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Saharanpur News: बच्चा चोर समझकर की थी मारपीट, गैर इरादतन हत्या में पांच दोषियों को सजा

Sat, 01 Aug 2026 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 01 Aug 2026 01:16 AM IST
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Five convicted of culpable homicide not amounting to murder for beating a man suspected of being a child lifter.
सहारनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पाॅक्सो एक्ट कक्ष संख्या- 15 मिर्जा जीनत की अदालत ने बच्चा चोर समझकर तौफीक के साथ मारपीट करने के मामले में पांच आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने मंडी क्षेत्र के रहने वाले दोषी सद्दाम, भानू उर्फ वाहिद, अफजल, नसीम, अब्दुल रहमान को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। सभी पर 2.75 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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वादी तौसीफ ने थाना मंडी में 26 जून 2024 को तहरीर दी थी। बताया कि मेरे भाई तौफीक की शादी कमेला कॉलोनी में हुई थी। घटना के दिन भाई की पत्नी अपने मायके में आई हुई थी। भाई तौफीक ईद के मौके पर हमसे मिलने आया हुआ था। 18 जून की रात तौफीक अपनी बेटी को लेकर बाजार से कुछ सामान दिलाने गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों की तलाश के दौरान जानकारी मिली कि सभी बच्चे चोर की अफवाह फैला रहे थे।
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इसके बाद मुजफ्फरी मस्जिद के पास भानू उर्फ वाहिद, अफजल, नसीम, अब्दुल रहमान और साकिब ने तौफीक को पकड़ रखा है और ईंटों व डंडों से मारा। तौफीक अपनी 18 माह की बेटी को गोद में लेकर जान बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आरोपियों ने हमला जारी रखा। बाद में आसपास के लोगों ने उसे छुड़ाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया।
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- पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य और गवाहों के बयान रहे अहम

तौफीक के पोस्टमार्टम में दिमाग की झिल्लियां फटी हुई आई। साथ ही दिमाग में खून का थक्का भी जमा हुआ था। चेहरे पर सूजन, शरीर पर नील के निशान आदि थे। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के रूप में मौके पर बनाई गई वीडियो साक्ष्य के साथ गवाह भी पेश किए। चश्मदीद गवाह नियाज, आसमां ने अपनी गवाही में घटना को साबित किया। चश्मदीद गवाह ने दोषियों की अदालत में पहचान की। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों द्वारा अदा की जाने वाले अर्थदंड की राशि मृतक के आश्रितों को दिए जाने का आदेश दिया है।
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