UP: गंगा एक्सप्रेसवे देखने की उत्सुकता बनी 4 युवतियों की मौत की वजह, लोकार्पण से पहले तेज रफ्तार कार ने रौंदा
Accident on Ganga Expressway: यूपी के रायबरेली जिले में सात युवतियों को रौंदते हुए एक तेज रफ्तार कार निकल गई। इस हादसे में चार की मौके पर ही मौत हो गई।
विस्तार
निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार देर शाम चूली गांव के पास कार ने पैदल जा रहीं सात युवतियों व किशोरियों को रौंद दिया। इसमें चार युवतियों की मौत हो गई। तीन की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस के अनुसार सभी पैदल ही एक्सप्रेसवे होते हुए गांव जा रही थीं। इसी दौरान हादसे की शिकार हो गईं।
पुलिस के अनुसार जगतपुर क्षेत्र के कोडर निवासी शालिनी (20), बहन साधना (15), भदोखर क्षेत्र के अलीगंज निवासी हिमांशी (22), रश्मि (15), आसमां (18) समेत सात युवतियां व किशोरियां रविवार को चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई थीं। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभी निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से पैदल ही घर के लिए निकलीं।
शाम सात बजे एक्सप्रेसवे से गुजर रही कार ने सभी युवतियां को रौंद दिया। हादसे की जानकारी पर आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शालिनी, हिमांशी को मृत्यु घोषित कर दिया। अन्य को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में आसमां व रश्मि ने भी दम तोड़ दिया। सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। कार को कब्जे में लिया गया है।
जिला अस्पताल में रही अफरातफरी, पहुंचे अफसर
गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुए एक गंभीर हादसे के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे और चिकित्सकों की टीम को तत्काल अलर्ट कर दिया। इस दौरान, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी सदर अरुण कुमार नौहवार और कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह भी कुछ देर बाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और चिकित्सा सुविधा के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान परिजनों से भी अधिकारियों ने बात की। घायलों के इलाज में चिकित्सक दौड़ते नजर आए। पूरा जिला अस्पताल अलर्ट मोड पर रहा। जो किशोरियां घायल थीं, उनके परिजन बदहवास होकर बेटियों की जान बचाने की गुहार लगाते रहे।
जिस पर चिकित्सकों को उन्हें सांत्वना देनी पड़ी। भीड़ के कारण जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भीड़ के साथ अफरातफरी रही। मृतक किशोरी और तीन युवतियों के परिजन रोते बिलखते रहे। उधर जगतपुर सीएचसी में भी अफरातफरी की स्थिति रही। परिजन दहाड़े मारकर रोते रहे। स्टाफ और अन्य लोग संभालते दिखे। आसपास के लोगों का भी मजमा लगा रहा। डीएम ने सभी शवों का रात में ही पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम भेजा गया।
एक बेटी की मौत, दूसरी जिंदगी के लिए लड़ रही जंग
रविवार रात जिला अस्पताल में बदहवास जंग बहादुर अपनी घायल बेटी को बचाने के लिए चिकित्सकों से मिन्नत करते रहे। उनके साथ मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी चिंतित दिखे। वहीं, कोडर गांव के रमणेश भी अपनी दोनों बेटियों, रिया पटेल और प्रिया पटेल के लिए चिंतित रहे। दोनों बेटियां हादसे में घायल हुई हैं । दोनों का इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में जब घायलों को लाया गया, तो उनके परिजनों की चीख-पुकार सुनकर अन्य मरीज भी सहम गए। लोग अपना दर्द भूलकर घायल किशोरियों के इलाज में मदद करने की बात कहते नजर आए। इस बीच जिला अस्पताल की टीम भी पूरी तत्परता से उपचार में जुटी रही। यहां हादसे का अलर्ट मिलते ही इमरजेंसी की पूरी टीम उपचार के लिए तैयार हो गई। एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाते ही पूरी टीम उपचार में जुट गई।
डीएम-एसपी ने घायलों का जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। इस बीच जिलाधिकारी हर्षिता माथुर व एसपी रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों से बातचीत कर हादसे के बारे में जानकारी ली। सीएमओ डॉ. दिनेश चंद्रा व सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र से उपचार के बारे में जाना। घायलों और मृत युवतियों के परिजनों से भी मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिला अस्पताल के बाद डीएम और एसपी घटनास्थल पर भी पहुंचे।
रात में ही हुआ सभी का पोस्टमार्टम
जिला प्रशासन ने मामले में संवेदनशीलता दिखाई। जिलाधिकारी ने रात में ही सभी मृतकों के पोस्टमार्टम का निर्देश दिया। इसके बाद विशेष टीम गठित करके कोडर गांव निवासी आसमां, हिमांशी, शालिनी व रश्मि का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को सभी का गांव में ही अंतिम संस्कार होगा।
हादसे में कब-क्या हुआ
-7:15 : बजे पुलिस पहुंची।
-7:30 : बजे परिजन पहुंचे।
-8:30 : बजे घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
-8:35 : बजे हिमांशी को मृत घोषित किया।
-8:40 : बजे शालिनी को मृत घोषित किया।
-8:45 : बजे घायलों को जिला अस्पताल भेजा।
-9:30 : बजे जिला अस्पताल में रश्मि की मौत।
-9:45 : बजे डीएम-एसपी जिला अस्पताल पहुंचे।
-10:30 : बजे डीएम-एसपी पहुंचे घटनास्थल।
गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरने वालों के लिए यह जानना जरूरी
-यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जो उच्च गति (100 किमी प्रति घंटे तक) के लिए डिजाइन किया गया है
-एक्सप्रेसवे पर केवल चार पहिया और उससे बड़े वाहन ही चल सकते हैं।
-तीन पहिया वाहन ऑटो व ईरिक्शा भी मना हैं।
-कार के लिए अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा
-बड़ी व मिनी बस 100 किमी प्रति घंटा।
-न्यूनतम गति आमतौर पर 60 किमी प्रति घंटा (स्लो लेन में)।
-एक्सप्रेसवे पर कहीं भी रुकना या पार्किंग मना है।
-इमरजेंसी लेन का इस्तेमाल केवल आपातकाल में। हेल्पलाइन : 1033 पर संपर्क कर सकते हैं।