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Sambhal News: अब ऑनलाइन प्लेटफार्म पर छाएंगे गोबर से बने उत्पाद
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बनियाठेर। दिल में अगर कुछ करने का जज्बा हो तो क्या नहीं किया जा सकता। यह साबित किया है ब्लॉक बनियाठेर के गांव बनियाखेड़ा की समूह की महिलाओं ने। उन्होंने गोबर से उत्पाद बनाकर अपनी आर्थिक मजबूती की ओर कदम बढ़ाए। उनका यह कदम अब केवल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े शहरों तक उनके उत्पाद पहुंचेंगे। और यह सब होगा ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म के जरिये।
जिले के 1300 महिला समूहों को मात देकर क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) द्वारकाधीश संकुल स्तरीय संघ बनियाखेड़ा के ब्लॉक स्तरीय चार सीएलएफ के एक मात्र गोमय उत्पादों का चयन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत लखनऊ से किया गया है। इसके विपणन तथा उपयुक्त बाजार और प्लेटफार्म देने के लिए ऑनलाइन सिस्टम से करार किया जा रहा है।
क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की अध्यक्ष और लखपति दीदी अनुपमा सिंह ने बताया कि उनके पास कुल 400 समूह हैं। जिनकी वह अध्यक्ष हैं। जिनमें द्वारकाधीश संकुल स्तरीय संघ बनियाखेड़ा को सलेक्ट किया गया है। शुरुआत में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संभल जिले के पूर्व जिलाधिकारी के अथक प्रयासों एवं सहयोग से गोमय उत्पादों को एक विस्तृत बाजार में जगह मिली। इसके बाद उत्पादों की बिक्री तेजी से बढ़ने लगी और समूह की महिलाओं की आय में भी सुधार होना प्रारंभ हो गया। इससे प्रभावित होकर धीरे-धीरे अन्य महिलाएं भी समूह से जुड़ती चली गईं। उनके गोमय प्रोडक्ट ऑनलाइन कंपनियों को भेजने शुरू हो गए हैं।
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गोमय उत्पाद के प्रोडक्ट
चौकी, पटला, देवी देवताओं की मूर्ति, मोबाइल स्टैंड, थाली, रेडियम चिप, माला, चटाई, धूपबत्ती, दीया, गदा, लक्ष्मी चरण, राम दरबार आदि हैं। जिन्हें समूह की महिलाओं द्वारा बना कर ऑनलाइन कंपनियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
नोट: ऑनलाइन कंपनियां, मीशो, फ्लिपकार्ट, अमेजन पर करार दिया गया है।
जिले के 1300 महिला समूहों को मात देकर क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) द्वारकाधीश संकुल स्तरीय संघ बनियाखेड़ा के ब्लॉक स्तरीय चार सीएलएफ के एक मात्र गोमय उत्पादों का चयन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत लखनऊ से किया गया है। इसके विपणन तथा उपयुक्त बाजार और प्लेटफार्म देने के लिए ऑनलाइन सिस्टम से करार किया जा रहा है।
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क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की अध्यक्ष और लखपति दीदी अनुपमा सिंह ने बताया कि उनके पास कुल 400 समूह हैं। जिनकी वह अध्यक्ष हैं। जिनमें द्वारकाधीश संकुल स्तरीय संघ बनियाखेड़ा को सलेक्ट किया गया है। शुरुआत में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संभल जिले के पूर्व जिलाधिकारी के अथक प्रयासों एवं सहयोग से गोमय उत्पादों को एक विस्तृत बाजार में जगह मिली। इसके बाद उत्पादों की बिक्री तेजी से बढ़ने लगी और समूह की महिलाओं की आय में भी सुधार होना प्रारंभ हो गया। इससे प्रभावित होकर धीरे-धीरे अन्य महिलाएं भी समूह से जुड़ती चली गईं। उनके गोमय प्रोडक्ट ऑनलाइन कंपनियों को भेजने शुरू हो गए हैं।
गोमय उत्पाद के प्रोडक्ट
चौकी, पटला, देवी देवताओं की मूर्ति, मोबाइल स्टैंड, थाली, रेडियम चिप, माला, चटाई, धूपबत्ती, दीया, गदा, लक्ष्मी चरण, राम दरबार आदि हैं। जिन्हें समूह की महिलाओं द्वारा बना कर ऑनलाइन कंपनियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
नोट: ऑनलाइन कंपनियां, मीशो, फ्लिपकार्ट, अमेजन पर करार दिया गया है।