{"_id":"69af3085b04ac432090fcc54","slug":"dr-ambedkars-statue-installed-without-permission-removed-sambhal-news-c-204-1-chn1003-127495-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: बिना अनुमति लगाई गई डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: बिना अनुमति लगाई गई डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटवाई
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौसी। थाना बनियाठेर के गांव बैरीखेड़ा में ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति लगाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को पुलिस-प्रशासन ने सोमवार को हटवाकर सुरक्षित रखवा दिया। इस दौरान टीम को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। लेखपाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है।
गांव बैरीखेड़ा में सात बिरादरी के लोग रहते हैं। गांव के दूसरे छोर पर खाद के गड्ढों की सरकारी भूमि है। शुक्रवार की रात कुछ लोगों ने यहां चबूतरा निर्माण करा कर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। जिससे गांव में चर्चा होने लगी। सोमवार को कुछ ग्रामीणों ने प्रतिमा लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की। शिकायत पर तत्काल पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
थाना बनियाठेर प्रभारी मनोज कुमार वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ दीपक तिवारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों से प्रतिमा लगाए जाने पर अनुमति मांगी तो को अनुमति दिखा नहीं सका। इसके पुलिस ने प्रतिमा को हटाने का काम शुरू किया तो महिलाएं विरोध में आ गई। पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने महिलाओं को शांत कराया और प्रतिमा को हटवा कर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। लेखपाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
-- -- -- -- -- -- -
पहले भी हो चुका है विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव बैरीखेड़ा में पहले भी विवाद हो चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में हर साल माघ मास में प्रभात फेरी निकाली जाती है। अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। दो-तीन साल पहले गांव में माघ मास की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। एक समाज के मोहल्ले से शोभायात्रा गुजरी तो लोगों ने विरोध करते हुए शोभायात्रा को रोक दिया था। जिससे विवाद हो गया था।
-- -- -- -- -- -
गांव बैरीखेड़ा में खाद के गड्ढे की भूमि पर बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई। इस संदर्भ में कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस के साथ मौके पर जाकर जानकारी की गई और प्रतिमा को सम्मान पूर्वक थाना बनियाठेर में रखवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी
Trending Videos
गांव बैरीखेड़ा में सात बिरादरी के लोग रहते हैं। गांव के दूसरे छोर पर खाद के गड्ढों की सरकारी भूमि है। शुक्रवार की रात कुछ लोगों ने यहां चबूतरा निर्माण करा कर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। जिससे गांव में चर्चा होने लगी। सोमवार को कुछ ग्रामीणों ने प्रतिमा लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की। शिकायत पर तत्काल पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना बनियाठेर प्रभारी मनोज कुमार वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ दीपक तिवारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों से प्रतिमा लगाए जाने पर अनुमति मांगी तो को अनुमति दिखा नहीं सका। इसके पुलिस ने प्रतिमा को हटाने का काम शुरू किया तो महिलाएं विरोध में आ गई। पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने महिलाओं को शांत कराया और प्रतिमा को हटवा कर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। लेखपाल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
पहले भी हो चुका है विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव बैरीखेड़ा में पहले भी विवाद हो चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में हर साल माघ मास में प्रभात फेरी निकाली जाती है। अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। दो-तीन साल पहले गांव में माघ मास की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। एक समाज के मोहल्ले से शोभायात्रा गुजरी तो लोगों ने विरोध करते हुए शोभायात्रा को रोक दिया था। जिससे विवाद हो गया था।
गांव बैरीखेड़ा में खाद के गड्ढे की भूमि पर बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई। इस संदर्भ में कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस के साथ मौके पर जाकर जानकारी की गई और प्रतिमा को सम्मान पूर्वक थाना बनियाठेर में रखवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी
