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Rampur News: प्रशासक बने ग्राम प्रधानों का मानदेय बंद, बढ़ी बेचैनी
Tue, 11 Aug 2026 02:11 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:11 AM IST
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रामपुर। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद जिले की 680 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, प्रशासक बनने के बाद प्रधानों के मानदेय पर रोक लग गई है। शासन की ओर से मानदेय भुगतान को लेकर अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रधानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जिले में प्रत्येक ग्राम प्रधान को प्रतिमाह पांच हजार रुपये मानदेय मिलता है। इस हिसाब से 680 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को हर महीने 34 लाख रुपये मानदेय का भुगतान किया जाता है। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक व्यवस्था लागू होने से यह भुगतान फिलहाल रुक गया है।
प्रधानों को पंचायतों के विकास कार्यों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में मानदेय को लेकर प्रधानों में चर्चा तेज हो गई है। प्रधानों का कहना है कि जब उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है तो मानदेय के संबंध में भी शासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रशासक व्यवस्था लागू होने के बाद से प्रधानों को मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शासन से इस संबंध में अलग से कोई आदेश या स्पष्ट दिशा-निर्देश आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शासन की गाइडलाइन के अनुसार जारी रखने के निर्देश हैं।
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ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के बाद से मानदेय नहीं दिया गया है। शासन से मानदेय को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया है, जिसकी वजह से असमंजस की स्थिति है। ग्राम प्रधान संगठन की मांग है कि प्रशासकों को मानदेय दिया जाना चाहिए। -काशिफ खां, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन
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जिले में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासक बने प्रधानों के मानदेय भुगतान को लेकर शासन से फिलहाल कोई अलग निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही मानदेय के संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा। -नत्थू लाल गंगवार, डीपीआरओ
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जिले में प्रत्येक ग्राम प्रधान को प्रतिमाह पांच हजार रुपये मानदेय मिलता है। इस हिसाब से 680 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को हर महीने 34 लाख रुपये मानदेय का भुगतान किया जाता है। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक व्यवस्था लागू होने से यह भुगतान फिलहाल रुक गया है।
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प्रधानों को पंचायतों के विकास कार्यों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में मानदेय को लेकर प्रधानों में चर्चा तेज हो गई है। प्रधानों का कहना है कि जब उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है तो मानदेय के संबंध में भी शासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रशासक व्यवस्था लागू होने के बाद से प्रधानों को मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शासन से इस संबंध में अलग से कोई आदेश या स्पष्ट दिशा-निर्देश आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शासन की गाइडलाइन के अनुसार जारी रखने के निर्देश हैं।
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ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के बाद से मानदेय नहीं दिया गया है। शासन से मानदेय को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया है, जिसकी वजह से असमंजस की स्थिति है। ग्राम प्रधान संगठन की मांग है कि प्रशासकों को मानदेय दिया जाना चाहिए। -काशिफ खां, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन
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जिले में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासक बने प्रधानों के मानदेय भुगतान को लेकर शासन से फिलहाल कोई अलग निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही मानदेय के संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा। -नत्थू लाल गंगवार, डीपीआरओ