UP: रायबरेली में युवक की मौत पर बवाल, पथराव में कई पुलिस कर्मी घायल; चारपाई पर शव रखकर हाईवे किया जाम
रायबरेली में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर रायबरेली-जौनपुर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पथराव में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई लोग घायल हुए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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सड़क हादसे में युवक की मौत पर मंगलवार को बवाल हो गया। मामले में कार्रवाई किए जाने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर गुस्साए लोगों ने चारपाई पर युवक का शव रखकर न सिर्फ रायबरेली-जौनपुर हाईवे जाम कर दिया, बल्कि पथराव किया। पथराव से सलोन कोतवाली प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों व मुसाफिरों को चोटें आई। परशदेपुर चौकी प्रभारी की निजी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। यहां तक पुलिसकर्मियों को काफी दूर तक दौड़ाया।
हाल ये रहा कि पुलिस अफसरों व अन्य पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। एएसपी आलोक सिंह और एसडीएम ने मामले में कार्रवाई कराने और मुआवजा दिलाए जाने समेत अन्य मांगों को पूरा करने का भरोसा देकर शांत कराया। इसके बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद मामला शांत हो सका। बवाल पर हाईवे पर जाम लगने से लोग बेहाल हुए।
टक्कर के बाद बड़ा गया बवाल
खम्हरिया पूरे कुशल गांव निवासी मेवालाल सरोज (35) बीती 28 जून की सुबह करीब 10 बजे मेवालाल साइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि राजापुर स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही प्रधान प्रतिनिधि शुभम सिंह उर्फ रघुराज प्रताप सिंह, उसके भाई लव सिंह और गुड्डू सिंह ने जानबूझकर अपनी मोटरसाइकिल से उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। इससे उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इलाज के दौरान 29 जून को लखनऊ मेडिकल ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। मृतक युवक की पत्नी राजरानी की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि, उसके भाई समेत तीन लोगों के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने, गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की।
सोमवार देर रात सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया तो लोग शांत हुए और घर लौट आए। मंगलवार सुबह करीब सात बजे परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
सभी ने चारपाई पर शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।एसडीएम मिथलेश त्रिपाठी, सीओ सलोन यादुवेंद्र पाल सिंह के अलावा सलोन, डीह, नसीराबाद, भदोखर और जगतपुर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने परिजनों से वार्ता कर आर्थिक सहायता, आवासीय व कृषि पट्टा, पारिवारिक लाभ योजना सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अराजकतत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया
इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ अराजकतत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया और पुलिस व राहगीरों पर अचानक ईंट पत्थर चला दिए। पथराव इस कदर हुआ कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। उपद्रवियों ने पुलिस को फायर स्टेशन तक खदेड़ा और लगातार पत्थर बरसाते रहे। घटना में सलोन कोतवाली प्रभारी बालेंदु गौतम समेत कई पुलिसकर्मी को ईट पत्थर लगने से चोटें आई। परशदेपुर चौकी प्रभारी की निजी कार भी और पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
हालात बिगड़ने पर एएसपी आलोक सिंह, सीओ महराजगंज और सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह भी मौके पर पहुंचे। एएसपी ने मृतक युवक की पत्नी राजरानी और बेटी से वार्ता किया। एएसपी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, आवासीय पट्टा, कृषि पट्टा, पारिवारिक लाभ योजना तथा परिवार की मांग के अनुसार एक बीघा जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन जाम समाप्त करने पर राजी हुए।
SP बोले- इसकी जांच कराई जाएगी
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि युवक की मौत पर गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगाकर पथराव किया था। पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी कराने का भरोसा देकर लोगों को शांत करा दिया गया है। हाईवे पर आवागमन भी शुरू करा दिया गया है। कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी लोग किस कारणवश उग्र हुए, इसकी जांच कराई जाएगी।