवार सुबह वह लखनऊ के लिए रवाना होंगे। para_count-5
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para_count-6 यूटीलिटी वैन के साथ सात गाड़ियों का है काफिला para_count-6
para_count-6 शंकराचार्य यूटीलिटी वैन से यात्रा के लिए निकले हैं, इसके साथ ही सात गाड़ियों का काफिला भी है। सुरक्षा के तौर पर स्थानीय पुलिस के साथ उनकी निजी सुरक्षा व्यवस्था है। शंकराचार्य के साथ बटुक और मठ के संत भी हैं।
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para_count-3 उन्होंने प्रयागराज में बटुकों की चोटी खींचने की घटना पर कहा कि बटूकों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई विधर्मी करता तो समझ में आता, लेकिन जो हिंदुओं के वोट से सत्ता में आते हैं, उन्हीं के शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है। para_count-3
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para_count-4 शंकराचार्य ने कहा कि चोटी सनातन धर्म की ध्वजा के समान है और चोटी खींचना सनातन धर्म की ध्वजा पर प्रहार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि गो प्रतिष्ठा को लेकर धर्मयुद्ध का शंखनाद हो चुका है। आगामी 11 मार्च को लखनऊ के मान्यवर कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेसी नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान, नीरज सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। para_count-4
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