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Rampur News: ट्रेनों की देरी ने खूब सताया, सफर में परीक्षार्थियों के छूटे पसीने
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:53 AM IST
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रामपुर। टीजीटी परीक्षा के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। परीक्षार्थियों को सीट के लिए संघर्ष करना पड़ा और कई अभ्यर्थियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।
रामपुर में दो दिवसीय टीजीटी परीक्षा के केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन बरेली, बदायूं, पीलीभीत और अमरोहा से आए परीक्षार्थियों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परीक्षा के लिए विशेष ट्रेनें न चलने से नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया। दैनिक यात्रियों और परीक्षार्थियों की भीड़ के कारण सीटों के लिए मारामारी मची रही। सीट पाने को लेकर लोगों में नोकझोंक और जद्दोजहद भी देखने को मिली। परीक्षार्थियों को गर्मी और ट्रेनों की देरी से भी जूझना पड़ा।
कुछ परीक्षार्थी रात में ही रामपुर पहुंच गए थे, जबकि कुछ सुबह ट्रेनों से पहुंचे। दोपहर में परीक्षा समाप्त होने के बाद कई परीक्षार्थियों को स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। 3:45 बजे राप्ती गंगा एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में यात्री रवाना हुए। दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद शाम तक आला हजरत सहित अन्य ट्रेनें मिलीं। देर रात तक परीक्षार्थियों की आवाजाही जारी रही, जबकि रोडवेज बसों में स्थिति सामान्य बनी रही। रेलवे स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद आजम ने बताया कि परीक्षार्थियों के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ी थी। अब स्थिति सामान्य है।
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रामपुर पहुंचने में पसीने छूट गए। एक तरफ गर्मी और दूसरी तरफ ट्रेनों की भीड़ ने हालत खराब कर दी। भीड़ की वजह से सीट नहीं मिल सकी। रेलवे को परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलानी चाहिए थी, जिससे लोगों को राहत मिल सके। -सुबोध
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दो दिन की परीक्षा है। हमारी परीक्षा पहले दिन पड़ी थी। रामपुर सेंटर दिया गया था। पेपर देकर अब वापस लौटना है, लेकिन ट्रेन अभी नहीं है। अब या तो राप्ती गंगा मिलेगी या फिर रात वाली आला हजरत, लेकिन सभी ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं। पांव रखने की जगह नहीं है। -धारा सिंह
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परीक्षा कोई भी हो, भीड़भाड़ ज्यादा रहती ही है, लेकिन एक परीक्षा स्पेशल चल जाती तो सहूलियत हो जाती। पेपर अच्छा गया है, अब मार्क्स देखने हैं। इससे पहले पीजीटी का पेपर भी कठिन आया था। इसमें देखते हैं क्या रहता है। -जीतेंद्र कुमार
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बसों का कोई भरोसा नहीं है। मैं हमेशा ट्रेन से सफर करता हूं, लेकिन इस बार तो ट्रेन भी देरी का सबब बन गई। इन दिनों भी ट्रेनें लेट हो रही हैं। आला हजरत और अन्य ट्रेनों की देरी की वजह से दिक्कत ज्यादा हुई है। -राहुल कुमार
रामपुर में दो दिवसीय टीजीटी परीक्षा के केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन बरेली, बदायूं, पीलीभीत और अमरोहा से आए परीक्षार्थियों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परीक्षा के लिए विशेष ट्रेनें न चलने से नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया। दैनिक यात्रियों और परीक्षार्थियों की भीड़ के कारण सीटों के लिए मारामारी मची रही। सीट पाने को लेकर लोगों में नोकझोंक और जद्दोजहद भी देखने को मिली। परीक्षार्थियों को गर्मी और ट्रेनों की देरी से भी जूझना पड़ा।
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कुछ परीक्षार्थी रात में ही रामपुर पहुंच गए थे, जबकि कुछ सुबह ट्रेनों से पहुंचे। दोपहर में परीक्षा समाप्त होने के बाद कई परीक्षार्थियों को स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। 3:45 बजे राप्ती गंगा एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में यात्री रवाना हुए। दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद शाम तक आला हजरत सहित अन्य ट्रेनें मिलीं। देर रात तक परीक्षार्थियों की आवाजाही जारी रही, जबकि रोडवेज बसों में स्थिति सामान्य बनी रही। रेलवे स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद आजम ने बताया कि परीक्षार्थियों के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ी थी। अब स्थिति सामान्य है।
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दो दिन की परीक्षा है। हमारी परीक्षा पहले दिन पड़ी थी। रामपुर सेंटर दिया गया था। पेपर देकर अब वापस लौटना है, लेकिन ट्रेन अभी नहीं है। अब या तो राप्ती गंगा मिलेगी या फिर रात वाली आला हजरत, लेकिन सभी ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं। पांव रखने की जगह नहीं है। -धारा सिंह
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परीक्षा कोई भी हो, भीड़भाड़ ज्यादा रहती ही है, लेकिन एक परीक्षा स्पेशल चल जाती तो सहूलियत हो जाती। पेपर अच्छा गया है, अब मार्क्स देखने हैं। इससे पहले पीजीटी का पेपर भी कठिन आया था। इसमें देखते हैं क्या रहता है। -जीतेंद्र कुमार
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बसों का कोई भरोसा नहीं है। मैं हमेशा ट्रेन से सफर करता हूं, लेकिन इस बार तो ट्रेन भी देरी का सबब बन गई। इन दिनों भी ट्रेनें लेट हो रही हैं। आला हजरत और अन्य ट्रेनों की देरी की वजह से दिक्कत ज्यादा हुई है। -राहुल कुमार