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Saharanpur News: तीन साल में 57 शिकायतें...फिर भी नहीं मिल रहे 78.49 रुपये
Fri, 31 Jul 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:51 AM IST
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सहारनपुर। महज 78.49 रुपये की रकम ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रामविहार कॉलोनी के रहने वाले 70 वर्षीय उपभोक्ता पिछले तीन वर्षों में एक-दो नहीं, बल्कि 56 बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं और अब 57वीं बार विद्युत निगम का दरवाजा खटखटाना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न समायोजन हुआ और न रुपये वापस मिले। सवाल सिर्फ 78.49 रुपये का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था का है, जहां एक बुजुर्ग उपभोक्ता अपने ही पैसे के लिए वर्षों से एड़ियां रगड़ रहे हैं।
रामविहार कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय नरेश कुमार गुप्ता ने कचहरी में टाइप का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे वरुण गुप्ता के नाम से घरेलू विद्युत कनेक्शन है। सितंबर 2023 में बिजली का बिल 532 रुपये था, लेकिन विद्युत निगम ने 130 रुपये अधिक जोड़कर 662 रुपये बिल भेज दिया। इसी तरह अक्तूबर 2023 का बिल 626 के स्थान पर 744 रुपये भेजा गया। उसमें 118 रुपये अधिक जोड़े गए। नवंबर 2023 में 642 रुपये के बिल के स्थान पर 701 रुपये बिल भेजा गया। उसमें भी 59 रुपये अधिक लिए गए। तीन माह में कुल 307 रुपये अधिक वसूले गए। कई शिकायतों के बाद फरवरी 2024 के बिल में 235 रुपये का ही समायोजन किया गया, जबकि 72 रुपये आज तक वापस नहीं किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2023 से लेकर अब तक 57 बार शिकायत कर चुके हैं।
जुलाई 2026 के बिल में जोड़े 6.49 रुपये अधिक
उन्होंने जुलाई 2026 के बिजली बिल में 6.49 रुपये का विलंब भुगतान अधिभार भी गलत तरीके से जोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जून और जुलाई, दोनों माह के बिल निर्धारित तिथि से पहले जमा किए गए थे, फिर भी विलंब शुल्क वसूला गया। ऐसे में इस राशि का भी समायोजन किया जाना चाहिए। कुल मिलाकर 78.49 रुपये वापस दिलाए जाएं। इसके लिए अब 57वीं बार प्रार्थना पत्र दिया गया है।
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अगर ऐसा मामला है तो गंभीर है। उसे दिखवाया जाएगा। शिकायतकर्ता विद्युत निगम के कार्यालय में आकर अपने बिल संबंधी शिकायत को दूर करा सकते हैं।
- आरएस वर्मा, एसई विद्युत निगम
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रामविहार कॉलोनी निवासी 70 वर्षीय नरेश कुमार गुप्ता ने कचहरी में टाइप का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे वरुण गुप्ता के नाम से घरेलू विद्युत कनेक्शन है। सितंबर 2023 में बिजली का बिल 532 रुपये था, लेकिन विद्युत निगम ने 130 रुपये अधिक जोड़कर 662 रुपये बिल भेज दिया। इसी तरह अक्तूबर 2023 का बिल 626 के स्थान पर 744 रुपये भेजा गया। उसमें 118 रुपये अधिक जोड़े गए। नवंबर 2023 में 642 रुपये के बिल के स्थान पर 701 रुपये बिल भेजा गया। उसमें भी 59 रुपये अधिक लिए गए। तीन माह में कुल 307 रुपये अधिक वसूले गए। कई शिकायतों के बाद फरवरी 2024 के बिल में 235 रुपये का ही समायोजन किया गया, जबकि 72 रुपये आज तक वापस नहीं किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2023 से लेकर अब तक 57 बार शिकायत कर चुके हैं।
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जुलाई 2026 के बिल में जोड़े 6.49 रुपये अधिक
उन्होंने जुलाई 2026 के बिजली बिल में 6.49 रुपये का विलंब भुगतान अधिभार भी गलत तरीके से जोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जून और जुलाई, दोनों माह के बिल निर्धारित तिथि से पहले जमा किए गए थे, फिर भी विलंब शुल्क वसूला गया। ऐसे में इस राशि का भी समायोजन किया जाना चाहिए। कुल मिलाकर 78.49 रुपये वापस दिलाए जाएं। इसके लिए अब 57वीं बार प्रार्थना पत्र दिया गया है।
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अगर ऐसा मामला है तो गंभीर है। उसे दिखवाया जाएगा। शिकायतकर्ता विद्युत निगम के कार्यालय में आकर अपने बिल संबंधी शिकायत को दूर करा सकते हैं।
- आरएस वर्मा, एसई विद्युत निगम