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Raebareli News: मिशन वात्सल्य में भर्तियों की जांच दबाने पर हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:29 AM IST
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रायबरेली। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में मिशन वात्सल्य के तहत हुई भर्तियों की जांच पांच माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। मंडलायुक्त के आदेश के बाद भी जांच को दबाने से नाराज शिकायतकर्ता ने बुधवार को प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में मिशन वात्सल्य के तहत प्रोजेक्टर कोऑर्डिनेटर, काउंसलर, केस वर्कर और चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजरों के पदों को भरने के लिए भर्ती की गई थी। मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में शहर के चक अहमदपुर नजूल निवासी आशीष पाठक ने आरोप लगाया था कि शासनादेश के विपरीत गलत तरह से नियुक्तियां हुई हैं।
आरोप था कि फर्म ने प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर और काउंसलर के एक-एक पद के लिए पांच-पांच व चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजरों और केस वर्करों के लिए 10-10 लोगों की रैंडम सूची दी थी। इसके बावजूद कृष्ण प्रताप शर्मा, सरिता देवी, तहसीला खानम, अभिषेक कुमार, प्रमोद कुमार का नाम रैंडम सूची में शामिल न होने के बावजूद उनका भी चयन हो गया।
मंडलायुक्त ने अक्टूबर 2025 में सीडीओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया था। विभागीय लोगों का कहना है कि प्रोबेशन अधिकारी व अन्य अधिकारियों के जवाब न मिलने के कारण जांच कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है।
इसी से आक्रोशित शिकायतकर्ता ने बुधवार को सीडीओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा करते हुए मामले की जांच रिपोर्ट तुरंत सौंपने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीडीओ अंजूलता ने बताया कि इस मामले में प्रोबेशन अधिकारी का जवाब आते ही जांच रिपोर्ट पूरी कर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में मिशन वात्सल्य के तहत प्रोजेक्टर कोऑर्डिनेटर, काउंसलर, केस वर्कर और चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजरों के पदों को भरने के लिए भर्ती की गई थी। मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में शहर के चक अहमदपुर नजूल निवासी आशीष पाठक ने आरोप लगाया था कि शासनादेश के विपरीत गलत तरह से नियुक्तियां हुई हैं।
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आरोप था कि फर्म ने प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर और काउंसलर के एक-एक पद के लिए पांच-पांच व चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजरों और केस वर्करों के लिए 10-10 लोगों की रैंडम सूची दी थी। इसके बावजूद कृष्ण प्रताप शर्मा, सरिता देवी, तहसीला खानम, अभिषेक कुमार, प्रमोद कुमार का नाम रैंडम सूची में शामिल न होने के बावजूद उनका भी चयन हो गया।
मंडलायुक्त ने अक्टूबर 2025 में सीडीओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया था। विभागीय लोगों का कहना है कि प्रोबेशन अधिकारी व अन्य अधिकारियों के जवाब न मिलने के कारण जांच कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है।
इसी से आक्रोशित शिकायतकर्ता ने बुधवार को सीडीओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा करते हुए मामले की जांच रिपोर्ट तुरंत सौंपने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीडीओ अंजूलता ने बताया कि इस मामले में प्रोबेशन अधिकारी का जवाब आते ही जांच रिपोर्ट पूरी कर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय की जाएगी।