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दो पत्नियों के विवाद में पंचायत का अनोखा फैसला: पति तीन-तीन दिन रहेगा दोनों के साथ, एक दिन करेगा ये काम

Mon, 20 Jul 2026 09:36 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, दढ़ियाल
संवाद न्यूज एजेंसी, दढ़ियाल Published by: विकास कुमार Updated Mon, 20 Jul 2026 09:36 PM IST
सार

युवक की पहली शादी 14 साल पहले उत्तराखंड की एक युवती से हुई थी, जिनसे उनकी दो बेटियां हैं। शादी के लगभग 10 साल बाद बेटे की चाहत में युवक ने पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी कर ली। हालांकि, दूसरी पत्नी से भी चार साल में दो बेटियां ही हुईं। 

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Husband divided between two wives Panchayat allocates three days to each
पंचायत का अनोखा फैसला - फोटो : अमर उजाला/AI

विस्तार

पति का दो पत्नियों के बीच विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई एक गांव की पंचायत का अनूठा फैसला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पहली पत्नी द्वारा खर्च न मिलने और पति के दूसरी पत्नी के साथ रहने की शिकायत पुलिस में करने के बाद मामला पंचायत में पहुंचा। घंटों चली पंचायत के बाद फैसला लिया गया कि पति हफ्ते के तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ बिताएगा, जबकि सातवां दिन उसकी अपनी मर्जी पर निर्भर करेगा।

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बेटे की चाह में की थी दूसरी शादी
मामला दढ़ियाल चौकी क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, युवक की पहली शादी 14 साल पहले उत्तराखंड की एक युवती से हुई थी, जिनसे उनकी दो बेटियां हैं। शादी के लगभग 10 साल बाद बेटे की चाहत में युवक ने पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी कर ली। हालांकि, दूसरी पत्नी से भी चार साल में दो बेटियां ही हुईं। इसके बावजूद युवक अपनी दूसरी पत्नी के साथ ही रहने लगा और पहली पत्नी की अनदेखी करने लगा।

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पुलिस चौकी से पंचायत तक पहुंचा विवाद
आर्थिक और पारिवारिक उपेक्षा से परेशान होकर पहली पत्नी सोमवार को पुलिस चौकी पहुंच गई। पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि दोनों पक्षों के परिजन और गांव के गणमान्य लोग मामले को आपस में सुलझाने के लिए बैठ गए।

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पंचायत का समझौता और शर्तें
काफी देर तक चली विचार-विमर्श के बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया। पति तीन दिन पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा। हफ्ते का शेष एक दिन वह अपनी इच्छा से बिता सकेगा।

भरण-पोषण की शर्त
पति को पहली पत्नी के घर हर महीने का पूरा राशन पहुंचाना होगा। पहली पत्नी को व्यक्तिगत खर्चों के लिए प्रति सप्ताह 500 रुपये अलग से देने होंगे। दोनों पक्षों के इस लिखित और मौखिक समझौते पर राजी हो जाने के बाद मामला शांत हो गया और पुलिस में शिकायत आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

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