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Rampur News: शरीफन... साबित करो कि अभी तुम जिंदा हो
Fri, 31 Jul 2026 01:08 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:08 AM IST
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शाहबाद (रामपुर)। सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला शाहबाद विकास खंड क्षेत्र से सामने आया है। छह माह पहले पति मेहंदी हसन की मौत के बाद उसका मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए महीनों से चक्कर काट रही महिला शरीफन को तब झटका लगा, जब अधिकारियों ने मृतक पति की जगह उसी का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। अब महिला अधिकारियों से गुहार लगा रही है कि साहब! मैं अभी जिंदा हूं, मेरा नहीं, मेरे पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाइए।
मामला विकास खंड क्षेत्र के रवानी पट्टी उदा गांव का है। गांव निवासी मेहंदी हसन का करीब छह माह पहले निधन हो गया था। परिजनों के अनुसार, मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्राम प्रधान और विकास खंड कार्यालय में कई बार आवश्यक अभिलेख जमा किए गए, लेकिन हर बार कभी फाइल गुम होने तो कभी अन्य कारणों का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि कई बार चक्कर लगाने और मिन्नतें करने के बाद आखिरकार प्रमाणपत्र तो जारी कर दिया गया, लेकिन उसमें मृतक मेहंदी हसन की जगह उनकी पत्नी शरीफन को मृत घोषित कर दिया गया। प्रमाणपत्र में शरीफन की मृत्यु 25 अगस्त 2025 को दर्शाई गई है।
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जीवित महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। अब स्थिति यह है कि शरीफन खुद को जीवित साबित करने और अपने मृत पति का सही मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
बृहस्पतिवार को वह अपने परिजनों के साथ शिकायत लेकर तहसील पहुंचीं, लेकिन उस समय तहसील सभागार में प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह की अधिकारियों के साथ बैठक चल रही थी। एसडीएम की व्यस्तता के कारण उनकी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी।
इस पूरे प्रकरण ने सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिवार ने त्रुटि सुधारकर सही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
000
वर्जन
जिंदा महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो गया है, ऐसी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। अगर ऐसा हुआ है तो उसकी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -आदेश कुमार, एसडीएम शाहबाद
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मामला विकास खंड क्षेत्र के रवानी पट्टी उदा गांव का है। गांव निवासी मेहंदी हसन का करीब छह माह पहले निधन हो गया था। परिजनों के अनुसार, मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्राम प्रधान और विकास खंड कार्यालय में कई बार आवश्यक अभिलेख जमा किए गए, लेकिन हर बार कभी फाइल गुम होने तो कभी अन्य कारणों का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया गया।
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परिजनों का आरोप है कि कई बार चक्कर लगाने और मिन्नतें करने के बाद आखिरकार प्रमाणपत्र तो जारी कर दिया गया, लेकिन उसमें मृतक मेहंदी हसन की जगह उनकी पत्नी शरीफन को मृत घोषित कर दिया गया। प्रमाणपत्र में शरीफन की मृत्यु 25 अगस्त 2025 को दर्शाई गई है।
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जीवित महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। अब स्थिति यह है कि शरीफन खुद को जीवित साबित करने और अपने मृत पति का सही मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
बृहस्पतिवार को वह अपने परिजनों के साथ शिकायत लेकर तहसील पहुंचीं, लेकिन उस समय तहसील सभागार में प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह की अधिकारियों के साथ बैठक चल रही थी। एसडीएम की व्यस्तता के कारण उनकी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी।
इस पूरे प्रकरण ने सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिवार ने त्रुटि सुधारकर सही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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वर्जन
जिंदा महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो गया है, ऐसी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। अगर ऐसा हुआ है तो उसकी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -आदेश कुमार, एसडीएम शाहबाद