LPG Crisis: गैस किल्लत का डर, एजेंसियों पर सिलिंडर के साथ लंबी कतारें, प्रशासन बोला संकट नहीं
मेरठ में गैस किल्लत की आशंका के चलते गैस एजेंसियों पर सिलिंडर के साथ लंबी कतारें लग रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने जिले में घरेलू गैस की किसी भी तरह की कमी से इनकार किया है।
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घरेलू गैस किल्लत को लेकर लोगों के अंदर समाया डर निकल नहीं पा रहा है। गुरुवार को भी गैस एजेंसियों के बाहर सिलिंडर लेकर लोगों की लंबी लाइन लगी रही। हालांकि जिला प्रशासन ने एक बार फिर जिले में गैस की कमी से इन्कार किया है।
जिले में 83 गैस एजेंसियों पर लगभग 9.60 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। युद्ध के असर का आलम यह है कि दिन निकलने के साथ ही एजेंसियों पर सिलिंडर के साथ कतारें लग जा रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इस समय कॉमर्शियल गैस की सप्लाई का बंद होना। ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर ओटीपी सत्यापन के बाद ही घरेलू गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी की जा रही है। इसके बाद भी गैस एजेंसियों के बाहर से भीड़ नहीं हट पा रही है।
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गैस की कालाबाजारी में लिप्त एजेंसियों के खिलाफ जिला पूर्ति विभाग ने प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। गुरुवार को भी नौचंदी मैदान में लोगों की लंबी लाइन लगी रही। हापुड़ अड्डा स्थित तिरंगा गैस एजेंसी पर भी लोगों की भीड़ रही। शारदा सड़क स्थित एजेंसी के बाहर भी लोग लाइन लगाए रहे।
जिलापूर्ति विभाग केे अफसरों के मुताबिक सरकार की ओर से अनुमति प्राप्त संस्थाओं को ही 20 प्रतिशत गैस दी जा रही है। घरेलू गैस को लेकर किसी तरह का कोई संकट नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से कई बार कहा जा चुका है कि घरेलू गैस का कोई संकट नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि गैस की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। शिकायत के बाद कार्रवाई की जा रही है।
बिना ओटीपी सत्यापन के ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी कराकर कालाबाजारी
गैस को लेकर हो रही परेशानी के बीच बिना बुकिंग कराए ही उपभोक्ताओं पर सिलिंडर सप्लाई के मैसेज पहुंच रहे हैं। मवाना खुर्द निवासी घरेलू गैस उपभोक्ता माया त्यागी ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर मवाना कस्बे की गैस एजेंसी दिगंबर एंटरप्राइजेज की शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गैस एजेंसी संचालक द्वारा हमारे बिना बुकिंग कराए, बिना गैस कनेक्शन किताब के और बिना ओटीपी सत्यापन के बिलिंग सिलिंडर बेच दिया। जबकि हम दो साल से गाजियाबाद में सपरिवार रह रहे हैं। एजेंसी की ओर से यह कार्य कई महीनों से किया जा रहा है।
कोई सिलिंडर बुक ही नहीं कराया गया। उसके बाद भी बुकिंग करके सिलिंडर अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं। सीएम पोर्टल पर इस शिकायत की जांच मेरठ के जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है। इससे पहले कंकरखेड़ा में बिना ओटीपी सत्यापन के गैस एजेंसी के हॉकर की ओर से सिलिंडर अवैध रूप से बेचने पर पूर्ति विभाग कार्रवाई कर चुका है।