UP: इरम से नहीं हो सकी पति और परिजनों की मुलाकात, जासूसी के शक में हुई गिरफ्तार; पति ने लगाया ये आरोप
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार इरम से शुक्रवार को परिजनों की जेल में मुलाकात नहीं हुई। पति फैजान का दावा है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया। एटीएस जांच कर रही है।
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यूपी के संभल जिले में जासूसी के शक में गिरफ्तार दीपा सराय निवासी इरम उर्फ महक के पति फैजान समेत अन्य परिजनों की मुलाकात शुक्रवार को भी जेल में नहीं हो सकी। वह मायूस होकर लौट आए हैं। इरम गाजियाबाद जिले की जेल में बंद है। पति का कहना है कि उनकी पत्नी को किसी साजिश के तहत फंसाया गया है। वह कम पढ़ी लिखी होकर जासूसी कैसे कर सकती है। उसका घर से आना जाना भी कम रहता था। पति का कहना है मुलाकात के बाद ही सही जानकारी सामने आएगी। अभी तक कुछ भी समझ नहीं आ रहा है।
इरम पर आरोप है कि उसने दिल्ली-एनसीआर में स्थित सुरक्षा बलों के ठिकानों के फोटो, लोकेशन और वीडियो विदेश भेजे हैं। मोबाइल में इसके प्रमाण होने का दावा गाजियाबाद पुलिस कर चुकी है। इसी क्रम में गिरफ्तारी की गई थी। 12 मार्च से अभी तक इरम की मुलाकात परिजनों से नहीं हुई है। वहीं, दूसरी ओर खुफिया एजेंसी और यूपी एटीएस की संभल यूनिट भी इरम को लेकर छानबीन कर रही है कि वह किस-किस के संपर्क में रहती थी।
सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म भी खंगाले जा रहे हैं। ताकि संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी मिल सके। एटीएस की टीम इरम के परिवार और संपर्क में रहे 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। इरम का पति फैजान ट्रक चालक है। इरम का दो वर्ष का बेटा है और वह इस समय अपने पिता के परिजनों के पास है। उसका भी रो रोकर बुरा हाल है।
परिजनों का बैंक खाता होने से भी इन्कार
इरम के मायके और ससुराल की आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है। पति ट्रक चालक है और मायके वाले भी खेती किसानी से जुड़े हैं। मायके में भी कोई बैंक खाता नहीं था। इरम के पति के बहनोई अधिवक्ता आफताब हुसैन का कहना है कि मुलाकात तो अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन परिजनों की जानकारी में कोई बैंक खाता नहीं है।
क्योंकि आय के इतने जरिये नहीं है कि बैंक खाते में रुपये जमा करने पड़ते। मुलाकात के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी कि कोई बैंक खाता है या नहीं। परिजनों की जानकारी में कोई बैंक खाता नहीं है। आफताब हुसैन का कहना है कि इरम तो सीधे स्वभाव की है। वह इस नेटवर्क में कैसे फंस गई या किसी साजिश के तहत फंसाया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।