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Saharanpur News: निगम ने नहीं किया 31 करोड़ रुपये का भुगतान, कंपनी पहुंची हाईकोर्ट
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महानगर में लगी स्ट्रीट लाइट। फाइल फोटो
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- नगर निगम के पथ प्रकाश से जुड़ा मामला, एफआईआर के लिए तहरीर दे चुका नगर निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नगर निगम और पथ प्रकाश की ठेका कंपनी ईईएसएल के बीच का विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। नगर निगम ने कंपनी का 2022 से अभी तक का 31 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। साथ ही कंपनी से अनुबंध भी खत्म कर दिया है। ऐसे में कंपनी 31 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हाईकोर्ट चली गई है। इसके बाद से निगम अधिकारी परेशान हैं, जो अब समझौते के प्रयास में जुटे हैं।
महानगर में पथ प्रकाश के लिए वर्ष 2018 से ईईएसएल कंपनी पर ठेका है। तब से कंपनी महानगर में करीब 61 हजार एलईडी लाइटों का रखरखाव कर रही है। इसके अलावा हाईमास्ट लाइटें भी लगी हैं। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी के गोदाम पर छापा मारा था। उसके कुछ दिन बाद कंपनी से अनुबंध खत्म का ठेका निरस्त करते हुए पथ प्रकाश की व्यवस्था अपने हाथों में ले ली थी। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी द्वारा भुगतान के लिए दिए गए बिलों में गड़बड़ी बताते हुए कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। कंपनी का पक्ष था कि बिल नगर निगम अधिकारियों द्वारा प्रमाणित किए गए हैं। रही बात गड़बड़ी की। अभी तक 31 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। यदि बिलों में गड़बड़ी की आशंका है तो जांच करा ली जाए। ऐसे में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न करते हुए नगर निगम और कंपनी को आपस में बैठकर हल निकालने को कहा था। उसके बाद नगर निगम के अधिकारी शांत बैठ गए। अब कंपनी 31 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हाईकोर्ट चली गई है, जिसके बाद से नगर निगम के अधिकारी अब कंपनी के साथ समझौते के लिए भागदौड़ में लगे हैं, जबकि पहले प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी थी।
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निगम ने कब क्या कार्यवाही की
-16 अक्तूबर 2025 को ईईएसएल से अनुबंध समाप्त किया।
-28 अगस्त 2025 को बिलों पर आपत्ति जताते हुए कंपनी को नोटिस भेजा।
-29 जुलाई 2025 को ईईएसएल के स्टोर काे सील किया।
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बिगड़ी है पथ प्रकाश व्यवस्था
कंपनी से अनुबंध खत्म होने के बाद पथ प्रकाश का पूरा भार नगर निगम ने अपने कंधों पर ले लिया है। लाइटों को ठीक करने के लिए पर्याप्त सामान और नई लाइटें न होने की वजह से व्यवस्था गड़बड़ाई है। कहीं भी कोई नई लाइट नहीं लगाई जा रही है। शकलापुरी मार्ग की सभी लाइटें एक महीने से अधिक समय से बंद हैं। महानगर में अन्य जगह भी ऐसे ही हालात हैं।
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कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई थी, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनवाई करते हुए समझौते के निर्देश दिए हैं। हम बात करने को तैयार हैं। कंपनी हाईकोर्ट पहुंची है। इसकी जानकारी नहीं है। - वीबी सिंह, प्रभारी, पथ प्रकाश नगर निगम।
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सहारनपुर। नगर निगम और पथ प्रकाश की ठेका कंपनी ईईएसएल के बीच का विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। नगर निगम ने कंपनी का 2022 से अभी तक का 31 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। साथ ही कंपनी से अनुबंध भी खत्म कर दिया है। ऐसे में कंपनी 31 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हाईकोर्ट चली गई है। इसके बाद से निगम अधिकारी परेशान हैं, जो अब समझौते के प्रयास में जुटे हैं।
महानगर में पथ प्रकाश के लिए वर्ष 2018 से ईईएसएल कंपनी पर ठेका है। तब से कंपनी महानगर में करीब 61 हजार एलईडी लाइटों का रखरखाव कर रही है। इसके अलावा हाईमास्ट लाइटें भी लगी हैं। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी के गोदाम पर छापा मारा था। उसके कुछ दिन बाद कंपनी से अनुबंध खत्म का ठेका निरस्त करते हुए पथ प्रकाश की व्यवस्था अपने हाथों में ले ली थी। पिछले दिनों नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी द्वारा भुगतान के लिए दिए गए बिलों में गड़बड़ी बताते हुए कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी।
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मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। कंपनी का पक्ष था कि बिल नगर निगम अधिकारियों द्वारा प्रमाणित किए गए हैं। रही बात गड़बड़ी की। अभी तक 31 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। यदि बिलों में गड़बड़ी की आशंका है तो जांच करा ली जाए। ऐसे में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न करते हुए नगर निगम और कंपनी को आपस में बैठकर हल निकालने को कहा था। उसके बाद नगर निगम के अधिकारी शांत बैठ गए। अब कंपनी 31 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हाईकोर्ट चली गई है, जिसके बाद से नगर निगम के अधिकारी अब कंपनी के साथ समझौते के लिए भागदौड़ में लगे हैं, जबकि पहले प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी थी।
निगम ने कब क्या कार्यवाही की
-16 अक्तूबर 2025 को ईईएसएल से अनुबंध समाप्त किया।
-28 अगस्त 2025 को बिलों पर आपत्ति जताते हुए कंपनी को नोटिस भेजा।
-29 जुलाई 2025 को ईईएसएल के स्टोर काे सील किया।
बिगड़ी है पथ प्रकाश व्यवस्था
कंपनी से अनुबंध खत्म होने के बाद पथ प्रकाश का पूरा भार नगर निगम ने अपने कंधों पर ले लिया है। लाइटों को ठीक करने के लिए पर्याप्त सामान और नई लाइटें न होने की वजह से व्यवस्था गड़बड़ाई है। कहीं भी कोई नई लाइट नहीं लगाई जा रही है। शकलापुरी मार्ग की सभी लाइटें एक महीने से अधिक समय से बंद हैं। महानगर में अन्य जगह भी ऐसे ही हालात हैं।
कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई थी, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनवाई करते हुए समझौते के निर्देश दिए हैं। हम बात करने को तैयार हैं। कंपनी हाईकोर्ट पहुंची है। इसकी जानकारी नहीं है। - वीबी सिंह, प्रभारी, पथ प्रकाश नगर निगम।
