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Raebareli News: एम्स में महिला की मौत, हंगामा
Thu, 13 Aug 2026 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:42 AM IST
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एम्स में महिला की मौत के बाद इमरजेंसी के बाहर हंगामा करते मृतका के परिजनों को समझाता कर्मचारी।
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रायबरेली। एम्स में बुधवार को महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क गया। इमरजेंसी के गेट पर ही परिवार के लोग धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे। सूचना पर भदोखर थाने की पुलिस पहुंची। चिकित्सकों व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच कहासुनी तक हुई। कई घंटे तक हंगामे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान एम्स परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा।
बीती आठ अगस्त को अमेठी जिले के टिकरिया गांव निवासी गीता देवी (48) को गंभीर हालत में एम्स लाया गया था। आरोप है कि कई घंटे प्रयास के बाद मरीज को भर्ती किया गया। बुधवार को हंगामे के दौरान परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि मरीज को पहले गलत वार्ड में भर्ती किया गया। दो दिन मेडिसिन वार्ड में रखने के बाद जनरल सर्जरी विभाग में भेजा गया। लगातार जांच की जा रही थी पर इलाज नहीं किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बुधवार को गीता देवी की मौत हो गई। ठीक से इलाज किया गया होता तो मौत न होती। परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इमरजेंसी गेट पर कई घंटे हंगामा चला। भदोखर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। बाद में एम्स निदेशक से परिजनों ने मुलाकात की। थानाध्यक्ष भदोखर राकेश आनंद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। किडनी काम नहीं कर रही थी और शरीर में रक्त पांच प्रतिशत था। ऐसे में इलाज के दौरान मरीज के हॉर्ट के कोलैप्स होने की आशंका होती है। इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई।
- डॉ. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक, एम्स
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बीती आठ अगस्त को अमेठी जिले के टिकरिया गांव निवासी गीता देवी (48) को गंभीर हालत में एम्स लाया गया था। आरोप है कि कई घंटे प्रयास के बाद मरीज को भर्ती किया गया। बुधवार को हंगामे के दौरान परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि मरीज को पहले गलत वार्ड में भर्ती किया गया। दो दिन मेडिसिन वार्ड में रखने के बाद जनरल सर्जरी विभाग में भेजा गया। लगातार जांच की जा रही थी पर इलाज नहीं किया गया।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि बुधवार को गीता देवी की मौत हो गई। ठीक से इलाज किया गया होता तो मौत न होती। परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इमरजेंसी गेट पर कई घंटे हंगामा चला। भदोखर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। बाद में एम्स निदेशक से परिजनों ने मुलाकात की। थानाध्यक्ष भदोखर राकेश आनंद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। किडनी काम नहीं कर रही थी और शरीर में रक्त पांच प्रतिशत था। ऐसे में इलाज के दौरान मरीज के हॉर्ट के कोलैप्स होने की आशंका होती है। इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई।
- डॉ. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक, एम्स