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Rampur News: 40 क्विंटल प्रतिबंधित खैर की लकड़ी से भरी पिकअप पकड़ी
Wed, 08 Jul 2026 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 08 Jul 2026 02:00 AM IST
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स्वार। प्रतिबंधित खैर की लकड़ी की तस्करी पर स्वार पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 40 क्विंटल खैर की लकड़ी से लदी एक पिकअप पकड़ ली। चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। बरामद लकड़ी को कब्जे में लेकर वाहन सीज कर दिया गया है। वन विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
कोतवाली प्रभारी अनुपम शर्मा ने बताया कि सोमवार रात सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक आदर्श गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें कांस्टेबल राजन चौधरी, पवन चौहान और टिंकू चौधरी शामिल रहे। मुखबिर की सूचना पर टीम ने दूंदावाला तिराहे के आसपास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की।
कुछ देर बाद बाजपुर की ओर से तेज रफ्तार से आ रही संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर पिकअप को घेर लिया। इसी दौरान चालक अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया।
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पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी। अंबरपुर वन चौकी से वन रक्षक बलविंदर सिंह टीम के साथ कोतवाली पहुंचे और पिकअप में लदी लकड़ी की नाप-तौल कराई। जांच में वाहन से खैर की लकड़ी के 33 गोटे बरामद हुए, जिनका वजन लगभग 40 क्विंटल पाया गया। बरामद खैर की लकड़ी की कीमत करीब चार लाख रुपये आंकी गई है।
अंबरपुर वन चौकी के वन दरोगा नरेश कुमार की तहरीर पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर वाहन सीज कर दिया गया। पुलिस और वन विभाग की टीम फरार चालक की तलाश में जुटी है। एसडीओ वन ओम प्रकाश राम ने बताया कि बरामद खैर की जांच कराई जा रही है कि उसे किस जंगल से काटा गया है। साथ ही तस्करों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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रेंजर के बिना चल रही स्वार वन रेंज, वन तस्करों के हौसले बुलंद
स्वार। स्वार वन रेंज में पिछले दो माह से नियमित रेंजर की तैनाती नहीं है। बीते एक वर्ष में यहां चार रेंजर बदले जा चुके हैं, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। विजय कुमार गौतम के निलंबन के बाद रमाकांत सक्सेना को स्वार वन रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, लेकिन वह भी स्थानांतरण लेकर चले गए। उधर, हाईकोर्ट ने विजय कुमार गौतम के निलंबन पर रोक लगा दी। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद विभागीय अधिकारी उन्हें दोबारा कार्यभार नहीं सौंप रहे हैं। दूसरी ओर विभाग ने नए रेंजर की नियुक्ति भी नहीं की है। ऐसे में स्वार और पीपली वन रेंज की व्यवस्था फिलहाल भगवान भरोसे चल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की इस अनिश्चित स्थिति का फायदा वन तस्कर उठाने की कोशिश कर रहे हैं। संवाद
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कोतवाली प्रभारी अनुपम शर्मा ने बताया कि सोमवार रात सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक आदर्श गुप्ता के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें कांस्टेबल राजन चौधरी, पवन चौहान और टिंकू चौधरी शामिल रहे। मुखबिर की सूचना पर टीम ने दूंदावाला तिराहे के आसपास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की।
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कुछ देर बाद बाजपुर की ओर से तेज रफ्तार से आ रही संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर पिकअप को घेर लिया। इसी दौरान चालक अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया।
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पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी। अंबरपुर वन चौकी से वन रक्षक बलविंदर सिंह टीम के साथ कोतवाली पहुंचे और पिकअप में लदी लकड़ी की नाप-तौल कराई। जांच में वाहन से खैर की लकड़ी के 33 गोटे बरामद हुए, जिनका वजन लगभग 40 क्विंटल पाया गया। बरामद खैर की लकड़ी की कीमत करीब चार लाख रुपये आंकी गई है।
अंबरपुर वन चौकी के वन दरोगा नरेश कुमार की तहरीर पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर वाहन सीज कर दिया गया। पुलिस और वन विभाग की टीम फरार चालक की तलाश में जुटी है। एसडीओ वन ओम प्रकाश राम ने बताया कि बरामद खैर की जांच कराई जा रही है कि उसे किस जंगल से काटा गया है। साथ ही तस्करों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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रेंजर के बिना चल रही स्वार वन रेंज, वन तस्करों के हौसले बुलंद
स्वार। स्वार वन रेंज में पिछले दो माह से नियमित रेंजर की तैनाती नहीं है। बीते एक वर्ष में यहां चार रेंजर बदले जा चुके हैं, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। विजय कुमार गौतम के निलंबन के बाद रमाकांत सक्सेना को स्वार वन रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, लेकिन वह भी स्थानांतरण लेकर चले गए। उधर, हाईकोर्ट ने विजय कुमार गौतम के निलंबन पर रोक लगा दी। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद विभागीय अधिकारी उन्हें दोबारा कार्यभार नहीं सौंप रहे हैं। दूसरी ओर विभाग ने नए रेंजर की नियुक्ति भी नहीं की है। ऐसे में स्वार और पीपली वन रेंज की व्यवस्था फिलहाल भगवान भरोसे चल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की इस अनिश्चित स्थिति का फायदा वन तस्कर उठाने की कोशिश कर रहे हैं। संवाद