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Sambhal News: ड्राइविंग लाइसेंस की फीस 1350... वसूल रहे 2150 रुपये
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संभल। ड्राइविंग लाइसेंस की फीस 1350 रुपये निर्धारित है लेकिन यहां 2150 रुपये वसूले जा रहे हैं। यानी आठ सौ रुपये ज्यादा। इसका खुलासा तब हुआ, जब मियां सराय के आदिल ने पुलिस को तहरीर दी। आदिल एआरटीओ कार्यालय के नजदीक दुकान में बैठकर ऑनलाइन फीस काटने का काम करता है। पुलिस को बताया कि निर्धारित फीस के अतिरिक्त एआरटीओ में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कई कर्मी अतिरिक्त रुपये वसूल रहे हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
मियां सराय के निवासी आदिल ने पुलिस को बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 1350 रुपये फीस निर्धारित है लेकिन कार्यालय में काम करने वाले सारथी कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित चौधरी, बाबू विजय गुप्ता, दिनेश चौधरी नियत फीस से अधिक 800 रुपये फाइल चार्ज के नाम पर वसूलते हैं, जो यह पूरी तरह गलत है।
आरोप है तीनों कर्मी प्राइवेट व्यक्ति बंटी के माध्यम से इस धनराशि को अपने पास तक मंगाते हैं। इससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित चौधरी, विजय गुप्ता, दिनेश चौधरी और प्राइवेट कर्मचारी बंटी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी।
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कार्यालय के बाहर तक फैला है असली नेटवर्क
एआरटीओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा रुपये वसूलने के मामले में भले ही रिपोर्ट दर्ज हुई है लेकिन असली नेटवर्क कार्यालय के बाहर फैला है। स्थानीय लोगोें का कहना है एआरटीओ कार्यालय के आसपास 20 से अधिक लोगों ने स्थायी या अस्थायी रूप से अपने खोखे बना रखे हैं। वे लाइसेंस, आरसी, परमिट, फिटनेस, टैक्स और अन्य कार्य कम समय में कराने का दावा करते हैं। संवाद
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बिचौलियों का बोलबाला
एआरटीओ कार्यालय में बिचौलियों का भी खूब बोलबाला है, जिस कारण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। लर्निंग लाइसेंस के मामले में ऑनलाइन टेस्ट की व्यवस्था को बाईपास करके बिना परीक्षा के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं। फिर चाहे आपके पास गाड़ी चलाने का अनुभव हो या नहीं, सिर्फ 1500 से 2000 रुपये बिचौलिये को देकर परीक्षा दिए बगैर लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा। इतना ही नहीं, 3500 से 4000 रुपये में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर आपके घर भिजवा देंगे। संवाद
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एआरटीओ को नहीं पता कितने समय से कार्यालय में तैनात हैं कर्मचारी
एआरटीओ कार्यालय में लापरवाही हर स्तर पर है। वसूली के खेल में कोई बचा नहीं है। इसलिए एक दूसरे के बचाव में ज्यादातर कर्मचारी और अधिकारी नजर आ रहे हैं। संभल के एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी को तो यह भी नहीं पता कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है वह कितने समय से कार्यालय में काम कर रहे हैं। जबकि एआरटीओ की तैनाती को कई महीने हो चुके हैं। कहा जाए तो लापरवाही हर स्तर पर है।
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कर्मचारियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया है। उसकी विभागीय जांच होगी। उसके आधार पर इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ, संभल
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भ्रष्टाचार के मामले में एआरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के खिलाफ संभल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कुलदीप सिंह, सीओ, संभल
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मियां सराय के निवासी आदिल ने पुलिस को बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 1350 रुपये फीस निर्धारित है लेकिन कार्यालय में काम करने वाले सारथी कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित चौधरी, बाबू विजय गुप्ता, दिनेश चौधरी नियत फीस से अधिक 800 रुपये फाइल चार्ज के नाम पर वसूलते हैं, जो यह पूरी तरह गलत है।
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आरोप है तीनों कर्मी प्राइवेट व्यक्ति बंटी के माध्यम से इस धनराशि को अपने पास तक मंगाते हैं। इससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित चौधरी, विजय गुप्ता, दिनेश चौधरी और प्राइवेट कर्मचारी बंटी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी।
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कार्यालय के बाहर तक फैला है असली नेटवर्क
एआरटीओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा रुपये वसूलने के मामले में भले ही रिपोर्ट दर्ज हुई है लेकिन असली नेटवर्क कार्यालय के बाहर फैला है। स्थानीय लोगोें का कहना है एआरटीओ कार्यालय के आसपास 20 से अधिक लोगों ने स्थायी या अस्थायी रूप से अपने खोखे बना रखे हैं। वे लाइसेंस, आरसी, परमिट, फिटनेस, टैक्स और अन्य कार्य कम समय में कराने का दावा करते हैं। संवाद
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बिचौलियों का बोलबाला
एआरटीओ कार्यालय में बिचौलियों का भी खूब बोलबाला है, जिस कारण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। लर्निंग लाइसेंस के मामले में ऑनलाइन टेस्ट की व्यवस्था को बाईपास करके बिना परीक्षा के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं। फिर चाहे आपके पास गाड़ी चलाने का अनुभव हो या नहीं, सिर्फ 1500 से 2000 रुपये बिचौलिये को देकर परीक्षा दिए बगैर लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा। इतना ही नहीं, 3500 से 4000 रुपये में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर आपके घर भिजवा देंगे। संवाद
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एआरटीओ को नहीं पता कितने समय से कार्यालय में तैनात हैं कर्मचारी
एआरटीओ कार्यालय में लापरवाही हर स्तर पर है। वसूली के खेल में कोई बचा नहीं है। इसलिए एक दूसरे के बचाव में ज्यादातर कर्मचारी और अधिकारी नजर आ रहे हैं। संभल के एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी को तो यह भी नहीं पता कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है वह कितने समय से कार्यालय में काम कर रहे हैं। जबकि एआरटीओ की तैनाती को कई महीने हो चुके हैं। कहा जाए तो लापरवाही हर स्तर पर है।
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कर्मचारियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया है। उसकी विभागीय जांच होगी। उसके आधार पर इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ, संभल
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भ्रष्टाचार के मामले में एआरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के खिलाफ संभल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कुलदीप सिंह, सीओ, संभल