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Raebareli News: शराब के कारोबार से तौबा करेंगी 62 गांवों की महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:53 AM IST
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रायबरेली। गांवों में शराब के अवैध कारोबार में लिप्त महिलाओं को कामकाजी बनाने की तैयारी है। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत जिले के ऐसे 62 गांवों को चुना गया है, जहां महिलाएं शराब के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। यहां महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन करके करीब 620 महिलाओं को कामकाजी बनाया जाएगा। इनमें से अब तक 56 समूहों के गठन का काम भी पूरा हो चुका है।
गांवों में अवैध शराब बनाकर जीवन यापन कर रहीं महिलाओं को चिह्नित किया गया है। आबकारी विभाग से 62 गांवों की सूची मिलने के बाद विभाग ने महिलाओं का समूह एनआरएलएम के माध्यम से कराने का काम शुरू कर दिया है। जिले के 14 ब्लाकों के 62 गांवों में महिलाएं शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त मिली हैं। इसमें राही के सात, अमावां के चार, सतांव के 12, हरचंदपुर के छह, बछरावां के दो, शिवगढ़ के दो, खीरों के आठ, महराजगंज एक, लालगंज तीन, सरेनी के दो, डीह के दो, छतोह के एक, डलमऊ के चार, दीन शाह गौरा एक व ऊंचाहार के पांच गांव शामिल हैं।
समूहों के गठन के बाद मिलेगा प्रशिक्षण
महिलाओं के समूहों का गठन करने के बाद उन्हें रोजगार स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। सिलाई, कड़ाई, कुकिंग, अगरबत्ती, मोमबत्ती, धूपबत्ती, अचार सहित अन्य रोजगार स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वह गांव में रहकर ही अपना रोजगार स्थापित करके आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।
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कोट्स
शराब के अवैध कारोबार में लिप्त महिलाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए जिले के 62 गांवों में महिलाओं का समूह एनआरएलएम के माध्यम से गठित कराने का काम शुरू कराया गया है। जल्द ही प्रशिक्षण दिलाकर और विभाग से आर्थिक मदद की व्यवस्था करके महिलाओं का कामकाजी बनाया जाएगा।
प्रमोद सिंह चंद्रौल, उपायुक्त (एनआरएलएम)
गांवों में अवैध शराब बनाकर जीवन यापन कर रहीं महिलाओं को चिह्नित किया गया है। आबकारी विभाग से 62 गांवों की सूची मिलने के बाद विभाग ने महिलाओं का समूह एनआरएलएम के माध्यम से कराने का काम शुरू कर दिया है। जिले के 14 ब्लाकों के 62 गांवों में महिलाएं शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त मिली हैं। इसमें राही के सात, अमावां के चार, सतांव के 12, हरचंदपुर के छह, बछरावां के दो, शिवगढ़ के दो, खीरों के आठ, महराजगंज एक, लालगंज तीन, सरेनी के दो, डीह के दो, छतोह के एक, डलमऊ के चार, दीन शाह गौरा एक व ऊंचाहार के पांच गांव शामिल हैं।
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समूहों के गठन के बाद मिलेगा प्रशिक्षण
महिलाओं के समूहों का गठन करने के बाद उन्हें रोजगार स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। सिलाई, कड़ाई, कुकिंग, अगरबत्ती, मोमबत्ती, धूपबत्ती, अचार सहित अन्य रोजगार स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वह गांव में रहकर ही अपना रोजगार स्थापित करके आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।
कोट्स
शराब के अवैध कारोबार में लिप्त महिलाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए जिले के 62 गांवों में महिलाओं का समूह एनआरएलएम के माध्यम से गठित कराने का काम शुरू कराया गया है। जल्द ही प्रशिक्षण दिलाकर और विभाग से आर्थिक मदद की व्यवस्था करके महिलाओं का कामकाजी बनाया जाएगा।
प्रमोद सिंह चंद्रौल, उपायुक्त (एनआरएलएम)