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Raebareli News: एक बेटी की मौत, दूसरी जिंदगी के लिए लड़ रही जंग
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 09 Feb 2026 01:13 AM IST
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे के बाद जिला अस्पताल में स्टेचर पर लेटी घायल किशोरी।
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रायबरेली। गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार देर शाम हुए भीषण हादसे ने पिता जंग बहादुर को तोड़ दिया है। दुर्घटना में उन्होंने अपनी एक बेटी हिमांशी को खो दिया, जबकि दूसरी बेटी साधना जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। पिता अपनी दूसरी बेटी की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
रविवार रात जिला अस्पताल में बदहवास जंग बहादुर अपनी घायल बेटी को बचाने के लिए चिकित्सकों से मिन्नत करते रहे। उनके साथ मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी चिंतित दिखे। वहीं, कोडर गांव के रमणेश भी अपनी दोनों बेटियों, रिया पटेल और प्रिया पटेल के लिए चिंतित रहे। दोनों बेटियां हादसे में घायल हुई हैं । दोनों का इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल में जब घायलों को लाया गया, तो उनके परिजनों की चीख-पुकार सुनकर अन्य मरीज भी सहम गए। लोग अपना दर्द भूलकर घायल किशोरियों के इलाज में मदद करने की बात कहते नजर आए। इस बीच जिला अस्पताल की टीम भी पूरी तत्परता से उपचार में जुटी रही। यहां हादसे का अलर्ट मिलते ही इमरजेंसी की पूरी टीम उपचार के लिए तैयार हो गई। एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाते ही पूरी टीम उपचार में जुट गई।
डीएम-एसपी ने घायलों का जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। इस बीच जिलाधिकारी हर्षिता माथुर व एसपी रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों से बातचीत कर हादसे के बारे में जानकारी ली। सीएमओ डॉ. दिनेश चंद्रा व सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र से उपचार के बारे में जाना। घायलों और मृत युवतियों के परिजनों से भी मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिला अस्पताल के बाद डीएम और एसपी घटनास्थल पर भी पहुंचे।
राहत में ही हुआ सभी का पोस्टमार्टम
जिला प्रशासन ने मामले में संवेदनशीलता दिखाई। जिलाधिकारी ने रात में ही सभी मृतकों के पोस्टमार्टम का निर्देश दिया। इसके बाद विशेष टीम गठित करके कोडर गांव निवासी आसमां, हिमांशी, शालिनी व रश्मि का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को सभी का गांव में ही अंतिम संस्कार होगा।
रविवार रात जिला अस्पताल में बदहवास जंग बहादुर अपनी घायल बेटी को बचाने के लिए चिकित्सकों से मिन्नत करते रहे। उनके साथ मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी चिंतित दिखे। वहीं, कोडर गांव के रमणेश भी अपनी दोनों बेटियों, रिया पटेल और प्रिया पटेल के लिए चिंतित रहे। दोनों बेटियां हादसे में घायल हुई हैं । दोनों का इलाज चल रहा है।
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जिला अस्पताल में जब घायलों को लाया गया, तो उनके परिजनों की चीख-पुकार सुनकर अन्य मरीज भी सहम गए। लोग अपना दर्द भूलकर घायल किशोरियों के इलाज में मदद करने की बात कहते नजर आए। इस बीच जिला अस्पताल की टीम भी पूरी तत्परता से उपचार में जुटी रही। यहां हादसे का अलर्ट मिलते ही इमरजेंसी की पूरी टीम उपचार के लिए तैयार हो गई। एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाते ही पूरी टीम उपचार में जुट गई।
डीएम-एसपी ने घायलों का जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। इस बीच जिलाधिकारी हर्षिता माथुर व एसपी रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों से बातचीत कर हादसे के बारे में जानकारी ली। सीएमओ डॉ. दिनेश चंद्रा व सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र से उपचार के बारे में जाना। घायलों और मृत युवतियों के परिजनों से भी मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिला अस्पताल के बाद डीएम और एसपी घटनास्थल पर भी पहुंचे।
राहत में ही हुआ सभी का पोस्टमार्टम
जिला प्रशासन ने मामले में संवेदनशीलता दिखाई। जिलाधिकारी ने रात में ही सभी मृतकों के पोस्टमार्टम का निर्देश दिया। इसके बाद विशेष टीम गठित करके कोडर गांव निवासी आसमां, हिमांशी, शालिनी व रश्मि का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को सभी का गांव में ही अंतिम संस्कार होगा।