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Sambhal News: डॉक्टर कम, एक्सरे होते नहीं... कहां जाएं मरीज
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संभल। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के प्रयास नहीं होने की वजह से इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल का हाल भी बेहाल है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की तैनाती नहीं है और न ही मरीजों का एक्सरे हो रहा है। पानी के समुचित इंतजाम नहीं हैं तो आवासीय परिसर जर्जर हालत में है। गर्भवती महिलाओं के प्रसव की जिम्मेदार स्टाफ नर्स निभा रही हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल में चिकित्सा अधीक्षक सहित 12 पद स्वीकृत हैं लेकिन तैनाती सिर्फ पांच पदों पर ही है और सात पद खाली हैं। यहां फिजीशियन, सर्जन, गाइनाकोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चार डॉक्टरों की तैनाती है। इन्हीं डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के नहीं होने की वजह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बात बुनियाादी सुविधाओं की करें तो मरीजों को पानी के लिए भी लाले हैं। दो प्याऊ खराब पड़े हुए हैं। अब मौसम बदल गया है तो मरीजों को प्यास बुझाने में परेशानी हो रही है। अस्पताल का आवासीय परिसर बेहद जर्जर हालत में है। आवासों का लिंटर आगे की तरफ से टूट चुका है।
दीवारें चटकी हुई हैं और छज्जे के टूटकर गिरने की वजह से सरिये तक दिख रहे हैं। खास बात यह है कि इन आवासों में कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में हर समय हादसे का खतरा बढ़ा हुआ है। जानकारी यह भी है कि कर्मचारी नियमानुसार किराया भी भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि जर्जर हो चुके आवासीय परिसर की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही या फिर कर्मचारियों को दूसरे आवास बनाकर दिए जाने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी।
स्टाफ नर्स कराती हैं प्रसव, नहीं हो रहे एक्सरे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली गर्भवती महिलाओं के प्रसव की व्यवस्था है लेकिन यह जानकारी हैरानी होगी कि यहां प्रसव की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स उठा रही हैं। एक महीने में करीब 150 प्रसव हो जाते हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों के एक्सरे भी नहीं हो रहे हैं। हालांकि एक्सरे मशीन है लेकिन उसके संचालन के लिए टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। डॉक्टर जिन मरीजों को एक्सरे लिखते हैं उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।
डॉक्टरों की तैनाती और जर्जर आवासों को लेकर समय-समय पर पत्राचार किया गया है। एक्सरे मशीन के संचालन के लिए भी टेक्नीशियन की तैनाती भी शासन स्तर से ही होनी है। हमारा प्रयास यही रहता है कि मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
- डॉ. मनीष अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी संभल
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल में चिकित्सा अधीक्षक सहित 12 पद स्वीकृत हैं लेकिन तैनाती सिर्फ पांच पदों पर ही है और सात पद खाली हैं। यहां फिजीशियन, सर्जन, गाइनाकोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चार डॉक्टरों की तैनाती है। इन्हीं डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों के नहीं होने की वजह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बात बुनियाादी सुविधाओं की करें तो मरीजों को पानी के लिए भी लाले हैं। दो प्याऊ खराब पड़े हुए हैं। अब मौसम बदल गया है तो मरीजों को प्यास बुझाने में परेशानी हो रही है। अस्पताल का आवासीय परिसर बेहद जर्जर हालत में है। आवासों का लिंटर आगे की तरफ से टूट चुका है।
दीवारें चटकी हुई हैं और छज्जे के टूटकर गिरने की वजह से सरिये तक दिख रहे हैं। खास बात यह है कि इन आवासों में कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में हर समय हादसे का खतरा बढ़ा हुआ है। जानकारी यह भी है कि कर्मचारी नियमानुसार किराया भी भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि जर्जर हो चुके आवासीय परिसर की मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही या फिर कर्मचारियों को दूसरे आवास बनाकर दिए जाने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी।
स्टाफ नर्स कराती हैं प्रसव, नहीं हो रहे एक्सरे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली गर्भवती महिलाओं के प्रसव की व्यवस्था है लेकिन यह जानकारी हैरानी होगी कि यहां प्रसव की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स उठा रही हैं। एक महीने में करीब 150 प्रसव हो जाते हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों के एक्सरे भी नहीं हो रहे हैं। हालांकि एक्सरे मशीन है लेकिन उसके संचालन के लिए टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। डॉक्टर जिन मरीजों को एक्सरे लिखते हैं उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।
डॉक्टरों की तैनाती और जर्जर आवासों को लेकर समय-समय पर पत्राचार किया गया है। एक्सरे मशीन के संचालन के लिए भी टेक्नीशियन की तैनाती भी शासन स्तर से ही होनी है। हमारा प्रयास यही रहता है कि मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
- डॉ. मनीष अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी संभल
