सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

विश्व धरोहर दिवस: सहारनपुर में करीब दो हजार साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहरें, संजोए रखने के दावे खोखले

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 18 Apr 2022 04:35 PM IST
विज्ञापन
World Heritage Day: About 2000 years old historical heritage in Saharanpur, hollow reading claims to preserve them
फुलवारी आश्रम स्थित भुरजी, यहां रुके थे शहीद भगत सिंंह - फोटो : अमर उजाला

गंगा-जमुनी दोआब के बीच बसे सहारनपुर में अनेक काल अपना कुछ न कुछ अंश छोड़ गए हैं। वेदों में उल्लेख के अनुसार यह क्षेत्र ब्रह्मऋषि के नाम से जाना जाता था। यहां खुजनावर में कुषाण काल यानी करीब 2000 साल पुराना टीला है, जिसके गर्भ में अनेक ऐतिहासिक राज छिपे होने की संभावना है। इसी तरह शहर में बाबा लालदास रोड पर फुलवारी आश्रम है, जहां पर तीन दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी छिपे रहे थे और अंग्रेज शासक भी उनको यहां आकर ढूंढ नहीं पाए थे। 



गंगोह रोड पर ऐतिहासिक म्हाड़ी स्थल है, जहां हर वर्ष मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं। पुराना लोहा बाजार में शहीद स्मारक है। यहां पेड़ लगा है, जिस पर अंग्रेजों ने क्रांतिकारियों को फांसी भी दी है। इसी तरह जनपद में अनेक ऐतिहासिक स्थान हैं, जो अनदेखी का शिकार हैं। 

Trending Videos
World Heritage Day: About 2000 years old historical heritage in Saharanpur, hollow reading claims to preserve them
गंगोह में संरक्षण की बांट जोह रहा मुगलकालीन मकबरा - फोटो : अमर उजाला

शोधार्थी राजीव उपाध्याय यायावर ने बताया कि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने जनपद में अनेक स्थलों को चिह्नित किया हुआ है, लेकिन बचाने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग को वह अनेक पत्र लिख चुके हैं, जिसके बाद शाहजहां की शिकारगाह और हुलास में मौजूद सिंधु कालीन सभ्यता का संरक्षण किया गया है। मगर अब भी ज्यादातर साइट अनदेखी की वजह से लगातार खत्म होती जा रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
World Heritage Day: About 2000 years old historical heritage in Saharanpur, hollow reading claims to preserve them
बाबा लाल दास रोड स्थित फुलवारी आश्रम - फोटो : अमर उजाला

जिले के प्रमुख स्थल  
- बादशाही बाग में हथनीकुंड बैराज के पास शाहजहां की शिकारगाह, एएसआई की लिस्ट में होने के बावजूद उपेक्षित। 
- नानौता के गांव मनोहरा के पास सिंधुकालीन सभ्यता का हुलास स्थल, जिस पर कब्जे हैं।
- खुजनावर का कुषाण कालीन टीला, जो करीब 2000 साल पुराना बताया जाता है। सरसवा का सिंधु कालीन टीला।

World Heritage Day: About 2000 years old historical heritage in Saharanpur, hollow reading claims to preserve them
पुराना लोहा बाजार स्थित शहीद स्मारक - फोटो : अमर उजाला

 प्राकृतिक धरोहर, जिन्हें विकसित किया जा सकता है 
- मां शाकंभरी देवी मंदिर को मां वैष्णोदेवी मंदिर की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। 
- मोहंड, बादशाहीबाग और सहंस्रा ठाकुर में मौसमी झरने, जो पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जा सकते हैं। 
- हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना का सहारनपुर का हिस्सा, जहां नौका विहार हो सकता है।

विज्ञापन
World Heritage Day: About 2000 years old historical heritage in Saharanpur, hollow reading claims to preserve them
मां शाकम्भरी देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

महाभारत और मुगलकालीन धरोहर 
- नकुलेश्वर महादेव मंदिर नकुड़
- देवीकुंड मंदिर देवबंद 
- बरसी का महादेव मंदिर तीतरो
- धनराज सरोवर खुजनावर
- पांडवों का तालाब सौराना  
- वनखंडी महादेव मंदिर सरसावा 
- पांच पांडव तालाब रणखंडी देवबंद
- लखनौती का किला 
- रोहिला वंश के किला में बनी जिला जेल 

जिल की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने को कार्य चल रहा है। इसको लेकर पुरातत्व विभाग भी कार्य कर रहा है। हमारा उद्ददेश्य है कि इन धरोहरों को विरासत के रूप में संजोएं रखें। -अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed