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Sambhal News: बेसन में मिले कीड़े, अरहर की दाल में मिला सिथेंटिक कलर
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बहजोई(संभल)। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जिले भर में की गई चेकिंग के दौरान प्रयोगशाला में जांच के बाद मिली रिपोर्ट में बेसन व व्हीट ब्रान (चोकर), अरहर दाल व रिफाइंड (राइस ब्रान ऑयल) समेत खाद्य पदार्थों पांच सैंपल असुरक्षित (अनसेफ) मिले तथा अमूल घी का एक सैंपल फेल मिला। अनसेफ मिले खाद्य पदार्थों को लेकर विभाग की ओर से कोर्ट में वाद दायर किए जाने की बात कही गई है।
सहायक आयुक्त, खाद्य मानवेंद्र सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जुलाई में चेकिंग के दौरान रजपुरा के गंवा के मोहल्ला कब्रिस्तान के निकट से बेसन तथा संभल में मोहल्ला ठेर के अश्वनी गुप्ता की दुकान से व्हीट ब्रान (चोकर) का सैंपल लिया गया था। वहीं, अगस्त में मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर चंदौसी-बहजोई के बीच गांव मझावली चौराहा के निकट स्थित बीकानेर एक्सप्रेस होटल से अरहर की दाल तथा नवंबर में बहजोई के ऊपरकोट के हिमांशु गुप्ता के गोदाम से रिफाइंड (राइस ब्रान ऑयल) का सैंपल लिया गया था।
इसके अलावा अगस्त में सिरसी के मोहल्ला गुन्नौरी में तौफीक की दुकान से मस्टर्ड ऑयल (सरसों के तेल), सैंपल लिया गया था। साथ ही, अगस्त में संभल में मोहल्ला कोट पूर्वी के मुकेश अरोरा की दुकान से अमूल घी का सैंपल लिया गया था। एसीएफ ने बताया कि जांच के बाद प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट में बेसन में लिविंग एंड डेड इंसेक्ट (जीवित व मृत कीड़े), व्हीट ब्रान में (कीड़े) तथा अरहर की दाल में टारट्राजिन (सिंथेटिक या प्रतिबंधित कलर) मिला।
रिफाइंड मानक से अधिक समय पुराना था। तथा मस्टर्ड ऑयल में बटर यलो (सिंथेटिक या प्रतिबंधित कलर) मिला। इसके अलावा अमूल घी की गुणवत्ता खराब मिली। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित होटल के लाइसेंसी संचालक संचित अग्रवाल व प्रबंधक धर्मेंद्र यादव समेत अन्य दुकानदारों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में वाद दायर करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमोदन लिया गया है। अनुमोदन मिलने के बाद इन सभी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
कम से कम तीन माह की सजा या तीन लाख रुपये के जुर्माने का है प्रावधान
एसीएफ मानवेंद्र सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थ का सैंपल अनसेफ मिलने पर संबंधित कंपनी, होटल व दुकान आदि के संचालक के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। इसमें कम से कम तीन माह की सजा व तीन लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
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सहायक आयुक्त, खाद्य मानवेंद्र सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जुलाई में चेकिंग के दौरान रजपुरा के गंवा के मोहल्ला कब्रिस्तान के निकट से बेसन तथा संभल में मोहल्ला ठेर के अश्वनी गुप्ता की दुकान से व्हीट ब्रान (चोकर) का सैंपल लिया गया था। वहीं, अगस्त में मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर चंदौसी-बहजोई के बीच गांव मझावली चौराहा के निकट स्थित बीकानेर एक्सप्रेस होटल से अरहर की दाल तथा नवंबर में बहजोई के ऊपरकोट के हिमांशु गुप्ता के गोदाम से रिफाइंड (राइस ब्रान ऑयल) का सैंपल लिया गया था।
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इसके अलावा अगस्त में सिरसी के मोहल्ला गुन्नौरी में तौफीक की दुकान से मस्टर्ड ऑयल (सरसों के तेल), सैंपल लिया गया था। साथ ही, अगस्त में संभल में मोहल्ला कोट पूर्वी के मुकेश अरोरा की दुकान से अमूल घी का सैंपल लिया गया था। एसीएफ ने बताया कि जांच के बाद प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट में बेसन में लिविंग एंड डेड इंसेक्ट (जीवित व मृत कीड़े), व्हीट ब्रान में (कीड़े) तथा अरहर की दाल में टारट्राजिन (सिंथेटिक या प्रतिबंधित कलर) मिला।
रिफाइंड मानक से अधिक समय पुराना था। तथा मस्टर्ड ऑयल में बटर यलो (सिंथेटिक या प्रतिबंधित कलर) मिला। इसके अलावा अमूल घी की गुणवत्ता खराब मिली। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित होटल के लाइसेंसी संचालक संचित अग्रवाल व प्रबंधक धर्मेंद्र यादव समेत अन्य दुकानदारों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में वाद दायर करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमोदन लिया गया है। अनुमोदन मिलने के बाद इन सभी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।
कम से कम तीन माह की सजा या तीन लाख रुपये के जुर्माने का है प्रावधान
एसीएफ मानवेंद्र सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थ का सैंपल अनसेफ मिलने पर संबंधित कंपनी, होटल व दुकान आदि के संचालक के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। इसमें कम से कम तीन माह की सजा व तीन लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
