{"_id":"696a9301f145c90e5c0be14c","slug":"development-work-worth-one-crore-rupees-will-be-undertaken-at-shri-bhuteshwar-mahadev-temple-60-lakh-rupees-have-been-released-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-167338-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में एक करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य, 60 लाख जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में एक करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य, 60 लाख जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 17 Jan 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। नगर विधायक के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मानते हुए पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत स्वीकार किया है। किस्त के रूप में 60 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
नगर विधायक राजीव गुंबर ने बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री से मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास कार्य कराने का प्रस्ताव रखा था। शासन ने प्रस्ताव को स्वीकृत कर पहली किस्त के रूप में 60 लाख रुपये भी जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना के अंतर्गत श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में मल्टी यूटिलिटी भवन निर्माण, टॉयलेट, सोलर पैनल, 15 स्ट्रीट लाइट, बेंच निर्माण, डस्टबिन, साइनेज, सबमर्सिबल सहित पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। कार्यदायी संस्था आवास विकास विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इन कामों को शुरु कराएगा। विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर सहारनपुर की पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर है और वहां प्रत्येक दिन हज़ारो की संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते हैं। इससे उन्हें सुविधा मिलेगी।
- श्रीभूतेश्वर महादेव मंदिर, यहां स्वयंभू हैं भगवान भोलेनाथ
सहारनपुी। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास भी सैकड़ों वर्ष पुराना है। सावन मास में यहां हर दिन मेले जैसा माहौल रहता है। पुराने शहर में धोबीघाट स्थित के निकट करीब 22 बीघा भूमि पर स्थित प्राचीन श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर भोले के भक्तों की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर पौराणिक और धार्मिक इतिहास अपने अंदर समेटे हैं। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इसी स्थान पर महादेव की अराधना कर उन्हें प्रसन्न किया था। महादेव ने पांडवों को विजयश्री का आशीर्वाद दिया था। इसके बाद मंदिर का निर्माण मराठा शासकों ने 17वीं शताब्दी में कराया। मंदिर के आस-पास घने जंगल हुआ करते थे। मंदिर में साधु-संत तपस्या करते थे। सैकड़ों वर्ष पूर्व संत भूतेश्वर नाथ ने यहां कुटिया बनाई थी। एक दिन जब वह तपस्या कर रहे थे, सामने देखा तो शंकर जी शिवलिंग के रूप में विराजमान थे। इसके बाद यहीं पर शिवलिंग की स्थापना की गई।
Trending Videos
नगर विधायक राजीव गुंबर ने बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री से मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास कार्य कराने का प्रस्ताव रखा था। शासन ने प्रस्ताव को स्वीकृत कर पहली किस्त के रूप में 60 लाख रुपये भी जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना के अंतर्गत श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में मल्टी यूटिलिटी भवन निर्माण, टॉयलेट, सोलर पैनल, 15 स्ट्रीट लाइट, बेंच निर्माण, डस्टबिन, साइनेज, सबमर्सिबल सहित पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। कार्यदायी संस्था आवास विकास विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इन कामों को शुरु कराएगा। विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर सहारनपुर की पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर है और वहां प्रत्येक दिन हज़ारो की संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते हैं। इससे उन्हें सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- श्रीभूतेश्वर महादेव मंदिर, यहां स्वयंभू हैं भगवान भोलेनाथ
सहारनपुी। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास भी सैकड़ों वर्ष पुराना है। सावन मास में यहां हर दिन मेले जैसा माहौल रहता है। पुराने शहर में धोबीघाट स्थित के निकट करीब 22 बीघा भूमि पर स्थित प्राचीन श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर भोले के भक्तों की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर पौराणिक और धार्मिक इतिहास अपने अंदर समेटे हैं। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इसी स्थान पर महादेव की अराधना कर उन्हें प्रसन्न किया था। महादेव ने पांडवों को विजयश्री का आशीर्वाद दिया था। इसके बाद मंदिर का निर्माण मराठा शासकों ने 17वीं शताब्दी में कराया। मंदिर के आस-पास घने जंगल हुआ करते थे। मंदिर में साधु-संत तपस्या करते थे। सैकड़ों वर्ष पूर्व संत भूतेश्वर नाथ ने यहां कुटिया बनाई थी। एक दिन जब वह तपस्या कर रहे थे, सामने देखा तो शंकर जी शिवलिंग के रूप में विराजमान थे। इसके बाद यहीं पर शिवलिंग की स्थापना की गई।
