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Saharanpur News: युवा महा योद्धा रैली से पूर्व सीएम अखिलेश करेंगे सियासी वार
Thu, 13 Aug 2026 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:29 AM IST
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सहारनपुर। विधानसभा चुनाव-2027 भले ही अभी दूर हो, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी तापमान बढ़ने लगा है। भाजपा के बाद अब समाजवादी पार्टी भी सहारनपुर से चुनावी मैदान सजाने की तैयारी में है। सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव छह सितंबर को सहारनपुर में प्रस्तावित युवा महा योद्धा रैली में शामिल होंगे। दिल्ली रोड पर बलियाखेड़ी ब्लॉक के सामने होने वाली रैली सपा के लिए महज संगठनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखी जा रही है।
सहारनपुर को कार्यक्रम के लिए चुने जाने के पीछे भी सियासी संदेश साफ है। पश्चिमी यूपी में भाजपा को मजबूत चुनौती देने के लिए सपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है। ऐसे में अखिलेश यादव का सहारनपुर से चुनावी अभियान को धार देना कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ ही विरोधियों को ताकत दिखाने की कवायद माना जा रहा है। सपा की प्रस्तावित रैली को पीडीए के साथ युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति से भी जोड़ा जा रहा है। खास बात यह है कि सहारनपुर में भाजपा भी पिछले कुछ समय से राजनीतिक सक्रियता बढ़ा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे और कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक हलकों में 2027 की तैयारियों के संकेत देखे गए हैं। अब अखिलेश यादव की यह रैली भाजपा के इसी सक्रिय अभियान के जवाब के रूप में देखी जा रही है।
भीड़ से ज्यादा संदेश पर नजर
छह सितंबर की रैली में सपा की असली परीक्षा भीड़ जुटाने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश देने की होगी। अखिलेश यादव के भाषण में बेरोजगारी, किसान, महंगाई, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं। कार्यक्रम के आयोजक व सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन ने बताया कि रैली को बड़े स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह अब तक सबसे बड़ी रैली होगी।
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सहारनपुर को कार्यक्रम के लिए चुने जाने के पीछे भी सियासी संदेश साफ है। पश्चिमी यूपी में भाजपा को मजबूत चुनौती देने के लिए सपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है। ऐसे में अखिलेश यादव का सहारनपुर से चुनावी अभियान को धार देना कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ ही विरोधियों को ताकत दिखाने की कवायद माना जा रहा है। सपा की प्रस्तावित रैली को पीडीए के साथ युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति से भी जोड़ा जा रहा है। खास बात यह है कि सहारनपुर में भाजपा भी पिछले कुछ समय से राजनीतिक सक्रियता बढ़ा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे और कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक हलकों में 2027 की तैयारियों के संकेत देखे गए हैं। अब अखिलेश यादव की यह रैली भाजपा के इसी सक्रिय अभियान के जवाब के रूप में देखी जा रही है।
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भीड़ से ज्यादा संदेश पर नजर
छह सितंबर की रैली में सपा की असली परीक्षा भीड़ जुटाने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश देने की होगी। अखिलेश यादव के भाषण में बेरोजगारी, किसान, महंगाई, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं। कार्यक्रम के आयोजक व सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन ने बताया कि रैली को बड़े स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह अब तक सबसे बड़ी रैली होगी।
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