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Saharanpur News: बैंकों पर भरोसा, तीन वर्षों में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये बढ़ी जमा नकदी
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सहारनपुर। शेयर बाजार में उठा-पटक और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के चलते आमजन का विश्वास बैंकों में फिर से बढ़ने लगा है। पिछले तीन वर्षों में बैंकों में जमा नकदी इस बात की पुष्टि कर रही है। बैंकों में पिछले तीन वर्षों में जमा होने वाली राशि में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
वित्त वर्ष 2023-24 में जिले की विभिन्न बैंकों की शाखाओं में 22,549 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसी तरह मार्च 2025 तक बैंकों में 24,370 करोड़ रुपये की नकदी जमा रही। यह वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 26,079 करोड़ रुपये हो गई। यदि पिछले वर्ष की हर तिमाही के आंकड़े देखें तो स्थिति और भी स्पष्ट होती है। जून 2025 में समाप्त हुई तिमाही में बैंकों में 24,351 करोड़ रुपये, सितंबर 2025 में 24,917 करोड़ रुपये, दिसंबर में 25281 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए। बैंकों पर भरोसा जताने वाले लोग ऋण लेकर जोखिम भी उठा रहे हैं। जमा के सापेक्ष बैंकों ने 18,819 करोड़ रुपये का ऋण भी पिछले वित्त वर्ष में लोगों को दिया है। इसमें सामान्य ऋण के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए मिलने वाला ऋण भी शामिल है।
ऋण वितरण में भी हर वर्ष हुई वृद्धि
बैंकों में राशि जमा करने में तो लोगों ने दिलचस्पी दिखाई ही है, साथ ही बैंकों से ऋण भी जमकर लिया। पिछले वर्ष वित्त वर्ष में जिले का सीडी रेशियो(जमा-ऋण अनुपात) भी 72 फीसदी से अधिक रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में बैंकों ने 15,287 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया। इसी तरह मार्च 2025 तक 17,265 करोड़ रुपये और मार्च 2026 तक बैंकों ने 18,819 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया, जो राष्ट्रीय औसत सीडी रेशियो से अधिक है।
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बैंक निवेश का सुरक्षित साधन है। इसमें जोखिम न के बराबर होता है। ऐसे में बैंकों में एफडी समेत अन्य विकल्प निवेश के मौजूद है। जिले में बैंकों का सीडी रेशियो भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। साथ ही नकदी जमा में भी तीन वर्षों में साढ़े तीन हजार करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई है।
- नवनीत शर्मा, एलडीएम
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वित्त वर्ष 2023-24 में जिले की विभिन्न बैंकों की शाखाओं में 22,549 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसी तरह मार्च 2025 तक बैंकों में 24,370 करोड़ रुपये की नकदी जमा रही। यह वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 26,079 करोड़ रुपये हो गई। यदि पिछले वर्ष की हर तिमाही के आंकड़े देखें तो स्थिति और भी स्पष्ट होती है। जून 2025 में समाप्त हुई तिमाही में बैंकों में 24,351 करोड़ रुपये, सितंबर 2025 में 24,917 करोड़ रुपये, दिसंबर में 25281 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए। बैंकों पर भरोसा जताने वाले लोग ऋण लेकर जोखिम भी उठा रहे हैं। जमा के सापेक्ष बैंकों ने 18,819 करोड़ रुपये का ऋण भी पिछले वित्त वर्ष में लोगों को दिया है। इसमें सामान्य ऋण के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए मिलने वाला ऋण भी शामिल है।
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ऋण वितरण में भी हर वर्ष हुई वृद्धि
बैंकों में राशि जमा करने में तो लोगों ने दिलचस्पी दिखाई ही है, साथ ही बैंकों से ऋण भी जमकर लिया। पिछले वर्ष वित्त वर्ष में जिले का सीडी रेशियो(जमा-ऋण अनुपात) भी 72 फीसदी से अधिक रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में बैंकों ने 15,287 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया। इसी तरह मार्च 2025 तक 17,265 करोड़ रुपये और मार्च 2026 तक बैंकों ने 18,819 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया, जो राष्ट्रीय औसत सीडी रेशियो से अधिक है।
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बैंक निवेश का सुरक्षित साधन है। इसमें जोखिम न के बराबर होता है। ऐसे में बैंकों में एफडी समेत अन्य विकल्प निवेश के मौजूद है। जिले में बैंकों का सीडी रेशियो भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। साथ ही नकदी जमा में भी तीन वर्षों में साढ़े तीन हजार करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई है।
- नवनीत शर्मा, एलडीएम