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Sambhal News: समय सीमा में वादों का निस्तारण न करने पर होगी कार्रवाई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:41 AM IST
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Action will be taken for failure to resolve grievances within the stipulated timeframe.Action will be taken for failure to resolve grievances within the stipulated timeframe.
संभल। प्रशासनिक और न्यायिक सुधारों के तहत शासन ने मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश के बाद डीएम अंकित खंडेलवाल ने तहसील स्तर के समस्त पीठासीन अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे किसी भी लंबित मामले का 90 दिन में निस्तारण सुनिश्चित करें। आदेश के बाद तमाम ऐसे मामले जल्दी निस्तारित होंगे, जो कई-कई माह से लंबित हैं।
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संभल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व राजस्व मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा-34/35 (नामांतरण) वादों के अविवादित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 35 दिन और विवादित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 90 दिन निर्धारित हैं। संभल जिले में कई मामले ऐसे हैं, जो काफी समय से लंबित हैं।
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उन्होंने यह शिकायत शासन स्तर पर की थी। राजस्व परिषद ने इसका संज्ञान लिया और 15 जून से 25 जून के बीच ऐसे मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद जनपद में निर्देशों का पालन नहीं हो सका और स्थिति जस की तस रही। शासन ने फिर से इसे गंभीरता से लिया और राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव की ओर से आदेश जारी किया गया है।
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इस आदेश के मुताबिक, सभी नायब तहसीलदार न्यायालयों में विचाराधीन 35 दिन के ऊपर के सभी निर्विवाद नामांतरण वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसी प्रकार 90 दिन के ऊपर वाले सभी मामलों का निस्तारण करना होगा। डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी नायब तहसीलदारों को आदेश जारी किया गया है। बिना लापरवाही वादों का निस्तारण करने को कहा गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।

डीएम ने बताया कि सभी नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी वाद में अनावश्यक स्थगन न दिया जाए। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश किसी वाद का निस्तारण तत्काल संभव न हो, तो उसका स्पष्ट एवं तथ्यपरक कारण आदेश पत्र व पत्रावली अंकित किया जाए।
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