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Sambhal News: गांव से पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा
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जुनावई। गंगा का जलस्तर घटने के बाद जुनावई क्षेत्र के गांवों से बाढ़ का पानी निकल गया है। हालांकि, अब संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई के चिकित्सा अधीक्षक विरास यादव के निर्देश पर उदिया नगला गांव में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने शिविर में 45 बीमार ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद सभी मरीजों को निशुल्क दवाइयां दी गईं। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को संक्रमण से बचाव के लिए पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी। विरास यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि प्रभावित गांव में अब पानी नहीं है। क्षेत्र का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। गंगा का पानी बझांगी गांव से करीब 50 से 60 मीटर की दूरी पर है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें नष्ट होने की फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद हल्का लेखपालों के माध्यम से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जाएगी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई के चिकित्सा अधीक्षक विरास यादव के निर्देश पर उदिया नगला गांव में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने शिविर में 45 बीमार ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद सभी मरीजों को निशुल्क दवाइयां दी गईं। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को संक्रमण से बचाव के लिए पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी। विरास यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
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उपजिलाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि प्रभावित गांव में अब पानी नहीं है। क्षेत्र का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। गंगा का पानी बझांगी गांव से करीब 50 से 60 मीटर की दूरी पर है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें नष्ट होने की फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद हल्का लेखपालों के माध्यम से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जाएगी।
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