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Saharanpur News: भूकंपरोधी का दावा, संचालन से पहले ही दरक गई छात्रावास और वृद्धाश्रम की नींव
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:33 AM IST
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स्मार्ट सिटी योजना से बने छात्रावास की नींव में आई 
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों रुपये से तैयार, जिन इमारतों के भूकंपरोधी होने का दावा किया गया है। संचालन से पहले ही उनकी नींव दरकने लगी है। इससे भविष्य में इन भवनों में रहने वाले छात्रों और वृद्धों की सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लग गया है।
दरअसल, योजना के तहत चकराता रोड पर संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय परिसर में 100 बेड का छात्रावास तैयार किया गया है। छात्रावास को भूकंपरोधी बनाने का दावा किया गया है। साथ ही इमारत के ऊपर लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि बरसात के समय गिरने वाली बिजली इमारत पर नहीं गिरेगी। छात्रावास की इमारत करीब आठ महीने से बनकर तैयार है, जो स्मार्ट सिटी को हस्तांतरित भी की जा चुकी है, लेकिन छात्रावास के शुरू होने से पहले ही इसकी नींव में दरारें आ गई हैं। कुछ जगह दरार की मरम्मत भी की गई है, लेकिन अब चारों ओर जगह-जगह इसके कॉलम के नीचे और दीवारों के नीचे लंबी दरारें आई हुई हैं।
यह इमारत ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही नूरबस्ती के पास नगर निगम की भूमि पर वृद्धाश्रम भी बनाया गया है। वृद्धाश्रम भी हैंडओवर तो हो चुका है, लेकिन अभी तक संचालन शुरू नहीं हुआ है। इस इमारत की नींव भी जगह-जगह से दरक गई है। कई जगह मरम्मत करने का प्रयास किया गया है, लेकिन फिर भी दरारें साफ नजर आ रही हैं। इससे दोनों ही इमारतों के निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत बना छात्रावास और वृद्धाश्रम के बारे में काेई भी जानकारी स्मार्ट सिटी के अधिकारी ही दे सकते हैं, क्योंकि उन्होंने पूरी परियोजनाओं को देखा और अपनी निगरानी में बनवाया है।
- सुरेशचंद्र, मुख्य अभियंता, निर्माण, नगर निगम
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स्मार्ट सिटी के अधिकारी मौन
स्मार्ट सिटी सहारनपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र सिंह से वृद्धाश्रम के बारे में पूछताछ की गई। उनसे पूछा गया कि कितने कमरों का बना है तो बताने में असमर्थता जताई और पूछकर बताने की बात कही। इसके बाद उन्हें चार बार फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं किया। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के जीएम दिनेश सिंघल को पांच बार कॉल की गई। उन्होंने भी रिसीव नहीं किया। व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर, नींव में दरार आने के मामले में वर्जन देने को कहा गया, लेकिन जवाब नहीं आया।
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दरअसल, योजना के तहत चकराता रोड पर संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के कार्यालय परिसर में 100 बेड का छात्रावास तैयार किया गया है। छात्रावास को भूकंपरोधी बनाने का दावा किया गया है। साथ ही इमारत के ऊपर लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि बरसात के समय गिरने वाली बिजली इमारत पर नहीं गिरेगी। छात्रावास की इमारत करीब आठ महीने से बनकर तैयार है, जो स्मार्ट सिटी को हस्तांतरित भी की जा चुकी है, लेकिन छात्रावास के शुरू होने से पहले ही इसकी नींव में दरारें आ गई हैं। कुछ जगह दरार की मरम्मत भी की गई है, लेकिन अब चारों ओर जगह-जगह इसके कॉलम के नीचे और दीवारों के नीचे लंबी दरारें आई हुई हैं।
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यह इमारत ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही नूरबस्ती के पास नगर निगम की भूमि पर वृद्धाश्रम भी बनाया गया है। वृद्धाश्रम भी हैंडओवर तो हो चुका है, लेकिन अभी तक संचालन शुरू नहीं हुआ है। इस इमारत की नींव भी जगह-जगह से दरक गई है। कई जगह मरम्मत करने का प्रयास किया गया है, लेकिन फिर भी दरारें साफ नजर आ रही हैं। इससे दोनों ही इमारतों के निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बना छात्रावास और वृद्धाश्रम के बारे में काेई भी जानकारी स्मार्ट सिटी के अधिकारी ही दे सकते हैं, क्योंकि उन्होंने पूरी परियोजनाओं को देखा और अपनी निगरानी में बनवाया है।
- सुरेशचंद्र, मुख्य अभियंता, निर्माण, नगर निगम
स्मार्ट सिटी के अधिकारी मौन
स्मार्ट सिटी सहारनपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र सिंह से वृद्धाश्रम के बारे में पूछताछ की गई। उनसे पूछा गया कि कितने कमरों का बना है तो बताने में असमर्थता जताई और पूछकर बताने की बात कही। इसके बाद उन्हें चार बार फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं किया। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के जीएम दिनेश सिंघल को पांच बार कॉल की गई। उन्होंने भी रिसीव नहीं किया। व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर, नींव में दरार आने के मामले में वर्जन देने को कहा गया, लेकिन जवाब नहीं आया।