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Sambhal News: छिटपुट विरोध के बीच कब्जा मुक्त कराए गए 50 कांशीराम आवास
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चंदौसी। नगर के जारई गेट मोहल्ला नखासा में सेंट्रल वेयर हाउस के निकट स्थित कांशीराम आवास से अवैध कब्जा हटाने पहुंची नगर पालिका की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। छिटपुट विरोध के साथ पालिका ने 50 मकान खाली करा कर कब्जा मुक्त करा दिया।
बसपा सरकार में कांशीराम आवास योजना के तहत वर्ष 2009 में 108 आवास बनाए गए थे। इन आवासों में पानी, बिजली आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी और इसी बीच बसपा सरकार सत्ता से चली गई। जिस कारण आवासों का आवंटन भी नहीं हो सका था। पिछले वर्षों में कई बार दबंग लोगों ने यहां बने मकानों में अवैध कब्जा कर लिया था और परिवार के साथ रहने लगे।
हालांकि प्रशासन भी बार-बार आवासों को कब्जा मुक्त कराता रहा। पिछले वर्ष डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा ने शहर में अतिक्रमण अभियान चलाया था। इसी बीच उन्होंने इन आवासों को कब्जा मुक्त कराया था। कुछ समय बाद ही लोगों ने फिर से आवासों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। दिसंबर माह में इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई। जिलाधिकारी के आदेश पर 13 दिसंबर 2025 को तहसील प्रशासन के साथ नगर पालिका की टीम आवासों को कब्जा मुक्त कराने पहुंची तो विरोध हुआ था। वहीं लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सर्दी कम होने के बाद आवास खाली करने का आग्रह किया था।
प्रशासन ने सर्दी के बाद आवासों को खाली करने की मोहलत दे दी। रविवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम अपनी टीम व जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन भारी संख्या में पुलिस व आरआरएफ के जवान भी बुला लिए गए। नायब तहसीलदार रजत कुमार भी आ गए। कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन भारी पुलिस बल के सामने किसी न नहीं चली और कई घंटे चली कार्रवाई के बाद योजना के 50 आवासों को कब्जा मुक्त कराया। कुल 108 आवासों में से 83 आवासों में लोग रह रहे थे। शेष आवासों में प्रशासन द्वारा भीख से सीख के तहत लोग रह रहें हैं। इस दौरान मौके पर भीड़ लगी रही।
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कांशीराम आवास योजना के तहत 108 आवासों का निर्माण कराया गया था। जिसकी आवंटन प्रक्रिया नहीं हुई थी। कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे कर परिवार के साथ रहने की शिकायत लगातार मिल रही थी। रविवार को 50 आवास खाली कराए गए।
- धर्मराज राम, अधिशासी अधिकारी
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बसपा सरकार में कांशीराम आवास योजना के तहत वर्ष 2009 में 108 आवास बनाए गए थे। इन आवासों में पानी, बिजली आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी और इसी बीच बसपा सरकार सत्ता से चली गई। जिस कारण आवासों का आवंटन भी नहीं हो सका था। पिछले वर्षों में कई बार दबंग लोगों ने यहां बने मकानों में अवैध कब्जा कर लिया था और परिवार के साथ रहने लगे।
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हालांकि प्रशासन भी बार-बार आवासों को कब्जा मुक्त कराता रहा। पिछले वर्ष डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा ने शहर में अतिक्रमण अभियान चलाया था। इसी बीच उन्होंने इन आवासों को कब्जा मुक्त कराया था। कुछ समय बाद ही लोगों ने फिर से आवासों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। दिसंबर माह में इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई। जिलाधिकारी के आदेश पर 13 दिसंबर 2025 को तहसील प्रशासन के साथ नगर पालिका की टीम आवासों को कब्जा मुक्त कराने पहुंची तो विरोध हुआ था। वहीं लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सर्दी कम होने के बाद आवास खाली करने का आग्रह किया था।
प्रशासन ने सर्दी के बाद आवासों को खाली करने की मोहलत दे दी। रविवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम अपनी टीम व जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन भारी संख्या में पुलिस व आरआरएफ के जवान भी बुला लिए गए। नायब तहसीलदार रजत कुमार भी आ गए। कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन भारी पुलिस बल के सामने किसी न नहीं चली और कई घंटे चली कार्रवाई के बाद योजना के 50 आवासों को कब्जा मुक्त कराया। कुल 108 आवासों में से 83 आवासों में लोग रह रहे थे। शेष आवासों में प्रशासन द्वारा भीख से सीख के तहत लोग रह रहें हैं। इस दौरान मौके पर भीड़ लगी रही।
कांशीराम आवास योजना के तहत 108 आवासों का निर्माण कराया गया था। जिसकी आवंटन प्रक्रिया नहीं हुई थी। कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे कर परिवार के साथ रहने की शिकायत लगातार मिल रही थी। रविवार को 50 आवास खाली कराए गए।
- धर्मराज राम, अधिशासी अधिकारी