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Saharanpur News: आठ घंटे की नींद जरूरी, तभी रहेंगे स्वस्थ
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:55 AM IST
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सहारनपुर। अव्यवस्थित खानपान और देर रात तक जागने की आदत से मानसिक और शारीरिक रोगों से ग्रसित हो सकते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सात से आठ घंटे की नींद लेना जरूरी है। अच्छी नींद लेने से पूरा दिन बेहतर रहता है। अगर नींद ठीक से न लेने वालों को कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
मंगलवार यानी आज विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में 3,03,580 मरीजों का इलाज हुआ था, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,19,225 पहुंच गई। इस साल अब तक 71,392 मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। यह इजाफा न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को दर्शाता है, बल्कि जिले में बढ़ते प्रदूषण और मानसिक तनाव के कारण लोगों की सेहत पर पड़ रहे असर की ओर भी इशारा करता है।
जनरल फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि बीमारियों की शुरुआत दूषित खानपान से होती है। हाजमा बिगड़ने से उल्टी, दस्त, कच्ची डकार, अल्सर, आंतों में संक्रमण आदि रोग होते हैं। शुरुआती दौर में इनका इलाज न हो तो किडनी पर असर पड़ता है। वर्तमान में लोगों की दिनचर्या व्यस्त है। इसलिए भरपूर नींद लेना आवश्यक है। पौष्टिक आहार का सेवन और नियमित व्यायाम भी जरूरी है। रोजाना रात में सात-आठ घंटे की गहरी नींद लेना स्वस्थ के लिए लाभदायक है।
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बचाव के उपाय
- समय पर सोने की आदत डालें।
- मोबाइल और टीवी का स्क्रीन टाइम कम करें।
- तरबूज और खरबूजा आदि फल बाहर के कटे हुए न लें।
- नियमित योग और व्यायाम करें
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मंगलवार यानी आज विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में 3,03,580 मरीजों का इलाज हुआ था, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,19,225 पहुंच गई। इस साल अब तक 71,392 मरीज जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। यह इजाफा न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को दर्शाता है, बल्कि जिले में बढ़ते प्रदूषण और मानसिक तनाव के कारण लोगों की सेहत पर पड़ रहे असर की ओर भी इशारा करता है।
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जनरल फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि बीमारियों की शुरुआत दूषित खानपान से होती है। हाजमा बिगड़ने से उल्टी, दस्त, कच्ची डकार, अल्सर, आंतों में संक्रमण आदि रोग होते हैं। शुरुआती दौर में इनका इलाज न हो तो किडनी पर असर पड़ता है। वर्तमान में लोगों की दिनचर्या व्यस्त है। इसलिए भरपूर नींद लेना आवश्यक है। पौष्टिक आहार का सेवन और नियमित व्यायाम भी जरूरी है। रोजाना रात में सात-आठ घंटे की गहरी नींद लेना स्वस्थ के लिए लाभदायक है।
बचाव के उपाय
- समय पर सोने की आदत डालें।
- मोबाइल और टीवी का स्क्रीन टाइम कम करें।
- तरबूज और खरबूजा आदि फल बाहर के कटे हुए न लें।
- नियमित योग और व्यायाम करें