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बीवी ने पति को बनाया जिंदा लाश: गैर के प्यार पागल थी कहकशां, मिली उम्रकैद की सजा; झकझोर देगी जज की टिप्पणी

संवाद न्यूज एजेंसी, चंदाैसी Published by: विकास कुमार Updated Tue, 02 Jun 2026 08:40 PM IST
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सार

कहकशां लड़ाई झगड़ा करती रहती थी और गलत प्रवृत्ति में पड़ गई थी। पति से तलाक मांगती थी। इसमें कहकशां के परिवार के लोग भी साथ देते थे। कहकशां के मायके वालों ने कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी रंजिश के चलते छह मार्च 2025 को उन लोगों के कहने पर रात के खाने में मुजफ्फर अली को नशीला पदार्थ डाल कर खाना खिला दिया था। 

Judge Observation Law Cannot Remain Silent Spectator in Case of Blinding Husband by Throwing Acid
कहकशां को उम्रकैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दूसरे युवक से अवैध संबंधों के चलते पति पर तेजाब डालकर उसे जिंदा लाश बनाने वाली पत्नी को सजा सुनाने से पहले अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब दांपत्य जीवन और सामाजिक व्यवस्था पर कुठाराघात करने वाली यदि पत्नी ही हो तो उसे वैवाहिक जीवन की सत्यता, विश्वास और भरोसा न केवल पति के ही दिल को तोड़ती है बल्कि परिवार, समाज को हिला देती है। तो ऐसी स्थिति में कानून भी मूकदर्शक होकर नहीं बैठ सकता। 

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हिला देगी जज की टिप्पणी
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव के अनुसार फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिए गए अपने 60 पेज के आदेश में महिला कहकशां द्वारा पति पर तेजाब डालने के मामले में टिप्पणी की गई कि एक पत्नी द्वारा अपने द्वारा बनाए गए अवैध संबंधों को लेकर जब अभियुक्ता की अपने पति से कहासुनी हुई तब उसकी प्रतिक्रिया में उसने तेजाब पति पर डाल दिया, जिससे पति का जीवन न केवल संकटमय हो गया, बल्कि उसकी आंखों की ज्योति भी चली गई, चेहरा पूरी तरह विक्षत हो गया याती कि पूरे चेहरे की नाक-कान और मुंह और सिर पर इस कदर ज्वलनशील घाव हो गया कि उसका जिंदा रहना मृत्यु के समान हो गया है और यदि वह जिंदा भी है, तो न तो आंखों में उसकी रोशनी है, न चेहरे पर त्वचा और लालिमा है, न ही चेहरे की सुंदरता है। वह तो केवल और केवल जीवन की एक सांस मात्र है। जो उसे यकीन दिलाता है कि उसका जीवन अब उसका नहीं रहा, बल्कि किसी दूसरे पर आश्रित हो गया है। केवल और केवल एक ईश्वर को ही याद कर सकता है कि उसे मौत आ जाए तो ही उसे मुक्ति मिलेगी। तो ऐसी स्थिति में कानून भी मूकदर्शक होकर नहीं बैठ सकता। 

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प्यार में अंधी महिला ने तेजाब फेंक छीन ली थीं पति की आंखें, अब जेल में कटेगी उम्र
प्यार में अंधी महिला ने अपने पति के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया, इससे उसका चेहरा झुलस गया आंखें चली गईं। घटना वर्ष 2025 में संभल थाना क्षेत्र में घटी। मुकदमा चला तो मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 सुनवाई के बाद ही महिला को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को फार्स्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी महिला को आजीवन कारावास और 176000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।   

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वादिनी नाजुक ने 24 मार्च 2025 को एक प्रार्थनापत्र पुलिस अधीक्षक को दिया था। इसमें बताया कि उसके भाई मुजफ्फर अली काफी समय से अपना मकान बनाकर मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद थाना संभल में रह रहे थे। जो इंवर्टर बैटरी का काम करता है। जिनके दो बच्चे हैं। कथानक इस प्रकार है कि वादिनी नाजुक ने 24 मार्च 2025 को एक प्रार्थनापत्र एसपी को दिया था। इसमें बताया कि उसके भाई मुजफ्फर अली काफी समय से मकान बनाकर मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद थाना संभल में रह रहे थे। जो इंवर्टर बैटरी का काम करता है। जिनके दो बच्चे हैं। 

भाई की पत्नी कहकशां लड़ाई झगड़ा करती रहती थी और गलत प्रवृत्ति में पड़ गई थी। भाई की पत्नी तलाक मांगती थी। इसमें कहकशां के परिवार के लोग भी साथ देते थे। कहकशां के मायके वालों ने कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी रंजिश के चलते छह मार्च 2025 को उन लोगों के कहने पर रात के खाने में मुजफ्फर अली को नशीला पदार्थ डाल कर खाना खिला दिया था। अगले दिन सात मार्च को सुबह छह बजे भाई की पत्नी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर में थी। इसी दौरान भाई मुजफ्फर की आंख खुल गई। इससे अज्ञात व्यक्ति भाग गया। कहकशां ने घर में बाल्टी रखा तेजाब मुजफ्फर के चेहरे पर जान से मारने की नीयत से फेंक दिया। मुजफ्फर का चेहरा और शरीर झुलस गया। मुजफ्फर की दोनों आंखें चली गईं। 

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में कहकशां के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट पीठासीन अधिकारी गोपाल जी के न्यायालय में चल रही थी। एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने 27 मई को महिला कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था और एक जून दिन सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाए जाने की तिथि निर्धारित कर दी थी। सोमवार न्यायालय ने महिला को सजा सुनाई। उम्रकैद और 176000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित मुजफ्फर अली को प्रदान की जाएगी।

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