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Saharanpur News: पंचायतों में चुनावी पर चर्चा, मात्र 53 दिनों की चौधराहट बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:47 AM IST
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सहारनपुर। पंचायत चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। पंचायत चुनाव कब होंगे, इस पर सभी की नजरें लगी हैं। जिले की 884 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 20 मई 2026 की रात 12 बजे समाप्त हो रहा है। ऐसे में प्रधानों के पास मात्र 53 दिनों की चौधराहट बची है। वहीं, पंचायत वोटर लिस्ट का सत्यापन कार्य भी पूरा हो गया है। लिस्ट से 39 हजार नाम हटाए गए हैं। प्रधानों की मांग समय पर चुनाव की है।
जिले की 884 ग्राम पंचायत में वार्डों की संख्या 11,210 है। क्षेत्र पंचायत में वार्ड की संख्या 1,206 है। इसी तरह जिला पंचायत के कुल 49 वार्ड हैं। पंचायतों के चुनाव की सबसे अधिक दिलचस्पी ग्राम प्रधानों के चुनावों को लेकर रहती है। वर्ष 2021 में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव कराए गए थे। अभी तक पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें सरकार की ओर हैं। अब जब प्रधानी कार्यकाल के दो माह से भी कम समय रह गया है, तो सभी अपनी-अपनी बिसात बिछाने में लगे हैं। साथ ही शेष राशि को भी खर्च करने की जुगत में लगे हैं। जिले की पंचायतों को पिछले वित्तीय वर्ष को मिलाकर इस वर्ष पांचवे वित्त में 133 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। साथ ही 15वें वित्त के रूप में 60 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों को प्राप्त हुई है।
विभाग के मुताबिक इस राशि का करीब 98.7 फीसदी कुल 190.91 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कार्यकाल खत्म होने के बाद वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ेगा या फिर प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। इसका फैसला शासन स्तर से किया जाएगा। प्रधानों का भी कहना है कि जरूरत पड़ने पर सरकार वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ाया जाए।
यह बोले प्रधान :
- अखिल भारतीय पंचायत संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लॉक के अध्यक्ष और मांडुवाला के प्रधान विजयपाल सिंह राणा ने कहा कि सरकार समय पर चुनाव कराए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ाया जाए। इससे विकास कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। वैसे भी प्रधान जनता द्वारा निर्वाचित हैं।
- ब्लॉक पुंवारका की ग्राम पंचायत जयरामपुर उर्फ नानका के प्रधान फैजान अंसारी का कहना है कि चुनाव न होने की दशा में प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। प्रशासक बेहतर काम नहीं कर सकता है, क्योंकि वह जनता के संपर्क में नहीं रहता है।
- ग्राम सुहागनी के प्रधान अमित चौधरी का कहना है कि यदि पंचायत चुनाव समय पर न हो और समय बढ़ता है तो प्रशासक नियुक्त न हो। प्रधान का समय बढ़ाया जाए।
- ग्राम पंचायत अंबोली टिपरा के ग्राम प्रधान सुशील कुमार उर्फ विकास चौधरी का कहना है यदि ग्राम पंचायत चुनाव कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नहीं होते तो ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ना चाहिए।
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जिले की 884 ग्राम पंचायत में वार्डों की संख्या 11,210 है। क्षेत्र पंचायत में वार्ड की संख्या 1,206 है। इसी तरह जिला पंचायत के कुल 49 वार्ड हैं। पंचायतों के चुनाव की सबसे अधिक दिलचस्पी ग्राम प्रधानों के चुनावों को लेकर रहती है। वर्ष 2021 में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव कराए गए थे। अभी तक पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें सरकार की ओर हैं। अब जब प्रधानी कार्यकाल के दो माह से भी कम समय रह गया है, तो सभी अपनी-अपनी बिसात बिछाने में लगे हैं। साथ ही शेष राशि को भी खर्च करने की जुगत में लगे हैं। जिले की पंचायतों को पिछले वित्तीय वर्ष को मिलाकर इस वर्ष पांचवे वित्त में 133 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। साथ ही 15वें वित्त के रूप में 60 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों को प्राप्त हुई है।
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विभाग के मुताबिक इस राशि का करीब 98.7 फीसदी कुल 190.91 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कार्यकाल खत्म होने के बाद वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ेगा या फिर प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। इसका फैसला शासन स्तर से किया जाएगा। प्रधानों का भी कहना है कि जरूरत पड़ने पर सरकार वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ाया जाए।
यह बोले प्रधान :
- अखिल भारतीय पंचायत संगठन के मुजफ्फराबाद ब्लॉक के अध्यक्ष और मांडुवाला के प्रधान विजयपाल सिंह राणा ने कहा कि सरकार समय पर चुनाव कराए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो वर्तमान प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ाया जाए। इससे विकास कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। वैसे भी प्रधान जनता द्वारा निर्वाचित हैं।
- ब्लॉक पुंवारका की ग्राम पंचायत जयरामपुर उर्फ नानका के प्रधान फैजान अंसारी का कहना है कि चुनाव न होने की दशा में प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। प्रशासक बेहतर काम नहीं कर सकता है, क्योंकि वह जनता के संपर्क में नहीं रहता है।
- ग्राम सुहागनी के प्रधान अमित चौधरी का कहना है कि यदि पंचायत चुनाव समय पर न हो और समय बढ़ता है तो प्रशासक नियुक्त न हो। प्रधान का समय बढ़ाया जाए।
- ग्राम पंचायत अंबोली टिपरा के ग्राम प्रधान सुशील कुमार उर्फ विकास चौधरी का कहना है यदि ग्राम पंचायत चुनाव कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नहीं होते तो ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ना चाहिए।