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Sambhal News: सप्ताह में एक दिन आईटीसी लैब में पढ़ेंगे कक्षा छह से आठ तक के बच्चे
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चंदौसी। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई अब और रोचक बनाने की तैयारी की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि छह से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आईसीटी लैब में पढ़ाया जाए। इससे बच्चों को किताबों के साथ कंप्यूटर और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी पढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे विषयों को समझना आसान होगा और उनकी सीखने में रुचि बढ़ेगी।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें लगभग डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। नए शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत छह से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आईसीटी लैब में पढ़ाया जाएगा।
लैब में उपलब्ध कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल संसाधनों की मदद से बच्चों को विषयवार अध्ययन कराया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और वे विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
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साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी तकनीक आधारित शिक्षा से जुड़ सकेंगे। विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पाठ्यक्रम के अनुसार आईसीटी लैब का उपयोग कर बच्चों को पढ़ाएं, ताकि उनमें तकनीकी समझ विकसित हो और वे बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आईसीटी लैब में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और विषयों को समझने में आसानी होगी। साथ ही, उनमें तकनीकी जानकारी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें लगभग डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। नए शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत छह से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आईसीटी लैब में पढ़ाया जाएगा।
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लैब में उपलब्ध कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल संसाधनों की मदद से बच्चों को विषयवार अध्ययन कराया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और वे विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी तकनीक आधारित शिक्षा से जुड़ सकेंगे। विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पाठ्यक्रम के अनुसार आईसीटी लैब का उपयोग कर बच्चों को पढ़ाएं, ताकि उनमें तकनीकी समझ विकसित हो और वे बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आईसीटी लैब में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और विषयों को समझने में आसानी होगी। साथ ही, उनमें तकनीकी जानकारी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।